महादेव सट्टा, कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से अरेस्ट:24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर ला रही ED, 940 करोड़ की संपत्ति पहले ही जब्त

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। सिंडिकेट से जुड़े कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने विकास गर्ग को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर ED को सौंप दिया है। एडिशनल सेशंस जज (ASJ) विजय शंकर ने गर्ग को रायपुर लाकर स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश करने की अनुमति दी है। ED की टीम विकास गर्ग को रायपुर लेकर आ रही है। आज (बुधवार) उसे रायपुर की स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा। कस्टोडियल रिमांड की मांग की जाएगी। ED अब विकास गर्ग से महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ करेगी। बता दें कि पिछले दिनों ED ने विकास गर्ग की 940 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त की थी। 6 दिन पहले ही महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप का संचालक सौरभ चंद्राकर ओमान में अरेस्ट हुआ था। उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। चंद्राकर पिछले कुछ समय से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहा था।
हर महीने 450 करोड़ से ज्यादा का अवैध कारोबार ED ने इस मामले की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस के दुर्ग जिले में दर्ज एफआईआर, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित ‘पैनल नेटवर्क’ के जरिए काम कर रहा था। एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क से हर महीने 450 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई हो रही थी। शेल कंपनियों के जरिए की गई मनी लॉन्ड्रिंग जांच में ED को पता चला कि अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसे को कैश के बदले फर्जी कंपनियों और कई स्तर के वित्तीय लेन-देन के जरिए वैध दिखाया गया। एजेंसी के मुताबिक, अपराध से कमाए गए करीब 940.77 करोड़ रुपए विकास गर्ग के नियंत्रण वाली कंपनियों में पहुंचाए गए। बाद में इस रकम से शेयर, निवेश और अन्य संपत्तियां खरीदी गईं। पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई ED ने बताया कि इस मामले में इससे पहले 7 बार संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। वहीं, एजेंसी रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में कई अभियोजन शिकायतें भी दाखिल कर चुकी है। अदालत धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में संज्ञान भी ले चुकी है। अब तक 3800 करोड़ की संपत्ति अटैच इस कार्रवाई से पहले ईडी इस मामले में करीब 2,825 करोड़ रुपए की चल-अचल और विदेशी संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज कर चुकी थी। महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज बेटिंग मामले में कुर्क, जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल मूल्य बढ़कर लगभग 3,800 करोड़ रुपए पहुंच गया है। ED का कहना है कि मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है। ……………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… महादेव ऐप का संचालक सौरभ चंद्राकर ओमान में अरेस्ट: फर्जी पासपोर्ट से पहुंचने का आरोप; 7 साल से फरार, अब भारत लाने की तैयारी चंद्राकर को ओमान की राजधानी मस्कट स्थित हाई-सिक्योरिटी अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। बता दें कि सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। वह करीब 5000 करोड़ रुपये के बेटिंग घोटाले का आरोपी है और 2019 से फरार है। पढ़िए पूरी खबर

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