भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों से जुड़े यौन शोषण मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया।सुनवाई के दौरान कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व सचिव विनोद तोमर कोर्ट में मौजूद रहे। फैसले के बाद बृजभूषण ने कहा- जज ने ये कहा कि बृजभूषण और विनोद तोमर आप लोगों को बाइज्जत बरी किया जाता है। मैंने पहले कहा था कि अगर कोई आरोप साबित हो जाएगा तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। मेरे लिए खुशी का दिन है। बृजभूषण 20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर थे। 10 मई 2024 को अदालत ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर आरोप तय किए थे, जिसके बाद ट्रायल शुरू हुआ था। मामले में 127 सुनवाई हुईं 2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामला जनवरी 2023 में सामने आया था। तब से लेकर अब तक कुल 1133 दिनों में 127 सुनवाई हुईं। फैसला एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने सुनाया। नाबालिग पहलवान ने वापस ले लिए थे आरोप मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद पुलिस ने बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। 6 खिलाड़ियों ने शिकायत दर्ज कराई थी। एक नाबालिग पहलवान ने बाद में अपनी शिकायत वापस ले ली और बयान बदल दिया था। आरोप तय करने पर सुनवाई के दौरान बृजभूषण सिंह ने कहा था कि मामला ‘झूठा और प्रेरित’ है। बृजभूषण बोले- होइहि सोइ जो राम रचि राखा फैसले के बाद बृजभूषण जब अपने आवास पहुंचे तो समर्थकों ने उन पर फूल बरसाए। मीडिया के सवालों पर उन्होंने कहा- होइहि सोइ जो राम रचि राखा। बेटे करण भूषण ने फेसबुक पर पोस्ट किया। लिखा- साजिश हुई नाकाम, सत्य की हुई जीत। पिताजी बाइज्जत बरी हुए। सत्यमेव जयते! वहीं, WFI के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा- ‘बृजभूषण पर झूठे आरोप लगाए गए थे। कोर्ट ने उन्हें सम्मानपूर्वक बरी कर दिया है। इससे पूरे कुश्ती जगत में खुशी का माहौल है।’
