पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति का पक्षधर है। सभी देश अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करें और समुद्री रास्ते सभी के लिए खुले रहें।’ मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों को लेकर कई देशों की चिंता बढ़ी हुई है। उधर, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा, ‘मैं आपका करियर कॉपी करता हूं।’ उनके इतना कहते ही तालियां बजने लगीं। उन्होंने कहा, ‘ मोदी सरकार की कई योजनाएं सफल रही हैं। इसलिए वे इन्हें अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। अच्छा हुआ इन योजनाओं पर ‘कॉपीराइट’ नहीं है। भारत-इंडोनेशिया के बीच मंगलवार को जकार्ता में 20 समझौते हुए। सबसे अहम ब्रह्मोस डील रही। इसको लेकर दोनों देशों के बीच पिछले 4 महीने से बातचीत चल रही थी। भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट देगा। इसी के साथ फिलीपींस, वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है। पीएम शाम को जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। वे बुधवार को इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन जाएंगे। यह मंदिर 1000 साल से ज्यादा पुराना है। मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान मोदी की इंडोनेशिया दौरे से जुड़ी 4 तस्वीरें… इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन को लेकर चिंता क्यों है?
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र (हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक) में चीन पिछले कुछ सालों से अपनी सैन्य और समुद्री मौजूदगी लगातार बढ़ा रहा है। इसी वजह से भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, फिलीपींस, वियतनाम और कई अन्य देशों की चिंता बढ़ी है। चीन लगभग 90% दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है। जबकि फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान भी इसके कुछ हिस्सों पर दावा करते हैं। चीन ने समुद्र में कृत्रिम द्वीप बनाकर वहां हवाई पट्टियां, रडार और मिसाइल सिस्टम तैनात किए हैं। फिलीपींस और वियतनाम के जहाजों के साथ चीनी कोस्ट गार्ड की कई बार झड़प हो चुकी है। पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…
