रायपुर में 15 किमी NH पर नो-पार्किंग व्यवस्था बेअसर:रातभर बिना इंडिकेटर खड़े रहते हैं ट्रक, जान का खतरा, अफसर बोले- जगह की जरूरत

रायपुर के तेलीबांधा से टाटीबंध चौक तक करीब 15 किलोमीटर नेशनल हाईवे-130 पर नो-पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह बेअसर नजर आ रही है। रात के समय सड़क किनारे ही नहीं बल्कि मुख्य मार्ग पर भी ट्रक और ट्रेलर खड़े मिलते हैं। इनमें से अधिकांश वाहनों में इंडिकेटर या कोई चेतावनी संकेत भी नहीं रहता, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। कुछ दिनों पहले ही एक्सीडेंट में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले साल 621 लोगों ने हादसों में अपनी जान गंवाई। दैनिक भास्कर की टीम रात 11 बजे जब नेशनल हाईवे पर पहुंची तो पाया कि कई किलोमीटर तक ट्रकों की लंबी कतारें लगी है। इन पर नियंत्रण या कार्रवाई करने वाले जिम्मेदार नदारद हैं। शहर से सटे इस नेशनल हाईवे में नो-पार्किंग जोन घोषित होने के बावजूद नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। इस पर ADCP ट्रैफिक विवेक शुक्ला ने कहा कि ट्रैफिक में सुधार के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। अवैध तरीके से पार्किंग पर कार्रवाई की जा रही है। ट्रकों को पार्क करने के लिए जगह की जरूरत है, जो कि उपलब्ध नहीं है। पढ़िए ये रिपोर्ट… अब देखिए ये तस्वीरें- लोडिंग-अनलोडिंग और ढाबे बड़ी वजह दरअसल, नेशनल हाईवे में सड़क के दोनों तरफ कई ट्रांसपोर्टर के ऑफिस और ढाबे स्थित है। यहां पर ट्रक और ट्रेलर लोडिंग अनलोडिंग के लिए पहुंचते हैं। इसी तरह रात में इन ढाबों में खाना खाने और आराम करने के लिए भी ड्राइवर रुकते हैं। इस दौरान वह अपनी गाड़ियों को लापरवाही पूर्वक सड़क के किनारे ही नो पार्किंग में खड़ी कर देते हैं। जिससे कई एक्सीडेंट के केसेस सामने आते हैं। जबकि इस रास्ते में कई प्राइवेट पार्किंग भी है, लेकिन पार्किंग के पैसे बचाने के लिए वाहन सड़क पर खड़े कर दिए जाते हैं। सड़क की चौड़ाई घटकर आधी रह गई रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे 4 लेन हाईवे है। इसमें दोनों तरफ एक-एक लेन में भारी ट्रक और ट्रेलर खड़े रहते हैं। इन बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो जाती है। साथ ही इस मार्ग से गुजरने वाले अधिकांश वाहन भी भारी होते हैं, जिससे ओवरटेक करना मुश्किल हो जाता है। नतीजतन, थोड़ी ही देर में यातायात धीमा पड़ जाता है और कई किलोमीटर तक जाम जैसी स्थिति बन जाती है। वहीं देर रात यह एक्सीडेंट का कारण भी बनता है। वाहनों में लोहे की छड़ जैसे सामान इसी तरह रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। अंधेरे में सड़क किनारे खड़े ट्रक और ट्रेलर दूर से नजर नहीं आते, वहीं कई वाहनों में लोहे की छड़ जैसे सामान लोड रहते हैं, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है। इसके अलावा सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी भी खतरे को दोगुना कर रही है। जिम्मेदार अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा, जिससे यह हाईवे हादसों के लिए संवेदनशील बना हुआ है। हर साल NHAI करता है रखरखाव में करोड़ों खर्च भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) समय-समय पर अपनी कंसल्टेंट टीम से सड़कों का तकनीकी सर्वे कराता है। टीम के सुझावों के आधार पर जरूरी मरम्मत और सुधार किए जाते हैं। इसी के चलते वर्ष 2024-25 में 2136 जगहों पर पैनल बदलने की जरूरत बताई गई थी, जिसे पूरा कर लिया गया। वहीं 2025-26 में अब तक 3616 जगहों पर पैनल बदले जा चुके हैं। इस सड़क के बेहतर रखरखाव के लिए ‘रिस्क एंड कॉस्ट’ शर्तों पर नया टेंडर भी जारी किया गया था। वहीं रायपुर-बिलासपुर हाइवे पर यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मवेशियों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए 20 जगहों को चिन्हित कर सुधार किए गए थे। इन स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाए गए हैं, ताकि मवेशी सड़क पर न आ सकें। साथ ही सोलर लाइट, सोलर ब्लिंकर, रोड मार्किंग और चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए थे। ब्लैक स्पॉट्स पर अंडरपास और सर्विस रोड पिछले साल हाईवे पर 11 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए थे, जहां हादसे ज्यादा होते हैं। इन ब्लैक स्पॉट्स को सुरक्षित बनाने के लिए अंडरपास और सर्विस रोड का निर्माण किया गया ताकि ट्रैफिक सुचारू और सुरक्षित रहे। लेकिन इसके बावजूद लोग लगातार जाम में फंस और एक्सीडेंट का शिकार हो रहे हैं। इसके लिए नो पार्किंग में खड़ी गाड़ियां और प्रशासन की लापरवाही बड़ी वजह है। एक्सीडेंट में गंभीर चोंटे और मौत रायपुर के आमानाका का थाना में 1 मई को FIR दर्ज की गई। जिसके मुताबिक टाटीबंध के पास सड़क पर बिना कोई सिग्नल के खड़े एक ट्रेलर से दूसरा ट्रेलर टकरा गया। घटना रात करीब 2:30 बजे हुई। इस एक्सीडेंट में दूसरे ट्रेलर का ड्राइवर रमन दीप सिंह को गंभीर चोट लगी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह हादसा ट्रेलर के आरोपी ड्राइवर की नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने की लापरवाही से हुआ। वहीं धरसींवा पुलिस थाने में भी 1 मई को एक्सीडेंट में मौत की FIR दर्ज की गई। भेष नारायण साहू (30) निवासी बालोद कार से नेशनल हाईवे से गुजर रहा था। सुबह करीब 5 बजे चरौदा गांव के पास सड़क पर बिना संकेतक लगाए ट्रक खड़ा था। नो पार्किंग में खड़ी ट्रक से कार जाकर टकरा गई। जिससे कर चालक भेष नारायण गंभीर रूप से घायल हो गया। उसने पीएचसी धरसींवा में दम तोड़ दिया था। ………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रायपुर में ट्रक ने बाइक सवार 2 युवकों को रौंदा,मौत: काम से लौट रहे थे, अल्ट्राटेक-सीमेंट कंपनी के सामने शव रखकर परिजनों ने किया प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के रायपुर में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार 2 युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे एक की मौके पर और दूसरे की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घटना मंदिर हसौद थाना इलाके की है। पढ़ें पूरी खबर

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