छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजी-पीएससी) की विवादित परीक्षाओं की कड़ी में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। वर्ष 2019 में विज्ञापित असिस्टेंट प्रोफेसर के 27 विषयों के 1384 पदों पर हुई भर्ती अब भारी गड़बड़ी और ‘सेटिंग’ के आरोपों के घेरे में है। नवंबर 2020 में आयोजित इस परीक्षा की अंतिम चयन सूचियां जनवरी 2021 से 2025 के बीच जारी की गईं। दैनिक भास्कर द्वारा एक्सपर्ट्स और एआई के माध्यम से 27 में से 11 प्रमुख विषयों के परिणामों का डेटा एनालिसिस करने पर बेहद चौंकाने वाला ‘सीरीज सिलेक्शन’ (क्लस्टर सलेक्शन) पैटर्न सामने आया है। यानी एक के बाद एक रोल नंबर वाले अभ्यर्थियों का लिखित परीक्षा में चयन हुआ। जैसे- वाणिज्य में रोल नंबर 190206100102 से 127 तक, कुल 26 रोल नंबर आते हैं। रोल नंबर 107, 110, 115, 122 को छोड़ 24 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में पास हुए। हर विषय में ऐसी कई सीरीज है। इनमें से ही बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों के नाम अंतिम चयन में मिले हैं। अब सवाल यह है कि सीजीपीएससी में यह इत्तेफाक है या सेटिंग क्योंकि कभी ऐसा नहीं हुआ। सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि भर्ती परीक्षा पूर्व पीएससी अध्यक्ष (रिटायर्ड आईएएस) टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल में हुई। इनके ही कार्यकाल में, पीएससी 2021 मुख्य परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, जिसमें शासन-प्रशासन में बैठे अधिकारियों के बेटे-बेटियों, रिश्तेदारों का चयन हुआ था। मामले की सीबीआई जांच चल रही है। भास्कर से कई अभ्यर्थियों, प्रोफेसर्स और पीएससी अधिकारियों ने भी यह शिकायत की कि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। लिखित शिकायत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को हो चुकी है। पीएससी सचिव राहुल वेंकट ने कहा- शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, मैं चेक करके ही बता पाउंगा। लिखित परीक्षा की कुछ और प्रमुख सीरीज वनस्पति शास्त्र (नोट- ये कुछ बड़ी सीरीज हैं। 3-3, 4-4 नंबर की सीरीज बहुत अधिक हैं। ये हर विषय में दिखाई देती हैं।) भर्ती परीक्षा पर सवाल इसलिए भी क्योंकि इसी दौरान पीएससी 2021 की भी तैयारी चल रही थी
असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती परीक्षा 5-6 नवंबर 2020 को हुई थी। जनवरी 2021 से जुलाई-अगस्त 2021 तक इंटरव्यू हुए। इसी दौरान यानी जुलाई 2020 से जनवरी 2022 के बीच टामन सिंह सोनवानी, आरती वासनिक और जीके ध्रुव ने पीएससी 2021 में अपनों के चयन की पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया। पेपर लीक किए। कई नियम भी बदलवाए। दो अधिकारियों के दावों को प्रमुखता से पढ़िए, जो सबसे महत्वपूर्ण हैं किसी परीक्षा में इतने ज्यादा इत्तेफाक नहीं हो सकते भास्कर ने सीरीज सिलेक्शन को समझने के लिए प्रमुख विषयों के अलग-अलग लिखित परीक्षा परिणाम को रोल नंबर के हिसाब से 4 हिस्सों में बांटा गया, जैसे 100 रोल नंबर को 25-25-25-25 प्रतिशत में। इसके एनालिसिस से यह स्पष्ट हुआ कि शुरू के 25 प्रतिशत रोल नंबर वाले सर्वाधिक सिलेक्ट हुए…। क्या है सीरीज (क्लस्टर) इफेक्ट?
जांच में कई विषयों की चयन सूची में ऐसी कई सीरीज सामने आई हैं जिनमें लगातार रोल नंबर वाले अभ्यर्थियों का सामूहिक चयन हुआ। कुछ मामलों में लगातार 3, 4, 5, 6 रोल नंबरों वाले सभी अभ्यर्थी अंतिम चयन सूची में शामिल हुए। भर्ती परीक्षाओं में ऐसे पैटर्न बनना संभव नहीं है.. देखिए, पीएससी की किसी भी लिखित परीक्षा या अंतिम चयन में सीरीज में या बल्क में पास होना नामुमकिन है। यह तभी संभव है जब कॉम्प्रोमाइज हुआ हो। निश्चित तौर पर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की जांच होनी चाहिए।
-आरएस विश्वकर्मा, पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पीएससी (2015-17 तक)
