पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सरकार की जॉब गारंटी योजना ‘कर्मश्री’ का नाम अब महात्मा गांधी के नाम पर रखने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सम्मान में लिया गया है। ममता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब केंद्र ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) से महात्मा गांधी का नाम हटाया तो यह बेहद शर्मनाक था। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र राष्ट्रपिता को सम्मान नहीं दे सकता, तो हम देंगे। उन्होंने कहा- इस योजना का नाम महात्मा गांधी के नाम पर होने का उद्देश्य न केवल उनके योगदान को श्रद्धांजलि देना है, बल्कि बेरोजगारों को रोजगार की गारंटी देने की दिशा में भी मजबूत संदेश देना है। दरअसल केंद्र सरकार ने हाल ही में मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी VB G Ram G करने के लिए सदन में बिल पेश किया था, जिसे गुरुवार को लोकसभा से पास कर दिया गया है। विपक्षी दल लगातार महात्मा गांधी का नाम हटाकर नए बिल लाने का विरोध कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल एक शांतिपूर्ण राज्य है। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली तमाम निगेटिव नैरेटिव्स झूठे हैं। इसका उद्देश्य राज्य की छवि को धूमिल करना है। उन्होंने कहा कि कुछ झूठी खबरें तथाकथित सोशल मीडिया से आती हैं, जो वीडियो पोस्ट करती हैं या बंगाल की बदनाम करने के लिए गलत जानकारी फैलाती हैं। लेकिन मैं किसी को चुनौती देती हूं, वे बंगाल को नुकसान नहीं पहुंचा सकते। कर्म श्री योजना के बारे में जानें… पश्चिम बंगाल सरकार ने 2024 में कर्म श्री योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक जॉब कार्ड धारक परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 50 दिनों का मजदूरी रोजगार प्रदान करना है। इससे बेरोजगारी दर कम करने और जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मदद मिलेगी।
