रैना और धवन की ₹11.14 करोड़ की संपत्ति अटैच:ED की सट्‌टेबाजी एप मामले में कार्रवाई; युवराज-सोनू सूद से भी हो चुकी पूछताछ

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना और शिखर धवन की 11.14 करोड़ की संपत्ति अटैच की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत ऑनलाइन बेटिंग एप 1xBet के प्रमोशन मामले में हुई है। ED ऑफिशियल सोर्स ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया था कि 1xBet एप से मिले एडवर्टाइजमेंट पैसों का इस्तेमाल कुछ सेलिब्रिटीज ने अलग-अलग तरह की संपत्ति खरीदने में किया है। ऐसे में इन्हें प्रोसीड्स ऑफ क्राइम यानी अपराध से कमाई गई संपत्ति माना गया है। सितंबर महीने में ED ने 1xBet एप मामले में क्रिकेटर युवराज सिंह, सुरेश रैना, रॉबिन उथप्पा और शिखर धवन, अभिनेता सोनू सूद, अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती (पूर्व TMC सांसद) और अंकुश हाजरा (बंगाली एक्टर) से पूछताछ की थी। कुछ ऑनलाइन इन्फ्लुएंसर्स से भी सवाल किए गए। सट्टेबाजी मामले में ED ने कब-किससे पूछताछ की बैंक अकाउंट और ट्रांजैक्शन से जानकारी सामने आई ED ने खिलाड़ी, अभिनेता और इन्फ्लुएंसर्स के बयान मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) की धारा 50 के तहत दर्ज किए हैं। कई सेलिब्रिटीज ने अपने बैंक अकाउंट और ट्रांजैक्शन की डिटेल्स भी दीं, जिनसे पता चला कि उन्हें एडवर्टाइजमेंट फीस कैसे मिली। कुछ और खिलाड़ियों और एक्टर्स से अभी पूछताछ बाकी है। एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला (1xBet की इंडिया एंबेसडर) को भी बुलाया गया था, लेकिन वह उस समय विदेश में होने के कारण पेश नहीं हुईं। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के नियमों के अनुसार, अपराध से जुड़ी संपत्तियों को जब्त कर लिया जाता है ताकि दोषी उनका फायदा न उठा सकें। आदेश जारी होने के बाद इसे PMLA के तहत बनाए गए एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी को भेजा जाएगा और कोर्ट से मंजूरी मिलते ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। करोड़ों की ठगी और टैक्स चोरी की जांच यह जांच अवैध बेटिंग एप से जुड़ी है। कंपनी पर आरोप है कि उसने लोगों और निवेशकों से करोड़ों रुपए की ठगी की है या बड़े पैमाने पर टैक्स की चोरी की है। कंपनी का दावा है कि 1xBet एक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त बुकी है, जो पिछले 18 सालों से बेटिंग इंडस्ट्री में है। इसके ग्राहक हजारों खेल आयोजनों पर दांव लगा सकते हैं। कंपनी की वेबसाइट और एप 70 भाषाओं में उपलब्ध हैं। 1xBet चांस बेस्ड गेम्स एप है। सरकार ने बेटिंग एप पर बैन लगाया फैंटेसी स्पोर्ट्स जैसे ड्रीम-11, रमी, पोकर वगैरह सब ऑनलाइन बेटिंग एप बैन हो गए हैं। यह फैसला भारत सरकार के हाल ही में पास किए गए ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के बाद लिया गया है। इस बिल के तहत ऑनलाइन बेटिंग एप पर पूरी तरह पाबंदी है। 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने ड्रीम-11 जैसे फैंटेसी खेलों को स्किल्स का खेल बताया था। हालांकि बेटिंग एप कभी भी भारत में लीगल नहीं थे। ऑनलाइन बेटिंग एप से आर्थिक नुकसान हो रहा सरकार का कहना है कि ऑनलाइन बेटिंग एप की वजह से लोगों को मानसिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। कुछ लोग गेमिंग की लत में इतना डूब गए कि अपनी जिंदगी की बचत तक हार गए और कुछ मामलों में तो आत्महत्या की खबरें भी सामने आईं। इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग और नेशनल सिक्योरिटी को लेकर भी चिंताएं हैं। सरकार इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाना चाहती है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद के मानसून सत्र में कहा था, “ऑनलाइन मनी गेम्स से समाज में एक बड़ी समस्या पैदा हो रही है। इनसे नशा बढ़ रहा है, परिवारों की बचत खत्म हो रही है। अनुमान है कि करीब 45 करोड़ लोग इससे प्रभावित हैं और मिडिल-क्लास परिवारों के 20,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।” उन्होंने यह भी बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे गेमिंग डिसऑर्डर के रूप में मान्यता दी है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… नया ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 1 अक्टूबर से लागू:IT मंत्री बोले- पहले गेमिंग इंडस्ट्री के साथ चर्चा करेंगे, तारीख आगे भी बढ़ा सकते हैं IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को बताया कि ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 1 अक्टूबर से लागू होगा। कानून को बनाने से पहले सरकार ने गेमिंग कंपनियों, बैंकों और अन्य हिस्सेदारों से कई बार चर्चा की है। पूरी खबर पढ़ें…

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