छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत तस्करी के विवाद में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष को जिंदा जलाकर मार दिया गया। आरोप है कि रेत कारोबार से जुड़े लोगों ने उनके घर के सामने उनकी फॉर्च्यूनर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में गंभीर रूप से झुलसे भाजपा नेता के भाई और शिक्षक की अंबिकापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। घटना सोनहत थाना क्षेत्र की है। देखिए पहले ये 4 तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? सोनहत के नौगई गांव में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था। रेत के अवैध खनन और तस्करी को लेकर उनका भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। देर रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों ने भरत सिंह के घर को घेर लिया। विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने फॉर्च्यूनर कार के सामने डंपर वाहन लगाकर उसका रास्ता रोक दिया और कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। कार में भरत सिंह, उनका भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह, रायपुर निवासी वीरू सिंह समेत एक अन्य व्यक्ति सवार थे। आरोप है कि हमलावरों ने वाहन में सवार लोगों को बाहर निकलने और जान बचाकर भागने का मौका नहीं दिया, जिससे वे आग की चपेट में आ गए। कार सवार सभी बुरी तरह झुलसे कार सवार भरत सिंह बुरी तरह से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनके भाई नागेंद्र सिंह, वीरू सिंह और एक अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से झुलस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एम्बुलेंस से घायलों को तत्काल इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर किया। इलाज के दौरान शिक्षक नागेंद्र सिंह ने भी दम तोड़ दिया। वहीं वीरू सिंह और एक अन्य गंभीर घायल को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। देर रात घटनास्थल पहुंचे IG मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा देर रात ही कोरिया पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। पुलिस और प्रशासन के सीनियर अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है। भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह क्षेत्र के प्रभावशाली भाजपा नेताओं में गिने जाते थे और सोनहत क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती थी। वे पहले रामचंद्र सिंहदेव के करीबी रहे थे, लेकिन बाद में मतभेद होने पर भाजपा में शामिल हो गए थे। हालांकि, इस मामले पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दो दिन पहले भी हुआ था विवाद रेत घाट को लेकर दोनों पक्षों के बीच दो दिन पहले भी विवाद हुआ था। विवाद के बाद मनोज त्रिपाठी के भाई निशांत त्रिपाठी ने उत्कर्ष सिंह, लवकुश सिंह और मयंक सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इनमें लल्ला सिंह और उनके भाई के बेटे भी शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि रेत तस्करी के मुद्दे पर तनाव लगातार बढ़ रहा था। बुधवार को विवाद फिर भड़क गया, जिसके बाद यह हिंसक वारदात सामने आई। मनोज त्रिपाठी को भाजपा विधायक रेणुका सिंह का करीबी नेता माना जाता है। पुलिस घटनाक्रम की जांच कर रही है और विवाद से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाल रही है। ……………….. क्राइम से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कांग्रेस नेता के बेटे की सिर पर गोली मारकर हत्या: नकाबपोश बदमाश घर में घुसे, फायरिंग की; पिता बोले- रेत के कारोबार के कारण मारा छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कांग्रेस नेता के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 23 अप्रैल की रात तीन बदमाश नकाब पहनकर घर घुसे और फायरिंग कर दी। आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। मामला बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव का है। पढ़ें पूरी खबर…
