गंभीर बोले-भारत सिर्फ घरेलू पिचों पर 200+ रन नहीं बनाता:लग गया था कि संजू बेहतर करेगा; आंकड़े नहीं, अंतरात्मा की आवाज पर चलता हूं

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने कई मुद्दों पर अपनी चुप्पी तोड़ी। ANI से बातचीत में उन्होंने भारतीय पिचों पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि टी-20 बैटर्स का खेल है और भारत ने विदेशों में भी 200 से ज्यादा स्कोर बनाया है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका में भी ऐसा स्कोर बनाया है।

गंभीर ने अपनी कार्यशैली पर बात करते हुए कहा कि वह फैसले लेते समय डेटा से ज्यादा अपनी समझ और अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा करते हैं। उन्होंने संजू सैमसन को लगातार मौका देने की वजह, अपनी नियुक्ति और टीम के भविष्य पर भी चर्चा की। साथ ही पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद के ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर दिए बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। भारत में विकेट तैयार करने का आरोप गलत टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय पिचों को लेकर उठे सवालों पर टीम इंडिया के हेड कोच ने कहा कि भारत अपने फायदे के लिए पिच तैयार करता है, यह आरोप गलत है और अक्सर ऐसे बयान विवाद और टीआरपी के लिए दिए जाते हैं। गंभीर के मुताबिक टी-20 क्रिकेट अब बैटर्स का खेल बन चुका है और दुनिया भर में बड़े स्कोर बन रहे हैं। भारत ने ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में भी 200 से ज्यादा रन बनाए हैं, इसलिए इसे सिर्फ घरेलू पिचों से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ICC टूर्नामेंट में पिचों की जिम्मेदारी इंटरनेशन क्रिकेट काउंसिल की होती है, BCCI की नहीं। इसलिए भारत के लिए विकेट तैयार करने का सवाल ही नहीं उठता। गंभीर ने कोंलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ मैच का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने वहां लगभग 180 रन बनाए थे, जबकि बाकी टीमें उसी पिच पर करीब 140 रन तक ही पहुंच सकीं, लेकिन तब किसी ने पिच पर सवाल नहीं उठाए। टी-20 मैच में दर्शक बड़े स्कोर देखना चाहते हैं। यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका में भी हाई स्कोरिंग मैच आम हो गए हैं। डेटा नहीं, अपनी समझ पर भरोसा करता हूं-गंभीर
गभीर का कहना है कि कोच के तौर पर फैसले लेते समय वह डेटा से ज्यादा अपनी समझ पर भरोसा करते हैं। उनके मुताबिक हर कोच की टीम को लेकर अपनी अलग सोच और नजरिया होता है। गंभीर ने कहा कि अगर उन्हें लगता है कि कोई फैसला टीम के लिए सही है तो वह उस पर कायम रहते हैं, और गलत साबित होने पर जिम्मेदारी भी स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि टीम का खेल, व्यवहार और माहौल उनकी अपनी सोच और विजन का हिस्सा है, जबकि भविष्य में आने वाला कोच अपनी सोच के साथ टीम को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह वीवीएस लक्ष्मण और अजीत अगरकर जैसे अनुभवी लोगों से क्रिकेट पर चर्चा करते हैं। संजू सैमसन पर भरोसा: ‘फॉर्म अस्थायी है, क्लास नहीं’
न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली घरेलू सीरीज में खराब प्रदर्शन के बावजूद संजू सैमसन को वर्ल्ड कप टीम में बनाए रखने पर गंभीर ने कहा,’मैंने उन्हें इसलिए बैक किया क्योंकि मुझे पता था कि संजू टीम के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। न्यूजीलैंड सीरीज में उनका दौर खराब था, लेकिन फॉर्म हमेशा एक जैसी नहीं रहती। उन्हें एक ब्रेक की जरूरत थी, जो हमने दिया। जिस खिलाड़ी ने टी-20 में 3 शतक लगाए हों, उसके टैलेंट पर शक नहीं किया जा सकता।’
संजू ने टूर्नामेंट में 321 रन बनाकर विराट कोहली (2014) का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ करो मरो मैच में नाबाद 97 रन और उसके बाद सेमीफाइनल में 89 और फाइनल में 89 की पारी खेली थी। गंभीर ने कीर्ति आजाद के बयान की आलोचना की हेड कोच कहा कि टी-20 वर्ल्ड कप की जीत खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। उनके मुताबिक खिलाड़ियों ने काफी दबाव झेला और मेहनत के बाद यह सफलता हासिल की है। ऐसे में इस तरह के बयान देना अपने ही खिलाड़ियों और टीम का अपमान करने जैसा है। दरअसल, भारत ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता। इसके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव कोच गौतम गंभीर और जय शाह अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में आशीर्वाद लेने पहुंचे और ट्रॉफी भी साथ ले गए। इस पर 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य और टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि खेल किसी धर्म या जाति से जुड़ा नहीं होता और यह जीत पूरे देश की है, इसलिए ट्रॉफी को मंदिर ले जाना सही नहीं है। कीर्ति आजाद के इस बयान की पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के मंदिर जाने को राजनीति से जोड़ना गलत है और एक पूर्व क्रिकेटर से ऐसी टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। कीर्ति आजाद ने गौतम गंभीर बयान पर बुधवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खिलाड़ियों का अपमान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को भी अपने स्तर और स्थिति का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां सभी धर्मों के लोग रहते हैं और सभी का सम्मान किया जाना चाहिए। अगला लक्ष्य: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का खिताब जीतना
कोच गौतम गंभीर ने अब अपना अगला लक्ष्य तय कर लिया है। उन्होंने कहा कि उनका अगला टारगेट भारत को ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल तक पहुंचाना और खिताब जीतना है।
भारत ने पिछले दो साल में चार ICC व्हाइट-बॉल ट्रॉफी जीती हैं। 2024 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 एशिया कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 वर्ल्ड कप। लेकिन टीम अभी तक वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब नहीं जीत पाई है।
गंभीर ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट उनके दिल के बहुत करीब है और अब टीम का पूरा ध्यान वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने पर होगा। उन्होंने बताया कि अभी भारत को लगभग नौ टेस्ट मैच खेलने हैं और टीम रेड-बॉल क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों को मौका देती रहेगी।
उन्होंने माना कि टेस्ट क्रिकेट आसान नहीं होता, खासकर तब जब टीम बदलाव के दौर से गुजर रही हो। लेकिन खिलाड़ियों को लगातार समर्थन दिया जाएगा ताकि टीम बेहतर प्रदर्शन कर सके। गंभीर ने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट में ही खिलाड़ियों की असली पहचान और विरासत बनती है। पांच दिन की कड़ी मेहनत के बाद टेस्ट मैच जीतने का जो संतोष मिलता है, वह किसी भी लिमिटेड ओवर मैच से ज्यादा खास होता है। मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच से पहले आया था जय शाह का फोन
गंभीर ने बताया कि जब उन्हें टीम इंडिया का कोच बनने का ऑफर मिला, तब वे इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे। ICC चेयरमैन जय शाह (तब BCCI सेक्रेटरी)ने उन्हें IPL के दौरान सुबह-सुबह फोन किया था और कहा था कि वे इस जिम्मेदारी के लिए ‘ना’ नहीं कह सकते।
गौतम गंभीर ने बताया कि यह वाकया IPL 2024 का है, जब वे कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के मेंटर थे। गंभीर ने कहा,’हम मुंबई में मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच खेलने की तैयारी कर रहे थे। जय शाह ने मुझे सुबह जल्दी फोन किया। उन्होंने कहा कि उनके पास मेरे लिए एक ऑफर है और मैं उन्हें मना नहीं कर सकता। उन्होंने मुझे टीम इंडिया का हेड कोच बनने का प्रस्ताव दिया। सच कहूं तो उस वक्त मैं तैयार नहीं था, यह मेरे लिए बड़ा सरप्राइज था।’ मुश्किल दौर में जय शाह ने बढ़ाया हौसला,हार के बाद किया था फोन
गंभीर ने बिना किसी पूर्व हेड कोचिंग अनुभव के उन पर भरोसा जताने के लिए जय शाह का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज हारने के बाद वे काफी निराश थे। गंभीर ने कहा,’जब हम मुंबई में न्यूजीलैंड से हारे,तो मैं बहुत लो फील कर रहा था। तब जय शाह का फोन आया और उन्होंने मुझे मजबूत बने रहने को कहा। मुश्किल वक्त में मिले उस समर्थन को मैं हमेशा याद रखूंगा।’ महिला क्रिकेट और इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव का दिया श्रेय
गंभीर ने जय शाह के बतौर प्रशासक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने महिला क्रिकेटरों की सैलरी बराबर की और महिला प्रीमियर लीग (WPL) शुरू की। साथ ही, क्रिकेट को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में शामिल कराना भी एक ऐतिहासिक कदम है। धोनी की बधाई पर भी बोले
महेंद्र सिंह धोनी ने जीत के बाद गंभीर की फोटो पर कमेंट किया था,’मुस्कान आप पर अच्छी लगती है।’ इस पर मुस्कुराते हुए गंभीर ने कहा,’धोनी का पोस्ट करना अच्छी बात है। लेकिन जब आप डगआउट में होते हैं, तो इतना कुछ दांव पर लगा होता है कि चाहकर भी आप हंस नहीं सकते। भारत में हारना कोई विकल्प नहीं है, इसलिए दबाव बहुत ज्यादा रहता है।’ —————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें,,, जसप्रीत बुमराह टी-20 कम, वनडे ज्यादा खेलेंगे:2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी पर रहेगा फोकस, वर्कलोड मैनेज करेगा बोर्ड भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अब टी-20 सीरीज कम खेलेंगे। वे 2027 वर्ल्ड कप तक ज्यादा वनडे मैच खेलेंगे। टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स उनके वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए यह रणनीति बना रहे हैं। ताकि 2027 वर्ल्ड कप के लिए उनकी तैयारी बेहतर हो सके। पूरी खबर

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