लंदन स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तंबाकू कंपनियों में से एक ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको इस साल अपने कुल 47,000 कर्मचारियों में से लगभग पांचवें हिस्से यानी करीब 20% की कटौती करने जा रही है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह लागत कम करने और टेक्नोलॉजी इनेबल्ड बनने के लिए इस साल के अंत तक 5,500 नौकरियां खत्म करेगी और 3,500 अन्य पदों को आउटसोर्स करेगी, जिससे कुल 9,000 कर्मचारी प्रभावित होंगे। FTSE 100 में शामिल यह कंपनी वर्तमान में ट्रेडिशनल सिगरेट की घटती डिमांड और निकोटीन के अन्य विकल्पों (जैसे वेप्स और पाउच) में निवेश बढ़ाने के दबाव का सामना कर रही है। सालाना 600 मिलियन पाउंड की बचत का लक्ष्य CEO बोले- हम फ्यूचर-रेडी ऑर्गेनाइजेशन बना रहे BAT के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) टेडू मार्रोको ने कहा कि हम एक फ्यूचर-रेडी ऑर्गेनाइजेशन बना रहे हैं, जो अधिक फुर्तीला, लागत के मामले में अनुशासित और टेक्नोलॉजी इनेबल्ड है। इन बदलावों से हमारे कई सहयोगी प्रभावित हो रहे हैं और हम इस बदलाव के दौरान उन्हें देखभाल और सम्मान के साथ सहयोग देने पर फोकस कर रहे हैं, क्योंकि हम बिजनेस को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं। अमेरिका में कोई छंटनी नहीं, एक्सेंचर संभालेगी काम कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका में उसके बिजनेस में कोई छंटनी नहीं होगी, जहां वह अपनी सहायक कंपनी रेनॉल्ड्स अमेरिकन के तहत काम करती है। पिछले साल BAT ने अपने कुछ कामों को आउटसोर्स करने के लिए टेक्नोलॉजी कंसल्टेंसी कंपनी एक्सेंचर के साथ साझेदारी की थी। CEO मार्रोको ने उस समय कहा था कि इस डील से कंपनी को एक्सेंचर के एडवांस AI सॉल्यूशंस (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉल्यूशंस) तक पहुंच मिलेगी। BAT के मुताबिक, इस डील के बाद से यूके, पोलैंड, रोमानिया, कोस्टा रिका, मैक्सिको, सिंगापुर और मलेशिया में कुछ नौकरियां एक्सेंचर द्वारा ले ली गई हैं। बिजनेस को डिजिटल और AI-फोकेस्ड बनाने की तैयारी ग्लोबल सिगरेट वॉल्यूम 2.5% घटने का अनुमान ग्रुप ने अनुमान जताया है कि इस साल ग्लोबल लेवल पर सिगरेट इंडस्ट्री के वॉल्यूम में करीब 2.5% की गिरावट आएगी। यही वजह है कि लंदन में लिस्टेड और मुख्यालय वाली यह कंपनी अब स्मोक-फ्री प्रोडक्ट्स जैसे कि व्यूज वेप्स और वेलो निकोटीन पाउच में भारी निवेश कर रही है। कंपनी ने इस महीने की शुरुआत में निवेशकों को बताया था कि बिजनेस के इस ‘न्यू कैटेगरीज’ वाले हिस्से में रेवेन्यू ग्रोथ तेज हो रही है और इस साल इसमें 15% के आसपास की ग्रोथ होने की उम्मीद है। सोमवार को BAT और कॉम्पिटिटर कंपनियों के शेयर गिरे सोमवार को शुरुआती कारोबार में BAT के शेयरों में करीब 1.4% की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि इस साल अब तक (साल-दर-तारीख) इसके शेयर लगभग 11.8% ऊपर हैं। BAT के इस फैसले का असर बाजार की दूसरी कंपनियों पर भी दिखा और शुरुआती कारोबार में इसकी कॉम्पिटिटर कंपनी इम्पीरियल ब्रांड्स के शेयर भी 1% तक गिर गए। क्या होता है FTSE 100 और आउटसोर्सिंग? FTSE 100: इसे ‘Footsie’ भी कहा जाता है। यह लंदन स्टॉक एक्सचेंज (LSE) पर लिस्टेड मार्केट कैप के हिसाब से 100 सबसे बड़ी कंपनियों का एक शेयर इंडेक्स है, जैसे भारत में सेंसेक्स या निफ्टी होता है। आउटसोर्सिंग: जब कोई कंपनी अपने किसी आंतरिक काम या बिजनेस प्रोसेस को खुद न करके किसी बाहरी विशेषज्ञ कंपनी को सौंप देती है, तो उसे आउटसोर्सिंग कहते हैं। इससे कंपनियों को अपनी लागत घटाने और एडवांस टेक्नोलॉजी (जैसे AI) का इस्तेमाल करने में मदद मिलती है। ये खबर भी पढ़ें… चांदी ₹5,059 बढ़कर ₹2.22 लाख किलो पर पहुंची: 24 कैरेट सोना ₹2,038 महंगा होकर 1.42 लाख हुआ, इस साल कीमत ₹9 हजार बढ़ी सोने-चांदी की कीमतों में 29 जून को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 1 किलो आज चांदी 5,059 रुपए बढ़कर 2.22 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना आज 2,038 रुपए महंगा होकर 1.42 लाख रुपए आ गया है। इससे पहले यह 1.40 लाख पर था। पूरी खबर पढ़ें…
