छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग से संचालित सभी सरकारी और सीजी बोर्ड से संबद्ध निजी स्कूलों में अगले सत्र से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीबीएसई) की तर्ज पर प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र 16 जून के बजाय 1 अप्रैल से शुरू होगा। यह फैसला स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक में लिया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बताया कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और छात्रों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय देना है। इस संबंध में विभाग जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा। नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वार्षिक परीक्षा के परिणाम 31 मार्च तक हर हाल में जारी कर दिए जाएं। ड्रॉपआउट बच्चों की वापसी होगी 31 जुलाई तक
बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने ड्रॉपआउट (पढ़ाई छोड़ने वाले) बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एक विशेष अभियान चलाकर 31 जुलाई तक ऐसे बच्चों को स्कूलों में दोबारा प्रवेश दिलाया जाएगा। चुनौती: आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर में कमी आई है, लेकिन हाई स्कूल (माध्यमिक) स्तर पर अब भी 15.3% बच्चे पढ़ाई छोड़ रहे हैं, जिसे रोकना विभाग के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती है। यह चुनौती इसलिए भी गंभीर है क्योंकि कई परिवार आर्थिक तंगी के चलते बच्चों को स्कूल नहीं भेज पाते। क्यों पड़ी इस बदलाव की जरूरत? अध्ययन अवधि में समानता: अब तक सीबीएसई स्कूल 1 अप्रैल से पढ़ाई शुरू कर देते थे, जबकि सीजी बोर्ड के स्कूलों में कक्षाएं जून के मध्य से शुरू होती थीं। नया कैलेंडर इस अंतर को खत्म करेगा। समय की बचत: वर्तमान व्यवस्था में जून और जुलाई का काफी समय प्रवेश प्रक्रिया और किताबों के वितरण में ही निकल जाता था। अप्रैल से सत्र शुरू होने पर छात्रों को पढ़ाई के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। बेहतर परिणाम और रिवीजन: शिक्षकों को पाठ्यक्रम पूरा कराने के लिए लंबा समय मिलेगा। इससे बोर्ड परीक्षाओं से पहले रिवीजन, प्रैक्टिस टेस्ट और कमजोर छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं चलाना आसान होगा। गर्मी की छुट्टियों में भी लाभ: अप्रैल के आखिरी सप्ताह में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित होने से पहले ही छात्र लगभग एक महीने की पढ़ाई पूरी कर चुके होंगे। अगले साल से स्कूल शिक्षा का नया सत्र 1 अप्रैल से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। अभी पुस्तकों के वितरण का लक्ष्य जून तक रहता है, लेकिन कई बार यह जुलाई तक पहुंच जाता है। नई व्यवस्था में हमारी कोशिश है कि 1 अप्रैल से ही स्कूल खुलें, बच्चों को समय पर पुस्तकें मिलें।
-डॉ. कमलप्रीत सिंह, सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग
