रिकेश बोले-लोहा चोरी के पैसों से अफसरों ने की अय्याशी:भाजपा MLA ने कहा- नेताओं के बच्चों की शादियां हुईं, चुप्पी साधने बंधे हैं मंथली

छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में लोहा चोरी को लेकर वैशाली नगर से बीजेपी विधायक रिकेश सेन ने कहा कि, चोरी के पैसों से अफसरों ने अय्याशी की है। नेताओं के बच्चों की शादियां की और जन्मदिन पार्टी किए गए। लेकिन किसी का भी नाम लेने से इनकार करते हुए कहा कि, यह काम जांच एजेंसियों का है। दैनिक भास्कर से बातचीत में रिकेश सेन ने कहा कि, इस पूरे मामले में कई नेता, अधिकारी और दूसरे लोग भी शामिल हैं। अगर वह किसी व्यक्ति का नाम लूंगा तो इसे राजनीतिक बयान माना जाएगा। इसलिए वह चाहते हैं कि CBI और दूसरी केंद्रीय एजेंसियां जांच करें और खुद सच्चाई सामने लाएं। उनका कहना है कि, यही सबसे बड़ा सवाल है कि भिलाई जैसे शहर में जहां हर किसी को पता है कि लोहा चोरी की चर्चा होती रही है, वहां आज इतने बड़े मामले में कोई नेता कुछ नहीं बोल रहा, जो कई सवाल खड़े करता है। अब पढ़िए बीएसपी से लोहा चोरी मामले में रिकेश ने क्या कुछ कहा ? सवाल: लोहा चोरी का मामला आप लगातार काफी जोरों-शोरों से उठा रहे हैं। कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसमें अब तक कार्रवाई कहां पहुंची और क्या कुछ चल रहा है? जवाब: देखिए, मैंने अपनी शिकायत की कॉपी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, ईओडब्ल्यू, इंटेलिजेंस के अलावा सभी जांच एजेंसियों को दे दिए हैं। केंद्र में पीएमओ, सीबीआई के अधिकारी, ईडी के अधिकारी, सभी केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी दे दिया है। अमित शाह जी को भी मैंने मेल कर दिया है। औपचारिक रूप से जब लोकसभा का मानसून सत्र चालू होगा, तब सभी लोगों से मेरी मुलाकात होगी। कुछ सांसदों के संपर्क में हूं। सांसदों से मैंने निवेदन किया है कि, आप इसे लोकसभा में उठाइए, क्योंकि भारत सरकार की संपत्ति राष्ट्रीय संपत्ति है। जिसे लोगों ने 40 सालों से लूटने का काम किया है। सवाल: लोहा चोरी में बीएसपी के अफसरों की भी संलिप्ता है? जवाब: जी बिल्कुल। हम बार-बार इसलिए कहते हैं कि, 2020-21 से अब तक 10 हजार करोड़ का घोटाला हुआ है। इसमें जीएम, एजीएम की गिरफ्तारी हुई है। लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं। मैंने कहा था कि बीएसपी के अधिकारी लिप्त हैं। बीएसपी के धर्मकांटे में चिप लगाया दिया गया था और रिमोट से जब भी उनकी गाड़ियां लगती थी तो उसे कंट्रोल किया जाता था। एक बार में 50 लाख का लोहा चोरी करते थे। 40 साल से यह सिलसिला चल रहा था। सवाल: प्लांट के अंदर एक ही व्यक्ति की मोनोपोली है क्या? जवाब: यह सबसे बड़ी बात है। कोई दूसरा व्यक्ति प्लांट के अंदर गाड़ी क्यों नहीं लगा सकता ? जब भारत सरकार की संपत्ति है, दूसरे राज्य के लोग, दूसरे जिले के लोग, यहां पर गाड़ियां क्यों नहीं लगा सकते? कोई एक व्यक्ति का ही मोनोपोली क्यों है कि गाड़ी यही लगाएगा? अधिकारियों ने ऐसा निर्देश दिया कि, जब यह स्क्रैप कट के बाहर निकलेगा, तो ना इसका धर्म कांटे में कांटा होगा, ना ही सीआईएसएफ के कोई अधिकारी इसे चेक करेंगे, बल्कि इसे जाने देना है। एक जगह को न काटकर प्लांट के कई हिस्सों को काटा गया। क्योंकि प्लांट से भारी मात्रा में लोहे को बाहर किया जाना था। गाड़ी नंबर उनका फिक्स था कि ये गाड़ी जाएगी। वो लाइन से गाड़ी चलते गई। जैसे 1076 कोई गाड़ी नंबर है, तो 1076 की गाड़ियां वहां पर 50 से 100 आपको मिल जाएगी, जो कैमरे में भी दिखती है। इस तरह इसमें सीआईएसएफ, बीएसपी के अधिकारी, नेता, ट्रांसपोर्टर समेत कई लोग इन्वॉल्व हैं। राष्ट्रीय संपत्ति को बचाना बहुत जरूरी है। सवाल: क्या दुर्ग पुलिस सही से कार्रवाई नहीं कर रही है? जवाब: देखिए, कई मुद्दों में दुर्ग पुलिस कार्रवाई नहीं कर पाएगी, क्योंकि यह एक केंद्रीय एजेंसी का मामला है। भिलाई इस्पात संयंत्र केंद्र सरकार के अधीन आता है। कई बार पुलिस जांच के लिए जाती है, तो वो कोऑपरेट नहीं करते। बीएसपी के अधिकारी FIR कराने नहीं आ रहे थे। दबाव बना, तब जाकर एफआईआर हुई है। इसमें केंद्रीय एजेंसी जब तक इन्वॉल्व नहीं होगी, तब तक कुछ भी नहीं होने वाला। सवाल: बीएसपी लोहा चोरी मामले में पहली शिकायत हुई थी, उसमें भिलाई के एक बड़े ट्रांसपोर्टर का नाम है, लेकिन पुलिस जांच में उसका नाम तक नहीं है? जवाब: देखिए, पुलिस जांच में उसका नाम क्यों शामिल नहीं कर रही है, पुलिस इसमें कहां इन्वॉल्व है, ये पूरा केंद्रीय एजेंसी सीबीआई देखेगी। मैं बार-बार कह रहा हूं, जब तक सीबीआई का आगमन नहीं होगा, तब तक कुछ भी संभव नहीं है। सवाल: क्या बीएसपी में सीबीआई आई थी? जवाब : सूत्र बताते हैं कि बीएसपी में सीबीआई अपनी शुरुआती जांच करके गई है, उनके जांच करने का तरीका अलग है। इसमें सबसे बड़ी पहल वर्तमान भिलाई के डीआईसी (DIC) महापात्रा जी को करना चाहिए। उनको भारत सरकार को लिखना चाहिए कि सीबीआई जांच की आवश्यकता है। मुझे लगता है कि तभी दूध का दूध और पानी का पानी होगा। सवाल: क्या विधानसभा में यह मुद्दा गूंजेगा? जवाब: मैंने अभी अशासकीय संकल्प लगाया है, लेकिन इस सत्र में एक भी अशासकीय संकल्प नहीं आया है, तो कल मैंने ध्यानाकर्षण लगा दिया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार का ध्यान मैं आकर्षित कर रहा हूं। सवाल: आगे क्या रणनीति होगी? जवाब: आखिरी रणनीति यही है कि हाईकोर्ट का दरवाजा मैंने खटखटा लिया है। कुछ दस्तावेज बाकी हैं, दस्तावेज को मैं खंगाल रहा हूं। इसे हाईकोर्ट में लगाकर अगस्त महीने में हाईकोर्ट लगाऊंगा। और हाईकोर्ट से ही सीबीआई जांच का आदेश होगा, तो मुझे लगता है यह बेहतर होगा। सवाल: क्या नाम का खुलासा आप करेंगे? जवाब: मुझे लगता है कि व्यक्तिगत किसी का नाम नहीं लेना चाहिए। मैंने बीएसपी के अधिकारी कहा, तो कई यूट्यूब चैनल ने चलाया कि ‘कौन है वह अधिकारी नाम बताइए? अब जांच एजेंसी ने बता दिया जीएम और एजीएम हैं। अभी न जाने कितने लोग होंगे। हम लोग अगर कोई बयान देंगे तो ऐसा लगेगा कि हम पॉलिटिकल बयान दे रहे हैं, किसी व्यक्ति के खिलाफ दे रहे हैं। मुझे लगता है कि, केंद्रीय जांच एजेंसियों को खुलासा करना चाहिए। सवाल: स्थानीय नेता और बाकी लोग कुछ नहीं बोल रहे हैं ? जवाब: यही तो आश्चर्यचकित है। इसलिए मैं बार-बार अपने बयान में कहता हूं कि बहुत से राजनेता इसमें शामिल हैं। जिनके बच्चों की शादी भी उस लोहे के चोरी के पैसे से हुई है। बच्चों के जन्मदिन मनाए गए हैं। अधिकारियों ने उसी पैसे से अय्याशी की है। कई लोगों के महीने बंधे हुए हैं। यह इतनी आसानी से नेता बोलने वाले नहीं हैं, वो छोटे-छोटे मामले पर बोल देते थे। आज राष्ट्रीय संपत्ति का विषय है, तो कोई इस पर बोल नहीं रहा है। किसको नहीं मालूम है भिलाई से लोहा चोरी होता है? बीएसपी कर्मी एक छोटा सा लोहा ले आता है, घर के लिए नट-बोल्ट ले आता है, तो सीआईएसएफ चेकिंग पर आ जाती है।

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