जियो ने अपने AI ऑफर में अपडेट करते हुए अपने सभी यूजर्स को फ्री में जेमिनी प्रो का एक्सेस दे रहा है। मार्केट में इसकी कीमत 35,100 रुपए है। अभी यह ऑफर सिर्फ 18 से 25 साल के यूजर्स के लिए था। इस प्लान में जेमिनी 2.5 Pro जैसे एडवांस्ड AI टूल्स, 2TB क्लाउड स्टोरेज से लेकर वीडियो बनाने के लिए Veo 3 जैसे टूल्स शामिल है। यह ऑफर 19 नवंबर से शुरू हो गया है। ऑफर को लेने के लिए सिम 5G और उसमें रिचार्ज मिनिमम 349 रुपए वाला होना चाहिए। यहां हम सवाल-जवाब में पूरी डिटेल्स बता रहे हैं.. सवाल 1: इस Gemini AI Pro प्लान में क्या-क्या मिलेगा? जवाब: इस प्लान में शामिल है… सवाल 2: इस ऑफर को कैसे क्लेम करें? जवाब: एलिजिबल यूजर्स इस ऑफर को MyJio एप में दिए गए “क्लेम नाउ” बैनर पर क्लिक करके एक्टिवेट कर सकते हैं। ऑफर के लिए कोई चार्ज नहीं है। गूगल ऑफर खत्म होने से पहले रिमाइंडर ईमेल भेजेगा, ताकि आप चाहें तो सब्सक्रिप्शन कैंसिल कर सकें। सवाल 3: इस ऑफर की समय सीमा और शर्तें क्या हैं? जवाब: ये ऑफर 30 अक्टूबर 2025 से रजिस्ट्रेशन के लिए उपलब्ध है। यह ऑफर अभी जियो के उन ग्राहकों के लिए उपलब्ध है, जिनकी उम्र 18 से 25 साल के बीच है। इसके लिए यूजर्स को ₹349 या उससे ऊपर के 5G अनलिमिटेड प्रीपेड या पोस्टपेड प्लान का उपयोग करना होगा। सवाल 4: गूगल और जियो ऐसा ऑफर क्यों दे रहा है? जवाब: जियो का लक्ष्य 1.45 अरब भारतीयों के लिए इंटेलिजेंस सेवाओं को सरल बनाना है। वहीं गूगल इन ऑफर्स से डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देना चाहता है। कंपनी का मानना है कि ये यूजर्स को स्मार्ट और तेजी से सीखने में मदद करेंगे। साथ ही, गूगल इस ऑफर के जरिए अपने AI इकोसिस्टम को स्टूडेंट्स के बीच पॉपुलर करना चाहता है, ताकि भविष्य में वो इसके लॉन्ग-टर्म यूजर्स बनें। ———————— ये खबर भी पढ़ें… 1. ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म कस्टमर्स से नहीं वसूलेंगे हिडन चॉर्जेस: फ्लिपकार्ट-मिंत्रा और जोमेटो-स्विगी जैसे 26 प्लेटफॉर्म डार्क पैटर्न फ्री, देखें लिस्ट देश के 26 बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने अपने एप्स और वेबसाइट्स पर डार्क पैटर्न्स का इस्तेमाल बंद करने की घोषणा की है। ये कंपनियां इंटरनल या थर्ड-पार्टी ऑडिट के बाद सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) को सेल्फ-डिक्लेरेशन लेटर सौंप चुकी हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. चीनी वैज्ञानिकों के भरोसे चीन को टक्कर दे रहा अमेरिका: मेटा AI टीम 11 में से 7 रिसर्चर चीन के, 1 भी अमेरिकी नहीं मेटा CEO मार्क जकरबर्ग ने जून में अपनी नई सुपर इंटेलिजेंस लैब का ऐलान किया था। तब उन्होंने बताया था कि इस प्रोजेक्ट में शामिल 11 वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। इनका मकसद ऐसी मशीनें बनाना है जो इंसानी दिमाग से भी ज्यादा ताकतवर हों। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
