अमेरिका में न्यूक्लियर और स्पेस रिसर्च से जुड़े वैज्ञानिकों की मौत और गुमशुदगी के मामलों पर अब व्हाइट हाउस सवालों के घेरे में है। 2023 से अब तक ऐसे 10 मामले सामने आए हैं, जिनमें वैज्ञानिक या अधिकारी या तो लापता हो गए या संदिग्ध हालात में मरे। बुधवार को व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में पहली बार प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट से इन घटनाओं पर सवाल पूछा गया। जवाब में उन्होंने कहा, “मैंने अभी संबंधित एजेंसियों से इस बारे में बात नहीं की है। मैं ऐसा करूंगी और आपको जवाब दूंगी।” उन्होंने आगे कहा, “अगर यह सही है, तो यह निश्चित तौर पर ऐसी बात है जिसे सरकार जांच के लायक मानेगा।” उनके इस जवाब के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिली। कई लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी एजेंसियां इस पैटर्न को गंभीरता से नहीं ले रही हैं या फिर इसे छुपाने की कोशिश कर रही हैं। कई वैज्ञानिकों घरों से निकले, फिर वापस नहीं लौटे वैज्ञानिकों के लापता या मौत के सभी मामले अमेरिका की हाई-सिक्योरिटी रिसर्च संस्थाओं से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें लॉस एलामोस नेशनल लैब, NASA का जेट प्रोपल्शन लैब और MIT का प्लाज्मा साइंस एंड फ्यूजन सेंटर शामिल हैं। ये संस्थान न्यूक्लियर हथियार, एडवांस्ड प्रोपल्शन और नई ऊर्जा तकनीकों पर काम करते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई लापता वैज्ञानिक अपने घरों से अचानक पैदल निकल गए। उन्होंने फोन, वॉलेट और चाबियां तक पीछे छोड़ दीं। यही पैटर्न कई मामलों में देखा गया है, जिससे संदेह और बढ़ा है। रिटायर्ड एयर फोर्स जनरल विलियम नील मैककैसलैंड का मामला हाल में बहुत चर्चा में रहा। वे 27 फरवरी को अपने न्यू मैक्सिको स्थित घर से गायब हो गए थे। बताया गया कि वे अपने साथ सिर्फ पिस्टल लेकर निकले थे और उनकी पत्नी ने 911 पर कहा कि वे खुद को छिपाने की कोशिश कर रहे थे। लापत-मृतक वैज्ञानिकों-रिसर्चर्स और एडमिन की पूरी लिस्ट मोनिका रेजा- लापता मोनिका अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के जेट प्रोपल्शन लैब से जुड़े एक प्रोजेक्ट में काम कर रही थीं। वहां वह नए मटेरियल और धातुओं पर काम देखने वाली एक टीम की चीफ थी। वह एक खास धातु पर काम कर रही थीं, जिसे मोंडालोय कहा जाता है। यह मटेरियल खास तौर पर रॉकेट इंजन के लिए बताया जाता है। यह भविष्य की स्पेस टेक्नोलॉजी के लिए काफी अहम हो सकता था। मोनिका को आखिरी बार 22 जून की सुबह माउंट वाटरमैन इलाके में दो दोस्तों के साथ हाइकिंग करते हुए देखा गया था। उनके बारे में अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोनिका का प्रोफेशनल कनेक्शन रिटायर्ड एयर फोर्स जनरल विलियम “नील” मैककैसलैंड से था। वह 8 महीने बाद गायब हो गए। इसके बाद शक और बढ़ गया। विलियम मैककैसलैंड- लापता विलियम अमेरिका के रिटायर्ड एयर फोर्स जनरल हैं। वह पहले एयर फोर्स रिसर्च लैबोरेट्री के कमांडर रह चुके हैं। वहां वे अरबों डॉलर के साइंस और टेक्नोलॉजी प्रोग्राम संभालते थे। यह लैब अमेरिकी सेना की सबसे अहम रिसर्च यूनिट्स में से एक है, जहां नई टेक्नोलॉजी, हथियार सिस्टम, स्पेस से जुड़ी टेक्नोलॉजी और एडवांस साइंस पर काम होता है। जिस प्रोजेक्ट में मोनिका रेजा काम कर रही थीं, उससे जुड़ी फंडिंग की देखरेख मैककैसलैंड ने की थी। मैककैसलैंड 27 फरवरी 2026 की सुबह न्यू मैक्सिको में अपने घर के पास आखिरी बार देखे गए थे। स्टीवन गार्सिया- लापता गार्सिया कंसास सरकारी ठेकेदार थे और सिटी नेशनल सिक्योरिटी कैंपस से जुड़े थे, जहां परमाणु हथियारों के गैर-न्यूक्लियर पार्ट बनाए जाते हैं। यहां काम करने वाले लोग सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माने जाते हैं। गार्सिया 28 अगस्त 2025 को न्यू मैक्सिको के अल्बुकर्क शहर में अपने घर से अचानक गायब हो गए। सबसे अजीब बात यह थी कि वह घर से पैदल निकले। अपना फोन, वॉलेट, चाबियां सब पीछे छोड़ गए। उनके पास सिर्फ एक पिस्टल थी। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला। पुलिस को भी अब तक कोई बड़ा सुराग नहीं मिला है। उनका मामला इसलिए ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि वह संवेदनशील परमाणु काम से जुड़े थे और उनका गायब होने का तरीका बाकी कुछ मामलों से मिलता-जुलता है। एंथनी चावेज- लापता एंथनी चावेज का लॉस आलामोस नेशनल लैब से जुड़े। यह एक हाई सिक्योरिटी परमाणु लैब है, जिसकी स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मैनहटन प्रोजेक्ट के तहत हुई थी और तब से यह परमाणु हथियारों से जुड़े रिसर्च के लिए जानी जाती है। हालांकि एंथनी का सटीक पद क्या था, यह साफ नहीं है, लेकिन इस तरह की जगह से जुड़े होने की वजह से यह मामला और ज्यादा चर्चा में आया। 78 साल के चावेज एक दिन टहलने निकले और उसके बाद अचानक गायब हो गए। उन्होंने घर से निकलते समय अपनी कार ड्राइववे में लॉक करके छोड़ी थी और उनका वॉलेट, चाबियां और बाकी निजी सामान भी घर के अंदर ही मिला। यानी वह बिना जरूरी चीजों के ही बाहर गए थे। उनके गायब होने की सटीक तारीख पता नहीं है। उनके परिवार और दोस्तों का कहना है कि उनका इस तरह अचानक गायब होना उनके स्वभाव के बिल्कुल खिलाफ है। यानी वे बिना बताए कहीं चले जाने वाले व्यक्ति नहीं थे। मेलिसा कैसियास- लापता मेलिसा कैसियास भी एंथनी चावेज की तरह लॉस आलामोस नेशनल लैब से जुड़ी थीं। वह वहां एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट थीं, लेकिन माना जाता है कि उनके पास अहम जानकारी तक पहुंच हो सकती थी। 54 साल की मेलिसा 2025 में न्यू मैक्सिको में अपने घर से अचानक गायब हो गईं। 26 जून को कैसियास अपने पति मार्क कैसियास के साथ लेबोरेटरी गई। वहां दोनों साथ काम करते थे। हालांकि वह खुद वापस घर लौट आईं, क्योंकि वह अपना वर्क बैज भूल गई थीं। उसने घर से काम करने का फैसला किया कैसियास वापस घर लौटीं और फिर पैदल ही कही निकल गईं। उन्होंने अपना फोन, वॉलेट, चाबियां और कार सब घर पर ही छोड़ दिया था। उनके फोन को फैक्ट्री सेटिंग पर रीसेट कर दिया गया था, यानी उसमें मौजूद डेटा पूरी तरह मिटा दिया गया था। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला है और उनकी गुमशुदगी अब तक रहस्य बनी हुई है। कार्ल ग्रिलमेयर- हत्या कार्ल ग्रिलमेयर एक एस्ट्रोफिजिसिस्ट (खगोल भौतिक वैज्ञानिक) थे, यानी उनका काम अंतरिक्ष, तारों और आकाशगंगाओं से जुड़ी चीजों पर रिसर्च करना था। वह अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA से जुड़े रहे थे। उनका काम NASA के NEOWISE और NEO Surveyor जैसे प्रोजेक्ट्स से जुड़ा था। ये प्रोजेक्ट्स अंतरिक्ष में घूम रहे एस्टेरॉयड (पिंडों) और दूसरी चीजों पर नजर रखते हैं। ऐसे सिस्टम का इस्तेमाल सेना भी सैटेलाइट और मिसाइल ट्रैक करने के लिए करती है, इसलिए उनका काम संवेदनशील माना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी अपने घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। कुछ लोगों ने उनकी मौत को भी बाकी मामलों से जोड़कर देखा है, लेकिन अभी तक कोई पक्का सबूत नहीं मिला। यह साबित नहीं हुआ कि उनकी हत्या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी। साथ ही, उनकी हत्या की सटीक तारीख भी सार्वजनिक तौर पर साफ नहीं बताई गई है। माइकल डेविड हिक्स- मौत माइकल डेविड हिक्स NASA से जुड़े एक वैज्ञानिक थे। उनका काम अंतरिक्ष से जुड़े मिशनों पर था और वह खास तौर पर DART प्रोजेक्ट से जुड़े थे। यह वही मिशन था जिसमें यह टेस्ट किया गया था कि अगर कोई खतरनाक एस्टेरॉयड पृथ्वी की तरफ आए, तो क्या इंसान उसे रास्ते से हटा सकते हैं। 59 साल की उम्र में अचानक उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की वजह साफ तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई। फ्रैंक मैवाल्ड- मौत फ्रैंक मैवाल्ड NASA के से जुड़े एक सीनियर साइंटिस्ट थे। वह अंतरिक्ष से जुड़े रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम करते थे और खास तौर पर ऐसी तकनीक पर काम कर रहे थे जिससे भविष्य में दूसरे ग्रहों पर जीवन के संकेत खोजे जा सकें। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने एक ऐसी अहम खोज पर काम किया था जो स्पेस मिशनों के लिए काफी बड़ी मानी जा रही थी। लेकिन इस उपलब्धि के करीब 13 महीने बाद, 2024 में उनकी मौत हो गई। उनकी उम्र करीब 61 साल थी और उनकी मौत को अचानक बताया गया। इसके अलावा दो वैज्ञानिकों की मौत भी संदिग्ध मानी जा रही है। नूनो लुरेइरो- हत्या नूनो लुरेइरो एक न्यूक्लियर फिजिसिस्ट (परमाणु वैज्ञानिक) थे और उनका काम खास तौर पर न्यूक्लियर फ्यूजन पर केंद्रित था। फ्यूजन वह तकनीक है जिससे भविष्य में बहुत ज्यादा ऊर्जा पैदा की जा सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 47 साल के लुरेइरो को उनके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना किस तारीख को हुई, इसकी भी डिटेल नहीं है। पुलिस के मुताबिक उनकी हत्या क्लाउडियो मैनुअल नेवेस वालेंटे नाम के शख्स ने किया, जो ब्राउन यूनिवर्सिटी में हुई सामूहिक गोलीबारी का संदिग्ध था। बाद में उसने खुदकुशी कर ली। कुछ स्वतंत्र जांचकर्ताओं का मानना है कि उनका काम इतना महत्वपूर्ण था कि वह किसी साजिश का निशाना बन सकते थे, खासकर इसलिए क्योंकि न्यूक्लियर फ्यूजन ऊर्जा सेक्टर को पूरी तरह बदल सकता है। लेकिन यह सिर्फ शक और अटकलें हैं। अब तक किसी आधिकारिक जांच में यह साबित नहीं हुआ है कि उनकी हत्या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी या इसका संबंध बाकी मामलों से है। जेसन थॉमस- मौत जेसन थॉमस स्विट्जरलैंड की फार्मा कंपनी नोवार्टिस में वैज्ञानिक थे। 13 दिसंबर 2025 को वे अचानक लापता हो गए थे। इसके बाद उनकी पत्नी ने 13 दिसंबर की सुबह पुलिस में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने उन्हें ढूंढने के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इसमें नॉर्थईस्टर्न मैसाचुसेट्स लॉ एनफोर्समेंट काउंसिल की मदद ली गई, साथ ही डॉग स्क्वॉड और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। फिर 17 मार्च 2026 को मैसाचुसेट्स (अमेरिका) की एक झील में उनका शव मिला। यह घटना और भी रहस्यमय इसलिए लगती है क्योंकि वह लंबे समय तक गायब रहे और फिर इस हालत में मिले। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने शुरुआती जांच में कहा कि उन्हें किसी साजिश या हत्या के सबूत नहीं मिले। यानी फिलहाल इसे आपराधिक मामला नहीं माना गया है।
