राजधानी से लगे नकटी गांव में सोमवार तड़के प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। प्रभावित परिवारों ने प्रदर्शन किया, सांसद से मिले, अधिकारियों से रोते हुए कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई और आक्रोश में जेसीबी चालक पर पत्थर भी फेंके, लेकिन कार्रवाई नहीं रुकी। प्रशासन ने वार्ड 16 और 17 में 77 अतिक्रमण हटाए, जिनमें करीब 60 मकान तथा बाउंड्रीवाल और फेंसिंग से किए गए कब्जे शामिल थे। बड़ी संख्या में राजस्व अधिकारी और पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलते रहे। टीम प्रहरी, कोटवार और नगर निगम के काऊ कैचर वाहनों से लोगों का सामान नवा रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस मकानों तक पहुंचाया गया। बाहरी लोगों और राजनीतिक संगठनों को रोकने के लिए गांव के तीनों प्रवेश मार्गों पर तीन स्तरीय बैरिकेडिंग की गई। माना एयरपोर्ट मार्ग से मुख्य बस्ती तक पुलिस तैनात रही। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई और ड्रोन से भी निगरानी रखी गई। प्रशासन- अतिक्रमण था, ग्रामीण बोले- सुविधाएं मिलीं तो अतिक्रमण कैसे? प्रशासन का कहना है कि 9 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर 77 अतिक्रमण थे। वहीं भारती साहू, सोनी यादव, मुकुंद साहू समेत सैकड़ों ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं। गांव में बिजली, पानी जैसी सरकारी सुविधाएं मिलीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 22 मकान बने और पांच नए हितग्राहियों के नाम भी स्वीकृत हुए। ऐसे में अब उसी जमीन को अवैध अतिक्रमण बताया जा रहा है। नवा रायपुर नया ठिकाना… अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन ने सभी प्रभावित परिवारों को नवा रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में अस्थायी रूप से शिफ्ट कर दिया है। झड़प-पत्थरबाजी, नारेबाजी भी
