रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि अमेरिका भारत पर रूस के साथ उसके रिश्ते सहित कई मुद्दों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन इस तरह की कोशिशें बेकार हैं। भारत इसका विरोध करेगा। पुतिन ने PTI समेत दुनिया की प्रमुख न्यूज एजेंसियों के हेड से बातचीत के दौरान भारत और प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा- भारत एक महान देश है। भारत एक महान देश और लोकतंत्र है। रूस उसे अपना भरोसेमंद पार्टनर मानता है। रूसी राष्ट्रपति ने आगे कहा- भारत अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है। अमेरिका से उसके बढ़ते संबंधों से भारत-रूस की पार्टनरशिप पर कोई असर नहीं पड़ेगा। रूस के साथ उसके रिश्ते पहले की तरह मजबूत रहेंगे। पुतिन बोले- भारत-रूस के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर पहुंचेगा पुतिन ने कहा- हमें खुशी है कि भारत उन सभी देशों के साथ संबंध बढ़ा रहा है, जिन्हें वह अपने राष्ट्रीय हितों के लिए जरूरी मानता है। पुतिन ने भरोसा जताया कि आने वाले सालों में भारत और रूस के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा- भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सबसे तेज विकास दर वाले देशों में गिना जाता है। यह उपलब्धि अचानक नहीं मिली, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की लगातार मेहनत और नीतियों का परिणाम है। ‘भारत पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए नुकसानदायक’ रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ पश्चिमी देशों ने भारत पर रूस के साथ सहयोग कम करने का दबाव बनाने की कोशिश की थी। हालांकि अब सभी को समझ आ गया है कि प्रधानमंत्री मोदी और भारत पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए नुकसानदायक साबित होगा। सितबंर में पुतिन का भारत दौरा, मोदी भी रूस जाएंगे पुतिन का बयान भारत दौरे से पहले आया है। वे पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में हिस्सा लेंगे। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। एक साल के भीतर पुतिन का यह दूसरा भारत दौरा होगा। पीएम मोदी भी इसी साल रूस दौरे पर जाएंगे। रूसी राष्ट्रपति 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 4 दिसंबर 2025 को भारत आए थे। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन का पहला भारत दौरा था। इससे पहले वह आखिरी बार 2021 में भारत आए थे। भारत-रूस के बीच दिसंबर 2025 में हुए अहम समझौते ———————- ये खबर भी पढ़ें… भारत रूसी कच्चा तेल खरीदता रहेगा:सरकार बोली- अमेरिकी प्रतिबंध बेअसर; फंसे जहाजों से तेल खरीदने के लिए US की 30 दिन की राहत अमेरिका की तरफ से मिलने वाली प्रतिबंधों की छूट खत्म होने के बाद भी भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों से हमारे इम्पोर्ट प्लान पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें…
