छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में मिट्टी धंसने से 3 मजदूरों की दबकर मौत हो गई। मृतकों में 2 पुरुष और एक महिला शामिल है। मंगलवार शाम दल्लीराजहरा में दास पान ठेला चौक के पास यह हादसा हुआ। मजदूर सीवरेज पाइप बिछाने के लिए खुदाई कर रहे थे, तभी अचानक मिट्टी धंस गई और वे 10 फीट गहरे गड्ढे में दब गए। घटना दल्लीराजहरा क्षेत्र की है। BSP टाउन के सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट के तहत यह काम हो रहा था। मृतकों की पहचान किशुन कुमार (54), राकेश कुमार (28) और बैशाखिन (50) के रूप में हुई है। शाम करीब 5.30 बजे हादसा हुआ और रात करीब 11 बजे तक तीनों के शव निकाल लिए गए। वहीं हादसे के बाद परिजन आदिवासी संगठनों के साथ BSP अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गए हैं। 1 करोड़ रुपए मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जिसके चलते अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ और पोस्टमॉर्टम रोक दिया गया है। वहीं परिजन शव लेने तैयार नहीं हो रहे। पहले देखिए ये तस्वीरें- मिट्टी धंसी तो निकलने का मौका नहीं मिला बीएसपी की सीवरेज लाइन विस्तार प्रोजेक्ट के तहत गहरी खुदाई कर पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा था। बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के चार मजदूरों को गहरे गड्ढे में उतारकर पाइप फिटिंग कराया जा रहा था। इसी दौरान चेन मोल्डिंग मशीन की चेन अचानक टूट गई। तेज झटके के कारण मिट्टी भरभराकर धंस गई और मजदूर मलबे में दब गए। इनमें से एक मजदूर किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा, जबकि तीन अन्य अंदर फंस गए। उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
12 फीट गहरे गड्ढे में कर रहे थे काम हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के 12 फीट गहरे गड्ढे में काम कराया जा रहा था। न तो सुरक्षा बैरिकेडिंग थी और न ही मिट्टी धंसने से बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बीएसपी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य चलाया गया, लेकिन तब तक तीनों मजदूरों की जान जा चुकी थी। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है। मौके पर 4 घंटे बाद पहुंचे BSP अधिकारी- लुनिया भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लुनिया के मुताबिक पंडरदल्ली से क्रिकेट ग्राउंड तक लगभग 35 लाख रुपये की लागत से पुरानी सीवरेज पाइपलाइन बदलने का कार्य किया जा रहा था। यह काम हाइड्रा मशीन की मदद से किया जाना चाहिए था, लेकिन मजदूरों को गहरे गड्ढे में उतारकर चेन मोल्डिंग मशीन के सहारे काम कराया जा रहा था। सौरभ लुनिया ने कहा कि हादसे के बाद भी जिम्मेदार BSP अधिकारी करीब 4 घंटे बाद मौके पर पहुंचे। तब तक नगर पालिका, पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान पूरा किया जा चुका था। परिजनों को मुआवजा मिले, दोषियों पर कार्रवाई हो – तोरण नगर पालिका दल्लीराजहरा अध्यक्ष नेता तोरण साहू ने घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए दोषी ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की। जिम्मेदार लोगों पर एक्शन होगा- भोजराज नाग भोजराज नाग ने घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही वे शाम 7 बजे से मौके पर पहुंचे थे और कलेक्टर, एसडीएम और BSP अधिकारियों से लगातार चर्चा कर रहे थे। सांसद ने कहा कि पीड़ित परिवारों को मुआवजा राशि दी जाएगी। उन्होंने इसे बड़ी लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ………………….. हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… दुर्ग में सिलेंडर ब्लास्ट से 4 लोग जिंदा जले: खंभे में शॉर्ट-सर्किट, मकान में लगी आग; किचन में धमाका, 2 बहन-पिता और मासूम की मौत छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मंगलवार दोपहर सिलेंडर ब्लास्ट होने से एक ही परिवार के 4 लोग जिंदा जल गए। मृतकों में 2 बहनें, पिता और एक डेढ़ साल की बच्ची शामिल है। जानकारी के मुताबिक कुम्हारी स्थित खंभे में शॉर्ट सर्किट से मकान में आग लगी थी। पढ़ें पूरी खबर
