30 दिन जेल में रहे तो PM-CM की कुर्सी जाएगी:संसदीय समिति प्रावधान हटाने के पक्ष में नहीं; मानसून सत्र में बिल दोबारा आ सकता है

अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री या राज्य मंत्री किसी गंभीर अपराध के मामले में गिरफ्तार होने के बाद लगातार 30 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है। इससे जुड़े बिलों को सरकार मानसून सत्र में दोबारा पेश कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक 130वें संविधान संशोधन बिल पर बनी संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) इससे जुड़े प्रावधानों को हटाने के पक्ष में नहीं है। समिति 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को मंजूरी दे सकती है। हालांकि, रिपोर्ट में ऐसे सुरक्षा उपाय जोड़े जा सकते हैं, ताकि राजनीतिक बदले की भावना से झूठे मामलों में गिरफ्तारी कर किसी सरकार को अस्थिर करने के लिए इस कानून का दुरुपयोग न हो। गृहमंत्री अमित शाह ने इससे जुड़े 3 बिलों को पिछले मानसून सत्र में संसद के दोनों सदनों में रखा था, जिसके बाद इसे इन्हें JPC को भेजने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया था। CBI-ED ने 2014 के बाद 13 सिटिंग मंत्रियों को गिरफ्तार किया 2014 के बाद कम से कम 13 सिटिंग मंत्रियों को CBI-ED गिरफ्तार कर चुकी हैं। इनमें से 10 गिरफ्तारियां PMLA के कड़े प्रावधानों के तहत हुईं। ज्यादातर गिरफ्तारियां AAP शासित दिल्ली और TMC शासित पश्चिम बंगाल में हुईं। किसी भाजपाई मंत्री की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सिर्फ उत्तर प्रदेश के मंत्री राकेश सचान को अवैध हथियार के मामले में एक वर्ष की सजा हुई थी। वह जमानत के बाद पर बने रहे। केजरीवाल ने गिरफ्तारी के 6 महीने बाद भी इस्तीफा नहीं दिया, 3 केस से समझिए पूरे मामले को

More From Author

गर्लफ्रेंड की हत्या कराने पति-पत्नी ने 4-लाख की दी सुपारी:घर में घुसकर नकाबपोशों ने मारी गोली, शादी का दबाव बना रही थी, 9 गिरफ्तार

दावा- सरकार ने वॉट्सएप से यूजरनेम फीचर रोकने को कहा:मेटा को नोटिस, 3 दिन में जवाब मांगा; कहा- टेलीग्राम की तरह गलत इस्तेमाल की आशंका

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *