छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के सभी सरकारी स्कूलों में दिन में तीन बार प्रार्थना और मंत्र-पाठ अनिवार्य किए जाने के आदेश को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इस फैसले का विरोध जताया है। कांग्रेस का कहना है कि यह सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एजेंडा थोपने की कोशिश है। कांग्रेस प्रदेश संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि क्या सरकार सरकारी स्कूलों को सरस्वती शिशु मंदिर बनाना चाहती है। क्या आरएसएस के विचारों को सरकारी स्कूलों में लागू करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, भाजपा प्रवक्ता अमित चिनानी ने कहा कि स्कूलों को सरस्वती शिशु मंदिर जैसा न बनाएं तो क्या मदरसा बनाएं? क्या आतंकवाद की ट्रेनिंग दें? कांग्रेस को चाहे जितनी आपत्ति हो, काम भारतीय संस्कृति के अनुसार ही होंगे। शिक्षा व्यवस्था पर आपत्ति कांग्रेस प्रदेश संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा स्कूल शिक्षा विभाग ने बच्चों के लिए दिन में तीन अलग-अलग समय पर कई मंत्रों और धार्मिक गतिविधियों को अनिवार्य कर दिया है। इसमें भोजन मंत्र, गुरु मंत्र, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र शामिल हैं। आखिर सरकारी स्कूलों में इस तरह की अनिवार्यता की जरूरत क्यों है। हर धर्म और समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल किसी एक विचारधारा या धर्म के नहीं हैं। यहां सभी धर्मों, समुदायों और वर्गों के बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे में किसी विशेष धार्मिक परंपरा से जुड़े मंत्रों को अनिवार्य करना उचित नहीं है। कांग्रेस ने जताया विरोध कांग्रेस ने कहा कि यह फैसला समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाओं को प्रभावित कर सकता है। पार्टी ने सरकार से आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक और वैचारिक प्रयोगशाला नहीं बनाया जाना चाहिए। गायत्री मंत्र में विश्व कल्याण का संदेश वहीं, कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि जब-जब सनातन की बात आती है, कांग्रेस नेताओं को परेशानी होने लगती है। गायत्री मंत्र में विश्व कल्याण का संदेश है, फिर भी कांग्रेस को इससे आपत्ति है। क्या है शिक्षा विभाग का आदेश? बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग ने 12 जून को जारी आदेश में सभी सरकारी स्कूलों में सुबह राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र और महापुरुषों की जीवनी के वाचन को अनिवार्य किया है। वहीं मध्याह्न भोजन के समय भोजन मंत्र, छुट्टी से पहले राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र के पाठ के निर्देश दिए गए हैं। ………… यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ में 16 जून से ही खुलेंगे स्कूल: एडमिशन फेस्ट होगा, फ्री किताबें-यूनिफॉर्म दिए जाएंगे, ड्रॉपआउट बच्चों को वापस लाने स्पेशल प्लान छत्तीसगढ़ में गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल 16 जून से ही खुलेंगे। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया है। सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 16 जून 2026 से पढ़ाई शुरू होगी। पढ़ें पूरी खबर…
