पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस को साजिश से जुड़े कई सबूत मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने गूगल मैप पर लोहगढ़ किले की पगडंडियों, खतरनाक जगहों और खाइयों की जानकारी जुटाई। दोनों ने गूगल पर ‘डेथ पॉइंट’ और ‘जहर देकर कैसे मारें, ताकि पुलिस को शक न हो’ जैसी सवाल भी गूगल पर सर्च किया था। दोनों ने पहले से यह भी तय कर लिया था कि पूछताछ के दौरान क्या जवाब देना है। कौन-कौन से व्हाट्सएप मैसेज डिलीट करने हैं। मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड से भी साजिश की पुष्टि हुई है। चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मर्डर के दिन अपना मोबाइल एक दुकान पर छोड़ दिया था। इसके बाद उसने दूसरे मोबाइल का इस्तेमाल किया। पुलिस डिलीट किए गए व्हाट्सएप मैसेज की भी फोरेंसिक जांच करा रही है। क्रिकेट मैच के दौरान पहचान हुई थी पुलिस के मुताबिक, सिया की चेतन से पहचान क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। सिया के भाई साहिल ने भी पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह चेतन को पहले से जानता था। जांच एजेंसियां दोनों के बीच संबंध और साजिश की पूरी टाइमलाइन खंगाल रही हैं। केतन की मां बोलीं- दोनों के फांसी की सजा मिले केतन अग्रवाल को श्रद्धांजलि देने के लिए पिंपरी-चिंचवड़ में परिवार और सोसाइटी के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा, ‘मेरा 26 साल का बेटा बिना किसी गलती के मारा गया। मैं उसकी शादी कराने निकला था, लेकिन बेटे की अर्थी उठानी पड़ी। मेरी सिर्फ एक मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा मिले।’ केतन की मां राखी अग्रवाल ने कहा, ‘मैं एक मां हूं और सिया की भी मां है। इसके बावजूद मैं चाहती हूं कि सिया और चेतन, दोनों को फांसी की सजा मिले। मुझे सिर्फ अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए।’ सिया के परिवार से पूछताछ की 2 तस्वीरें… गोयल के माता-पिता प्रवीण गोयल और पूजा गोयल से शनिवार को लोणावला पुलिस स्टेशन में पूछताछ हुई। इससे पहले शुक्रवार को सिया के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, साहिल चेतन चौधरी को जानता है। केतन मर्डर केस में अब तक क्या-क्या खुलासे हुए… दावा- केतन का सिर कुचला हुआ था नया दावा सामने आया है। केतन का शव रेस्क्यू करने वाले सुनील गायकवाड़ ने बताया है कि केतन के सिर पर गंभीर चोटें थीं, खोपड़ी कुचली हुई थी और हाथ-पैरों पर भी कई जगह चोट थीं। अन्य लोग रो रहे थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन सिया गोयल शांत खड़ी थी। ‘ सुनील ने कहा- शव को जंगल के रास्ते बाहर लाया गया। पुलिस को 18 जून की सुबह करीब 10:30 बजे घटना की सूचना मिली थी। बचाव अभियान दोपहर 12:30 बजे तक चला और करीब 1:30 बजे शव एंबुलेंस में पहुंचाया गया था। केतन के पिता बोले- घटना वाले दिन ही सिया पर शक हुआ केतन के पिता विशाल अग्रवाल के मुताबिक, घटना वाले दिन ही परिवार को सिया गोयल पर शक हो गया था। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने जब कहा कि केतन अभी जिंदा है। उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए, तब सिया के हावभाव बदल गए थे। इसके बाद सिया ने परिवार के सवालों का भी जवाब नहीं दिया। चेतन के पिता ने दैनिक भास्कर को बताया कि 18 जून को सिया की मां का फोन आया था कि केतन लोहगढ़ किले से गिर गया है। परिवार मौके पर पहुंचा तो केतन को खाई से निकाला जा चुका था। उन्होंने देखा कि केतन का मुंह बंधा हुआ था। चेहरा खुलवाकर उसकी पहचान की गई। दरअसल, सिया और केतन 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले पर घूमने गए थे। इसी दौरान केतन की खाई में गिरने से मौत हुई थी। सिया पर बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मंगेतर की हत्या का आरोप है। दोनों पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। बुआ सिया को ले गई, तभी परिवार का शक गहराया केतन की बहन ने सिया से पूछा कि वह कहां बैठी थी, केतन कैसे गिरा और वह किले के उस किनारे तक कैसे पहुंचा। सिया ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। उसका रोना भी परिवार को बनावटी लगा। अगले दिन जब वह उनके घर आई, तब भी परिवार ने पूछा कि केतन का कौन सा पैर फिसला था, लेकिन वह चुप रही। सवाल-जवाब के दौरान शादी तय कराने वाली सिया की बुआ उसे “तू चल-चल” कहकर वहां से ले गई। इसके बाद परिवार का शक और गहरा हो गया। परिवार ने CCTV देखे, फिर पुलिस को सूचना दी विशाल अग्रवाल ने बताया कि उसी शाम परिवार ने बैठकर पूरी घटना पर चर्चा की। उनकी बेटी ने कहा कि कुछ ठीक नहीं लग रहा। परिवार ने पूरी घटना को जोड़कर देखा और सोसायटी के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में दिखा कि लौटते समय सिया रो भी नहीं रही थी। शक बढ़ने पर परिवार ने पुलिस को सूचना दी। विशाल अग्रवाल ने कहा कि केतन को सिया के अफेयर की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उसे कई बार सिया का फोन लगातार बिजी मिलने पर शक हुआ था। उसने परिवार से पूछा भी था कि क्या सिया के बारे में पूरी जानकारी ली गई है परिवार ने उसे भरोसा दिलाया कि रिश्तेदारों ने पूरी पड़ताल की है। इसके बाद उसने दोबारा इस बारे में बात नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर सिया के अफेयर की जानकारी होती तो यह रिश्ता कभी तय नहीं होता। सिया-चेतन ने चैट डिलीट की पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हत्या से पहले और बाद में अपने मोबाइल की चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी। दोनों ने रीसायकल बिन भी खाली कर दिया था। डेटा रिकवर करने के लिए दोनों के मोबाइल फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे। ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है। पुलिस का दावा- विग और हकलाने की वजह से की हत्या पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सिया ने बताया कि उसे केतन का विग लगाना और हकलाना पसंद नहीं था। इसी वजह से उसने हत्या की साजिश रची। हालांकि, केतन के पिता के मुताबिक शादी तय होने से पहले ही सिया और उसके परिवार को केतन के विग के बारे में जानकारी दे दी गई थी। सिया की मां पूजा गोयल बोलीं- बेटी शादी को लेकर खुश थी सिया की मां पूजा बोलीं- इस मामले में कोई भी दोषी है तो उसे सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अगर मेरी बेटी दोषी है, तो उसे भी उसी जगह से नीचे फेंक देना चाहिए, जहां से केतन को धक्का दिया गया था। सिया ने पिता प्रवीण ने कहा कि सिया ने खुद कहा था कि केतन से उसका रिश्ता करवा दीजिए। केतन ने ही सिया को फोन कर लोहगढ़ किला जाने के लिए कहा था। वही कार लेकर आया था। केतन सिया एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। एक बार तो केतन सुबह 4 बजे ही सिया से मिलने घर आ गया था। केतन की हत्या के पहले कैफे में मिले थे सिया-चेतन केतन की हत्या के एक दिन पहले 17 जून को आरोपी सिया और प्रेमी चेतन चौधरी एक कैफे में मिले थे। न्यूज एजेंसी IANS ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि यहीं लोहगढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने का प्लान बनाया था। दोनों ने वह पॉइंट भी ढूंढ लिया, जहां से केतन को धक्का देना था। यदि केतन इससे भी बच जाता तो 20 जून के बाद सड़क हादसे में मारने का बैकअप प्लान तैयार था। 31 मई को मारने का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर 31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या की प्लान सूझा। 5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया। 14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया। लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई। 18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया। ——————- घटना से जुड़ी ये 3 खबरें भी पढ़ें… हकलाने-हेयरविग की वजह से सिया को केतन पसंद नहीं था: पुणे पुलिस को बताया- शादी के लिए मना किया, लेकिन केतन माना नहीं पुणे मर्डर- मंगेतर के साथ सिया की रोमांटिक पोस्ट: दोनों लोहगढ़ किला गए तो प्रेमी भी पहुंचा; गर्मी में हुडी पहना था, इसी से सुराग मिला पुणे में सोनम रघुवंशी जैसा केस: बिजनेसमैन की बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर को 400 फीट गहरी खाई में फेंका; नवंबर में शादी थी
