टिक-टॉक के भारत में फिर से शुरू होने की अटकले:गुरुग्राम ऑफिस के लिए जॉब ओपनिंग निकाली; 2020 से देश में बैन है चीनी एप

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक सवाल बार-बार उठ रहा है- क्या टिकटॉक भारत में वापसी करने वाला है? भारत ने 2020 में इस चीनी एप पर पाबंदी लगा दी थी। ऐसा इसलिए क्योंकि शॉर्ट वीडियो एप टिकटॉक को ऑपरेट करने वाली चीनी कंपनी बाइट डांस ने गुरुग्राम ऑफिस के लिए लिंक्डइन पर दो जॉब ओपनिंग पोस्ट की है। इसके साथ ही, टिकटॉक की वेबसाइट भी भारत में कुछ हद तक फिर से दिखने लगी है। आइए इस पूरे मामले में आसान भाषा में समझते हैं…. टिक-टॉक के भारत में वापसी की अटकलों की दो वजहें… 1. जॉब पोस्टिंग: टिक टॉक ने जो वैकेंसी निकाली है उसमें एक पोस्ट है बंगाली भाषी कंटेंट मॉडरेटर की। इसका काम वीडियो या कंटेंट की जांच करना होगा। वहीं दूसरी पोस्ट है वेलबीइंग पार्टनरशिप और ऑपरेशंस लीड की। इसका काम यूजर्स की सेफ्टी और प्लेटफॉर्म की पॉलिसी से जुड़ा काम देखेगा। 2. वेबसाइट एक्सेस: पहले, जब आप टिकटॉक की वेबसाइट पर जाते थे, तो एक मैसेज दिखता था कि ‘ये सेवा भारत में उपलब्ध नहीं है।’ लेकिन पिछले हफ्ते से डेस्कटॉप पर वेबसाइट का ‘अबाउट अस’ पेज दिखने लगा। हालांकि, वीडियो अभी भी नहीं देखे जा सकते। टिकटॉक का एप भी उपलब्ध नहीं है। बाइटडांस की जॉब पोस्टिंग अन्य प्रोजेक्ट के लिए हो सकती है वहीं, जानकारों का मानना है कि बाइटडांस की जॉब पोस्टिंग शायद भारत में किसी अन्य प्रोजेक्ट या वैश्विक ऑपरेशंस के लिए हो सकती हैं, न कि टिकटॉक की वापसी के लिए। साथ ही, भारत में टिकटॉक की वेबसाइट का आंशिक रूप से एक्सेस होना तकनीकी गड़बड़ी या किसी अन्य कारण से हो सकता है। सरकार का जवाब, टिकटॉक पर प्रतिबंध अब भी बरकरार इन तमाम अटकलों के बीच भारत सरकार का कहना है कि टिकटॉक पर प्रतिबंध अब भी बरकरार है। इकोनॉमिक टाइम्स से बात करते हुए सरकारी सूत्रों ने कहा कि टिकटॉक को फिर से शुरू करने की इजाजत नहीं दी गई है। 22 अगस्त को भी सरकार ने ऐसी खबरों को खारिज किया था, जब कुछ लोगों ने दावा किया था कि टिकटॉक भारत में पांच साल बाद फिर से उपलब्ध हो गया है। टिकटॉक के एक प्रवक्ता ने भी बयान दिया कि, “हमने भारत में टिकटॉक की पहुंच बहाल नहीं की है और भारत सरकार के निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं।” यानी, टिकटॉक की तरफ से भी कोई संकेत नहीं है कि वो भारत में अपनी सेवाएं फिर से शुरू करने जा रहा है। गलवान घाटी में भारत-चीन सैन्य टकराव के बाद से बैन हे एप जून 2020 में भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में सैन्य टकराव के बाद भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए टिकटॉक सहित 59 चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। उस समय से टिकटॉक भारत में पूरी तरह बंद है और इसका एप गूगल प्ले स्टोर और एपल स्टोर पर उपलब्ध नहीं है। भारत-चीन संबंधों में सुधार से बढ़ी टिकटॉक वापसी की उम्मीद अमेरिकी राष्ट्रपित डोन्ल्ड ट्रम्प के भारत पर लगाए 50% टैरिफ के बाद से हाल के दिनों में भारत और चीन के बीच संबंधों में कुछ सुधार के संकेत दिखे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल से अधिक समय बाद चीन की यात्रा पर हैं, जिसे दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। संबंधों में हुए इस सुधार के कारण भी लोगों को उम्मीद है कि टिक टॉक की भारत में वापसी हो सकती है। टिकटॉक अपने समय में भारत में इतना बड़ा था कि इसने कई लोगों को स्टार बनाया था। इसी एप के बाद इंस्टाग्राम ने रील्स और यूट्यूब ने शॉर्ट की शुरुआत की थी। भारत में बाइटडांस की अन्य सर्विसेज टिकटॉक के अलावा, बाइटडांस की अन्य सर्विसेज जैसे हेलो और कैपकट भी 2020 में भारत में प्रतिबंधित हो गई थीं। हालांकि, बाइटडांस का म्यूजिक स्ट्रीमिंग एप रेसो और प्रोडक्टिविटी एप लार्क भारत में काम कर रहे थे। जनवरी 2024 तक रेसो भारत में बाइटडांस का सबसे बड़ा कंज्यूमर-फेसिंग वेंचर था, लेकिन स्थानीय बाजार की परिस्थितियों के कारण इसे भी जनवरी 2024 में बंद करना पड़ा। रेसो के एक प्रवक्ता ने उस समय कहा था, “स्थानीय बाजार की स्थिति के कारण हम भारत में रेसो की सेवाएं जारी नहीं रख सकते।” अब लार्क भारत में बाइटडांस की एकमात्र सर्विस है जो अभी भी चल रही है। 2016 में चीनी कंपनी ने लॉन्च किया था टिकटॉक टिकटॉक एक शॉर्ट वीडियो शेयरिंग एप है, जहां यूजर्स 15 सेकंड से 3 मिनट तक के वीडियो बना और शेयर कर सकते हैं। इसे म्यूजिक, डांस, कॉमेडी और क्रिएटिव कंटेंट के लिए जाना जाता है। टिकटॉक को सितंबर 2016 में चीनी कंपनी बाइटडांस ने लॉन्च किया था। इसे पहले डोयिन के नाम से चीन में शुरू किया गया और बाद में इसे ग्लोबल मार्केट के लिए टिकटॉक के रूप में रीब्रांड किया गया। 2012 में बनी कंपनी बाइटडांस का हेडक्वार्टर चीन के बीजिंग में है।

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