महाराष्ट्र निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को बंपर जीत हासिल हुई है। रविवार का जारी हुए 288 सीटों (246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों) के रिजल्ट में महायुति को 213 सीटों पर जीत मिली। गठबंधन में भाजपा 118 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 58 सीटें, NCP अजित को 37 सीटें मिलीं। वहीं, विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी के हिस्से केवल 50 सीटें ही आईं। इसमें कांग्रेस 31, शिवसेना उद्धव को 9, शरद पवार की NCP को केवल 10 सीटें ही मिलीं। 25 सीटें अन्य को मिली हैं, जिन्होंने स्थानिक अघाड़ी (लोकल अलायंस) बनाया था। दरअसल, महाराष्ट्र 288 नगर परिषदों और नगर पंचायत के लिए दो चरणों में चुनाव हुआ था। पहले चरण में 2 दिसंबर को 263 निकायों में मतदान हुआ था। बाकी 23 नगर परिषदों और कुछ खाली पदों पर 20 दिसंबर को वोटिंग हुई थी। धुले की डोंडाइचा नगर परिषद और सोलापुर की उंगर नगर पंचायत में अध्यक्ष और सदस्यों का चुनाव निर्विरोध हुआ था। जलगांव जिले की जामनेर नगर परिषद में भी अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला नहीं हुआ था। तीनों पदों पर भाजपा ने निर्विरोध जीत हासिल की। संजय राउत बोले- चुनाव में पैसों की बारिश हुई शिवसेना (उद्धव) सांसद संजय राउत ने कहा- BJP को 120-125 सीटें मिलीं, शिंदे ग्रुप को 54 मिलीं और अजित पवार को 40-42 सीटें मिलीं। ये नंबर असेंबली वाले ही हैं, है ना? वही मशीन, वही सेटिंग और वही पैसा। यही हमारी डेमोक्रेसी है। नंबरों में बिल्कुल भी बदलाव नहीं हुआ है। BJP ने मशीनें उसी तरह सेट की हैं। इसीलिए वही नंबर दिख रहे हैं। उन्हें कम से कम नंबर तो बदलने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि इस इलेक्शन में पैसों की बारिश हुई। उस बारिश से कौन बचेगा? हमारे उगाए और बोए हुए खेत भी उसके आगे झुक गए हैं। BJP और शिंदे ग्रुप 30 करोड़ रुपए के बजट वाली म्युनिसिपैलिटी पर 150 करोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं। राउत ने कहा कि अभी तक हमने म्युनिसिपल इलेक्शन में कैंपेनिंग के लिए हेलिकॉप्टर और प्राइवेट प्लेन का इस्तेमाल नहीं किया है। हमने ये इलेक्शन वर्कर्स पर छोड़ दिए थे. लेकिन यहां तो मुकाबला रूलिंग पार्टियों के अंदर था। मुकाबला हमारे साथ नहीं था। पावर में बैठी 3 पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ खेलती रहीं। इससे बहुत सारा पैसा बना। इससे सचमुच पैसों की बारिश हुई। लोगों को भी पैसे से वोट देने की आदत हो गई है, संजय राउत ने अपना गुस्सा दिखाते हुए कहा। कुछ जगहों पर महायुति दलों की पार्टियों में फ्रेंडली फाइट निकाय चुनावों में मुख्य टक्कर महायुति में शामिल भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की NCP का विपक्षी MVA गठबंधन के उद्धव ठाकरे की शिवसेना, शरद पवार की NCP और कांग्रेस के बीच है। हालांकि, कुछ जगहों पर सत्तारूढ़ गठबंधन के दल, भाजपा, शिंदे की शिवसेना और पवार की NCP आमने-सामने हैं। कुल मिलाकर, भाजपा नेतृत्व वाले महायुति और महाविकास आघाड़ी के बीच मुकाबले के साथ गठबंधनों के भीतर फ्रेंडली फाइट भी है। BJP सबसे बड़ी पार्टी के रूप में आगे महाराष्ट्र निकाय चुनावों की मतगणना के शुरुआती दो घंटों के रुझानों में BJP सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। रुझानों के मुताबिक, BJP 95 नगर परिषदों में अध्यक्ष पद हासिल करने की स्थिति में है। एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना 41 नगर परिषदों में आगे चल रही है। अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP 32 परिषदों में बढ़त बनाए हुए है। उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना 8 नगर परिषदों में आगे है, जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP 11 परिषदों में आगे चल रही है। कांग्रेस 26 नगर परिषदों में बढ़त पर है और इन जगहों पर अध्यक्ष पद मिलने की संभावना है। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों और स्थानीय गठबंधनों का प्रदर्शन भी मजबूत रहा है। ये 25 से ज्यादा नगर परिषदों में आगे चल रहे हैं। जय पाटिल ने बारामती से लगातार चौथी बार जीत दर्ज NCP (अजित पवार) के सिटी प्रेसिडेंट जय पाटिल ने बारामती नगर परिषद चुनाव में लगातार चौथी बार जीत दर्ज की है। उनके प्रतिद्वंद्वी को केवल 200 वोट मिले। जय पाटिल इससे पहले उपाध्यक्ष (डिप्टी मेयर) भी रह चुके हैं। गूगल पर इलेक्शन रिजल्ट महाराष्ट्र ट्रेंड कर रहा है… सोर्स- गूगल ————————— निकाय चुनाव से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… शशि थरूर जहां से सांसद, वहां NDA निकाय चुनाव जीता:तिरुवनंतपुरम के 101 वार्डों में से 50 पर जीत, 45 साल से लेफ्ट का कब्जा था केरल के निकाय चुनाव में NDA को बड़ी कामयाबी मिली है। गठबंधन ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्डों में से 50 वार्डों पर जीत दर्ज की है। पिछले 45 साल से यहां वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) का कब्जा है। LDF 29 और कांग्रेस गठबंधन (UDF) को 19 वार्डों में विजय मिली है। 2020 में तिरुवनंतपुरम के स्थानीय निकाय चुनावों में LDF ने 52 वार्ड जीते थे। भाजपा-नेतृत्व वाले NDA को 33 वार्ड मिले थे और UDF ने 10 वार्डों में जीत हासिल की थी। तिरुवनंतपुरम कांग्रेस सांसद शशि थरूर का गढ़ माना जाता है। पूरी खबर पढ़ें…
