आज वर्ल्ड लिवर डे है। लिवर हमारे शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो भोजन को पचाने के साथ-साथ उससे मिलने वाले विटामिन, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्वों को शरीर तक पहुंचाने में मदद करता है। इसके अलावा यह शरीर में मौजूद हानिकारक तत्वों को डिटॉक्स करने में भी अहम भूमिका निभाता है। लिवर को नुकसान केवल शराब के सेवन से ही नहीं होता, बल्कि खराब जीवनशैली, समोसा-पिज्जा जैसे जंक फूड और अनियमित खानपान भी इसके बड़े कारण हैं। यह कहना है लिवर के एक्सपर्ट डॉक्टर्स का। उन्होंने बताया कि लिवर शरीर का नेचुरल फिल्टर भी है, जो हानिकारक तत्वों को बाहर निकालता है। इसी बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। आमजन में यह धारणा है कि लिवर से जुड़ी बीमारियां या लिवर फेल्योर केवल ज्यादा शराब पीने से होता है, जबकि इसके कई अन्य कारण भी हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि लिवर की बीमारी के शुरुआती संकेत क्या होते हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है। इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने रायपुर के सीनियर गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. कुलदीप सोलंकी से बातचीत की। उन्होंने लिवर से जुड़ी बढ़ती समस्याओं को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां शेयर कीं। पढ़िए यह रिपोर्ट… क्या शराब पीने के कारण ही लिवर की बीमारी या फेल्युअर होता है? डॉ. सोलंकी के मुताबिक यह बात कुछ हद तक सही है। अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से अधिक शराब का सेवन करता है, तो यह उसके लिए जोखिम भरा होता है। वहीं जो लोग कभी-कभार शराब पीते हैं, वे यदि एक बार में अधिक मात्रा ले लें, तो उसका भी लिवर पर नकारात्मक असर पड़ता है। अगर कोई व्यक्ति रोज कम मात्रा में शराब पीता है, तो उसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस तरीके से इसका सेवन करता है। अगर वह शराब को बिना पानी या अन्य ड्रिंक्स मिलाए (प्योर) पीता है, तो इससे लिवर को अधिक नुकसान पहुंच सकता है। क्या शराब नहीं पीने वालों को भी खतरा है? नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज उन लोगों में भी हो सकती है, जो शराब नहीं पीते, लेकिन उनकी जीवनशैली ठीक नहीं होती और वे शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं रहते। ऐसे लोग भी फैटी लिवर के शिकार हो जाते हैं। अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि जब किसी ने कभी शराब नहीं पी, तो उसे लिवर की बीमारी कैसे हो गई। इसका कारण खराब लाइफस्टाइल भी हो सकता है। इसके अलावा डायबिटीज जैसी बीमारी भी लिवर फेल्योर का एक बड़ा कारण बन सकती है। लिवर की बीमारियों के लक्षण क्या हैं? शुरुआती लक्षणों में असहजता, हेपेटाइटिस, थकान और कमजोरी शामिल हो सकते हैं। इसके बाद पीलिया होना, खून की उल्टियां आना, पेट में पानी भरना और पैरों में सूजन आना लिवर की बीमारी के प्रमुख संकेत होते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेकर समय पर जांच करवाना बहुत जरूरी है। फैट से होता सबसे ज्यादा नुकसान लिवर को सबसे ज्यादा नुकसान फैट जमा होने से होता है। अगर इस पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो धीरे-धीरे लिवर की क्षमता कमजोर होती जाती है और एक समय पर यह गंभीर रूप से डैमेज हो सकता है। हालांकि, समय पर जांच और जरूरी टेस्ट करवाकर इस समस्या का पता लगाया जाए, तो जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। एक्सरसाइज करना हेल्थ के लिए बेहतर जवान व्यक्ति को 240 से 300 मिनट और बुजुर्ग को 150 से 200 मिनट हर हफ्ते एक्सरसाइज करनी चाहिए। इसका मतलब यह नहीं कि आप एक दिन ज्यादा एक्सरसाइज कर लें और बाकी दिन कम। हर दिन थोड़ी-थोड़ी एक्सरसाइज करते रहना चाहिए। डेली कम से कम 22-25 मिनट एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी होता है। इससे लिवर के साथ शरीर के दूसरे बॉडी पार्ट जैसे किडनी, हार्ट भी हेल्दी रहेगा। वर्ल्ड लिवर डे का मकसद क्या है? 19 अप्रैल को ‘वर्ल्ड लिवर डे’ लिवर की बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। वर्ष 2023 की थीम है- सतर्क रहें, लिवर की नियमित जांच कराएं और फैटी लिवर को लेकर अवेयर रहें। अभी स्थिति यह है कि पूरे विश्व में हर साल 20 से 25 लाख लोगों की मौतें लिवर की बीमारी से होती है। लिवर शरीर के लिए कितना महत्वपूर्ण है? हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, यह शरीर का 11वां महत्वपूर्ण ऑर्गन है और इसकी अपनी विशेषता है। यह ऐसा ऑर्गन है जिसका डैमेज समय पर रोका जाए तो वह जल्दी रिजनरेट होकर नॉर्मल हो जाता है। इसकी खासियत यह भी है कि नॉर्मल व्यक्ति के शरीर से 50% भी लिवर निकाल ले तो वह नॉर्मल ही रहता है क्योंकि वह रिजनरेट होता है। रिवर ट्रांसप्लांट का भी यही सिस्टम है। …………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… वर्ल्ड लिवर डे आज; किसी का लिवर, किसी की जिंदगी: ‘लिवर से गुफ्तगू एक कप कॉफी के साथ’ में डोनर-रिसीवर ने साझा की नई जिंदगी की कहानी आज 19 अप्रैल को ‘वर्ल्ड लिवर डे’ है। इंदौर में आयोजित “जीवन का उत्सव” कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि उम्मीद, साहस और मानवता का जीवंत उदाहरण बन गया। ‘लिवर से गुफ्तगू एक कप कॉफी के साथ’ थीम पर आधारित इस विशेष कार्यक्रम में लिवर ट्रांसप्लांट रिसिपिएंट और निस्वार्थ भाव से लिवर डोनेट करने वाले दाताओं को एक मंच पर आमने-सामने लाया गया। पढ़ें पूरी खबर
