कसडोल हत्याकांड सुलझा:8 लोगों को शराब में जहर देकर मारने वाला साइको किलर गिरफ्तार

जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में पिछले चार माह के दौरान हुई आठ रहस्यमयी मौतों के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। गांव के ही निवासी रामसहाय जायसवाल (46) इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड निकला, जिसने बदला लेने, मानसिक कुंठा और पुरानी रंजिशों के चलते अपने परिचितों को शराब में जहर मिलाकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने सबसे पहले जहर मिले पदार्थ का परीक्षण एक कुत्ते पर किया था। परीक्षण सफल रहने के बाद उसने गांव के लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। जांच में आश्चर्यजनक रूप से यह तथ्य भी सामने आए हैं कि किसी को आरोपी पर शक न हो, इसलिए वह खुद बीमार पड़े लोगों को अस्पताल ले जाने में मदद करता था। इतना ही नहीं, मृतकों के कफन-दफन और अंतिम संस्कार में भी सक्रिय रूप से शामिल होता था। इसी वजह से लंबे समय तक किसी को उस पर संदेह नहीं हुआ। छोटी-छोटी रंजिश में की हत्या : पुलिस के मुताबिक आरोपी ने प्रत्येक हत्या के पीछे अलग-अलग कारण बताए हैं। किसी से गाली-गलौज का विवाद था, किसी पर पत्नी के प्रति गलत नजर रखने का शक था, किसी से जमीन का विवाद था, तो किसी पर टोना-टोटका करने की आशंका थी और किसी से चुनावी रंजिश रखता था। एक व्यक्ति को इसलिए मौत के घाट उतारा, क्योंकि आरोपी ने उससे 50 हजार रुपए उधार लिए थे और ब्याज चुकाने से बचना चाहता था। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई, फिर जांच
पुलिस के अनुसार 6 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को आवेदन देकर फरवरी से मई 2026 के बीच गांव में हुई आठ संदिग्ध मौतों की जांच की मांग की थी। ग्रामीणों ने पहले ही रामसहाय जायसवाल पर संदेह जता दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन शुरू की। आईजी अमरेश मिश्रा की मॉनिटरिंग में एसपी ओपी शर्मा, एएसपी अभिषेक सिंह ने एसडीओपी कौशल किशोर वासनिक की अगुवाई में थाना प्रभारी प्रवीण मिंज, साइबर थाना प्रभारी प्रणाली वैद्य व उनकी टीम को जांच में लगाया। जांच के दौरान पुलिस ने दफन सात शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए रायपुर भेजा, जबकि एक मृतक बुधराम जायसवाल का अंतिम संस्कार परिजनों ने पहले ही कर दिया था। कब, किसकी, कैसे और क्यों की हत्या इनकी बच गई जान: 14 अप्रैल 2026 – आरोपी ने कार्तिक नामक ग्रामीण को भी जहर मिली शराब पिलाई थी, लेकिन समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बच गई। रिपोर्टर परमेश्वर डड़सेना के साथ- ओपी शर्मा, बलौदाबाजार एसपी सारे लोग मरने से ठीक पहले आरोपी से मिले थे, यहीं से संदेह और गहराया मामले की पहली जानकारी जब मिली, तो हमने जांच टीम बनाई। पहले तो ग्रामीण यही मान रहे थे कि लगातार हुई ये मौतें सामान्य ही हैं। लेकिन पुलिस ने एक साथ कई दिशाओं में जांच शुरू कर दी। सस्पेक्ट के कॉल रिकॉर्ड खंगाले। गड़े धन के कारण कहीं ये मौतें तो नहीं हुई, इस एंगल को देख रहे थे। या किसी ने बाहर से आकर संदेही को बहलाकर तो ऐसा नहीं कराया, इस पर भी सोच रहे थे। इस बीच कार्तिक नामक ग्रामीण से बात की। कार्तिक को भी शराब पिलाई गई थी, लेकिन वह अस्पताल से ठीक होकर लौटा था। यहीं से पुलिस को पहला क्लू मिला। वह जब लौटा, तो उसने बताया कि रामसहाय के साथ शराब पी थी। टीम इसी लाइन पर आगे बढ़ी,तो पता चला कि सभी मृतक मरने से पहले आरोपी के संपर्क में आए थे या देखे गए थे। रामसहाय पहले लोगों को साथ बैठकर शराब पीने के लिए बुलाता। जब लोग साथ बैठकी होती। इसी दौरान वह जहर मिली शराब पिला देता या जहरीली शराब की आधी बोतल देकर कह देता कि मैंने अपने हिस्से की पी ली, तुम इसे बाद में पी लेना। संदेही से जब हमने पूछताछ की, तो उसने टीम से दो टूक कहा कि साहब… एक ने मुझे गाली दी, तो उसे निपटा दिया… दूसरा मेरी पत्नी पर गलत नजर रखता था, तो उसे निपटा दिया…। वह गांव के लोगों से व्यवहार तो सामान्य ही रखता, लेकिन उसके मन में बैर भरा हुआ था।

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