दुधावा में आदमखोर तेंदुए की वापसी:पांच दिन में 3 ग्रामीणों पर तेंदुए का हमला सो रही बुजुर्ग महिला को 20 मीटर घसीटा

सरोना वन परिक्षेत्र के दुधावा क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए की वापसी के साथ ही इलाके में दहशत बढ़ गई है। पिछले पांच दिनों में ग्राम गट्टागुड़ूम में तेंदुआ तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुका है। आदमखोर तेंदुए के गांव में बार-बार आने, घरों में घुसने से ग्रामीण काफी डरे हुए हैं। 22 दिन पहले ही आदमखोर तेंदुआ दुधावा इलाके में एक ग्रामीण को मारकर खा चुका है। इसके बाद से वह लगातार आसपास के गांवों में दिख रहा है। सरोना वन परिक्षेत्र के गांव गट्टागुड़ूम में पिछले सप्ताह भर से तेंदुआ नजर आ रहा है। 17 जून, बुधवार सुबह 4 बजे तेंदुआ ग्रामीण धनेश कुंजाम (57) के घर में घुसा। उसने हमला कर दिया। इससे पहले उसने महिला बुधन उइके (65) पर हमला किया था। महिला घर में सो रही थी। इसी दौरान तेंदुआ वहां पहुंचा। वह महिला तक पहुंच गया। मौका देखकर वह महिला पर झपटा। उसने उसे दबोच लिया। वह उसे ले जाने लगा। अचानक हमले से महिला नींद से जाग गई। वह शोर मचाने लगी। अब घर से अकेले निकलने से बच रहे ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तेंदुआ गांव के आसपास घूम रहा है। वह जंगल से लगे क्षेत्रों में भी दिख रहा है। तेंदुए ने आसपास के गांवों में भी आतंक मचा रखा है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। लोग अकेले घर से निकलने से बच रहे हैं। वन रक्षक मुन्ना शोरी और वन अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि जंगल की ओर अकेले न जाएं। लाठी बनी सहारा, नहीं तो वह दोबारा हमला करता
मैं सुबह 4 बजे उठा। मैं बाथरूम गया। वहां से लौटकर आंगन में पड़ी खाट पर लेट गया। इस दौरान मेरी नींद नहीं पड़ी थी। उसी समय अचानक तेंदुआ आया। उसने मुझ पर हमला किया। उसने मेरा हाथ पकड़ लिया। मैंने उसे जोर से झटका देकर अलग किया। वह दूर फेंका गया। इसके बाद वह फिर से मुझ पर हमला करने लगा। वह गुर्राने लगा। खाट पर ही लाठी पड़ी थी। मैंने उसे लपककर उठा लिया। – जैसा तेंदुए के हमले में घायल धनेश कुंजाम ने भास्कर को बताया कोरमुड़ की घटना से पुष्टि हुई, यहां है आदमखोर तेंदुआ
दुधावा बांध से सटी पहाड़ी के नीचे, धमतरी जिले के बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव कोरमुड़ में 26 मई को चौथराम मंडावी (55) को तेंदुआ उठाकर ले गया था। उसकी लाश 28 मई को पहाड़ी में मिली। एक हाथ और पैर गायब था। पेट भी फटा था। इस घटना के 21 माह पहले, अगस्त 2024 में कोरमुड़ में ही तेंदुआ 4 साल के बच्चे को उठाकर ले गया था। उसने उसे मारकर खा लिया था। इसके बाद यहां आदमखोर तेंदुआ होने की पुष्टि हुई।

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