लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने रविवार को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। NEET पेपर लीक और CBSE की गड़बड़ियों के विरोध में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का आज 9वां दिन है। CJP पिछले 20 जून से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। भूख हड़ताल शुरू होते ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी और स्टूडेंट जुटने लगे। प्रदर्शन में कई किसान नेता भी शामिल हुए। भूख हड़ताल शुरू करने से पहले सोनम वांगचुक और पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इससे पहले पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा था कि शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे तक हमारा आन्दोलन जारी रहेगा। भूख हड़ताल से जुड़ी तस्वीरें… सोनम वांगचुक 170 दिन जोधपुर जेल में रहे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक 170 दिन से वे जोधपुर जेल में थे। सोनम के अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह हिंसा हुई थी। इन प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हुई थी। 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया। दो दिन बाद 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें फौरन जोधपुर शिफ्ट कर दिया था। शिक्षा मंत्री ने देश को बांटने वाला कहा, दीपके के जवाब- हम टैक्स पेयर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 23 जून को NDTV को दिए इंटरव्यू में कहा कि जिन्हें डेमोक्रेसी में रिजेक्ट कर दिया गया था, वे भेष बदलकर आए हैं और अब सिस्टम के पीछे पड़े हैं। वे उन लोगों के लिए नारे लगाते हैं, जो देश को बांटना चाहते हैं। उनकी पहचान हो गई है। प्रधान ने ये भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर शिक्षा को डिरेल करने की कोशिश कर रहे हैं। फिर चाहे वो कोचिंग सेंटर वाले हों या फिर शिक्षा माफिया हों, इन पर नजर रखी जा रही है। हम इन्हें घुटने पर लाएंगे, नहीं तो हम देश के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित नहीं कर सकते। दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसके जवाब में कहा- हम करदाता हैं, हमारे माता-पिता करदाता हैं। हमें आतंकवादी कहा जा रहा है। क्या यह शर्मनाक नहीं है? उन्होंने किसानों और डॉक्टरों को भी अतीत में आतंकवादी कहे जाने के आरोपों का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा और पूछा कि आखिर अब कौन बचा है जिसे ऐसा नहीं कहा गया।
अभिजीत ने कहा- जब हर चीज को गोपनीय बताया जा रहा है तो फिर NEET पेपर गोपनीय क्यों नहीं रखा जा सका। उन्होंने कहा कि यदि पेपर लीक नहीं होता तो कई छात्रों की जान नहीं जाती। इससे पहले X पर एक और पोस्ट में दीपके ने लिखा था- ‘धर्मेंद्र प्रधान हमें आतंकवादी कहते हैं। विडंबना यह है कि उनके हाथ 17 से ज्यादा छात्रों के खून से रंगे हैं।’ CJP का 8 शहरों में प्रदर्शन CJI की टिप्पणी के बाद बनी CJP, युवाओं को कॉकरोच कहा था कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई। 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं। इस टिप्पणी के अगले दिन, 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने CJP की शुरुआत की और सोशल मीडिया पर पार्टी के अकाउंट बनाए। 22 मई को उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका शुरू की, जिसे 8 लाख से अधिक लोगों का समर्थन मिलने का दावा किया गया। 10 जून तक CJP ते इंस्टाग्राम पर 2.27 करोड़ फॉलोअर्स थे। अब इसमें दो लाख की गिरावट आई है। फिर भी यह संख्या भाजपा के 94 लाख और कांग्रेस के 1.37 करोड़ फॉलोअर्स से ज्यादा है। एक्स पर CJP के 2.79 लाख फॉलोअर्स हैं। महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत AAP से जुड़े थे 30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन रात को भी जारी: शाम तक की परमिशन थी; फाउंडर दीपके बोले- शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे तक नहीं हटेंगे NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रदर्शन कर रही है। CJP को शनिवार शाम 5 बजे तक ही प्रदर्शन की अनुमति थी लेकिन फाउंडर अभिजीत दीपके समेत प्रदर्शनकारी रातभर वहां मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़ें…
