ठेकेदार की लापरवाही और अधिकारियों की मॉनिटरिंग की कमी के चलते खारुन ओवरब्रिज पर दो महीने पहले ही बनी सड़क उखड़ गई। ब्रिज पर कई जगह गड्ढे हो गए हैं। इसके चलते ओवरब्रिज पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और गाड़ियां हिचकोले खा रही हैं। बताया जा रहा है कि मरम्मत के बाद ओवरब्रिज पर ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त नहीं किया गया। इसके चलते बारिश का पानी ओवरब्रिज पर जमा हो गया और सड़क खराब हो गई। दरअसल, दो महीने पहले खारुन ओवरब्रिज की 16 करोड़ की लागत से मरम्मत की गई थी। ओवरब्रिज के एक हिस्से को करीब 15 दिनों तक बंद रखकर नई सड़क बनाई गई थी, लेकिन यह सड़क दो महीने में ही उखड़ गई। इसके चलते इस रूट से गुजरने वाले करीब 1.50 लाख वाहन चालक रोज परेशान हो रहे हैं। 1 अप्रैल से शुरू हुई थी मरम्मत, महीनेभर के लिए ट्रैफिक किया गया था डायवर्ट 1 अप्रैल से खारुन ओवरब्रिज की पुरानी लेन को बंद कर मरम्मत का कार्य शुरू किया गया था। इसके लिए ट्रैफिक विभाग ने पूरा रूट डायवर्ट किया था। 17 अप्रैल को काम पूरा होने के बाद रात लगभग 8:15 बजे पुल दोबारा खोल दिया गया। इस दौरान एनएच ने यह भी दावा किया था कि पुल खोलने के बाद रेलिंग, रोड मार्किंग, पेंटिंग जैसे फिनिशिंग कार्य ट्रैफिक प्रभावित किए बिना आगे जारी रहेंगे। बारिश का पानी जमा होने के चलते दो से तीन जगहों पर ऐसी स्थिति निर्मित हुई है, जल्द से जल्द सुधार कार्य करा लेंगे। इसके लिए ठेकेदार को निर्देश जारी किया जा चुका है।
गोविंद अहिरवार, ईई, एनएच
