भारतीय स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने बैक इंजरी से वापसी के बाद सीजन के पहले इवेंट में चौथा स्थान हासिल किया। कतर में आयोजित दोहा डायमंड लीग में नीरज ने 85.69 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। हालांकि वे पोडियम फिनिश से चूक गए, लेकिन 82.61 मीटर के क्वालिफाइंग मार्क को पार कर ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अपनी पात्रता सुनिश्चित कर ली। नीरज का पहला प्रयास फाउल रहा, जबकि दूसरे प्रयास में उन्होंने 82.77 मीटर और तीसरे प्रयास में 85.69 मीटर का थ्रो किया। श्रीलंका के रमेश थारंगा पाथिरागे ने चौथे राउंड में 88.68 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स(86.38 मीटर) दूसरे और अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन (85.99 मीटर) तीसरे स्थान पर रहे। पाथिरागे के खिलाफ नीरज का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड अब 1-2 हो गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतियोगिता नीरज के लिए मैच प्रैक्टिस और फॉर्म हासिल करने की दिशा में अहम कदम साबित होगी। 23 जुलाई से 2 अगस्त तक होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
