बीमार युवक को खाट पर 7km ढोकर चले ग्रामीण, VIDEO:बीजापुर में बारिश से मेन रोड का संपर्क टूटा, कच्चे रास्ते में रुकी एंबुलेंस

बीजापुर के उसूर ब्लॉक के रायगुड़ा गांव में लगातार बारिश से कच्चे रास्तों का मेन रोड से संपर्क टूट गया। इस दौरान एक ग्रामीण युवक की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे खाट पर लिटाकर करीब 7 किलोमीटर पैदल मुख्य सड़क तक लाना पड़ा। घटना का वीडियो भी सामने आया है। जहां एंबुलेंस कर्मचारी और ग्रामीण मिलकर बीमार युवक को खाट पर ढोकर पैदल चले। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव तक सड़क नहीं होने की वजह से एंबुलेंस अंदर तक नहीं पहुंच सकीं। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा। गांव तक नहीं पहुंच सकी एम्बुलेंस जानकारी के अनुसार, 18 जुलाई को रायगुड़ा गांव के स्कूल पारा निवासी सावन मरकाम (22) को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। रात 9 बजे तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस गांव तक पहुंचने के लिए रवाना हुई, लेकिन सड़क नहीं होने के कारण बीच रास्ते में ही रुक गई। इसके बाद ग्रामीणों और 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों ने मिलकर मरीज को खाट पर लिटाया और खेतों, पगडंडियों और कच्चे रास्तों से होते हुए लगभग 7 किलोमीटर दूर मेन रोड तक लेकर पहुंचे। वहां पहले से मौजूद एम्बुलेंस में मरीज को शिफ्ट कर अस्पताल रवाना किया गया। मरीज को हॉस्पिटल पहुंचाने में 108 एम्बुलेंस के स्टाफ EMT राजेश वालदास और पायलट विनोद मंचराला शामिल थे। बरसात में और बढ़ जाती है परेशानी ग्रामीणों का कहना है कि रायगुड़ा सहित आसपास के कई गांव आज भी मेन रोड से नहीं जुड़े हैं। बरसात के दिनों में कच्चे रास्ते कीचड़ में तब्दील हो जाते हैं, जिससे गांव का संपर्क लगभग कट जाता है। ऐसी स्थिति में यदि कोई बीमार हो जाए या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना पड़े, तो लोगों को इसी तरह खाट या डोली का सहारा लेना पड़ता है। दशकों से सड़क की मांग, अब तक नहीं मिला समाधान स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे कई सालों से गांव तक सड़क निर्माण और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण केवल स्वास्थ्य सेवाएं ही प्रभावित नहीं होतीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, खेती-किसानी और दैनिक जीवन भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है। मरीजों की जान जोखिम में ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क संपर्क नहीं होने के कारण इमरजेंसी चिकित्सा सेवाएं भी समय पर उपलब्ध नहीं हो पातीं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से रायगुड़ा तक सर्व-मौसम सड़क का निर्माण कराने और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी मरीज को इलाज के लिए खाट पर ढोने की मजबूरी न हो। ……………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… पैरालाइज्ड पेशेंट को कंधों पर ढोकर 15KM चले ग्रामीण, VIDEO: बांस की खाट बनाकर पहाड़ से उतारा, नहीं पहुंची एंबुलेंस, अफसर बोले- कॉल नहीं आया छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में ग्रामीणों को लकवाग्रस्त मरीज को खाट पर लादकर करीब 15 किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ा। इसके बाद किसी तरह निजी वाहन की व्यवस्था कर मरीज को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पढ़िए पूरी खबर…

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