मिडफील्डर मनप्रीत सिंह भारत के लिए सबसे ज्यादा हॉकी मैच खेलने वाले प्लेयर बन गए हैं। उन्होंने पूर्व खिलाड़ी दिलीप टिर्की (412 मैच) को पीछे छोड़ा। 33 साल के मनप्रीत के नाम 413 मैच हो गए हैं। इस उपलब्धि के बाद हॉकी इंडिया ने उन्हें 10 लाख रुपए देने की घोषणा की है। भारत ने नीदरलैंड के रॉटरडैम में खेले गए FIH हॉकी प्रो लीग में वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को 3-1 से हराया। मैच के सातवें मिनट में मनदीप सिंह ने गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 13वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने बढ़त दोगुनी कर दी। 35वें मिनट में नीलकांता शर्मा ने तीसरा गोल दागा। जर्मनी के लिए 45वें मिनट में राफेल हार्टकोफ ने एकमात्र गोल किया। कोहली से सीखी फिटनेस मनप्रीत ने कहा कि इतने मैच खेलने के पीछे का राज फिटनेस है। उन्होंने भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को फिटनेस का आदर्श बताते हुए कहा कि हर खिलाड़ी उनसे सीखता है कि लंबे समय तक खुद को कैसे फिट रखा जाए। मनप्रीत ने कहा, विराट फिटनेस के मामले में सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं। मैंने भी उनसे बहुत कुछ सीखा है। मैदान पर उनका आक्रामक रवैया, फोकस और 100 प्रतिशत देने की आदत इंस्पायर करती है। 41 साल बाद ओलिंपिक मेडल दिलाया मनप्रीत ने 2011 में 19 साल की उम्र में सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था। उन्होंने 2021 टोक्यो ओलिंपिक में कप्तानी करते हुए भारत को 41 साल बाद ओलिंपिक मेडल दिलाया था। इससे पहले भारत ने 1980 के मॉस्को ओलिंपिक में गोल्ड जीता था। मानप्रीत के करियर में 2014 और 2022 एशियाई खेलों के गोल्ड मेडल, 2017 और 2025 एशिया कप खिताब, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और टोक्यो 2020 तथा पेरिस 2024 ओलिंपिक के ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। मिथापुर, जालंधर के रहने वाले मनप्रीत को 2018 में अर्जुन पुरस्कार और 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न से सम्मानित किया गया था। दुनिया के 5वें सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले प्लेयर 413 इंटरनेशनल मैचों के साथ मनप्रीत मेंस हॉकी में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले प्लेयर्स में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे बेल्जियम के जॉन-जॉन डोहमेन (481), नीदरलैंड्स के ट्यून डी नूयर (453), ऑस्ट्रेलिया के एडी ऑकेन्डेन (451) और ग्रेट ब्रिटेन के बैरी मिडलटन (432) हैं। उन्होंने पाकिस्तान के वसीम अहमद (410) और नीदरलैंड्स के जेरोन डेल्मी (401) को भी पीछे छोड़ दिया है। 400 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ियों में मनप्रीत इकलौते एक्टिव खिलाड़ी हैं। ओलिंपिक गोल्ड पर नजर मनप्रीत ने कहा कि दो ओलिंपिक ब्रॉन्ज जीतने के बावजूद उनका सपना अभी पूरा नहीं हुआ है। उनका लक्ष्य हॉकी वर्ल्ड कप में मेडल और 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में गोल्ड जीतना है। मनप्रीत ने अपने करियर का सबसे बड़ा पल टोक्यो ओलिंपिक का ब्रॉन्ज बताया। वहीं 2012 लंदन ओलिंपिक को सबसे निराशाजनक अनुभव कहा, जहां भारत एक भी मैच नहीं जीत सका था और 12वें स्थान पर रहा था। भारत 8वें स्थान पर पहुंचा इस जीत के साथ भारत पॉइंट्स टेबल में 7 पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर पहुंच गया। भारत और जर्मनी के बीच अगला मुकाबला आज रात 11 बजे से खेला जाएगा।
