फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सोमवार को ग्रुप G और ग्रुप H के मुकाबले खेले गए। ग्रुप G में बेल्जियम और ईरान के बीच मैच 0-0 की बराबरी पर छूटा, जबकि मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। वहीं, ग्रुप H में केप वर्डे ने शानदार खेल दिखाते हुए दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे को 2-2 से ड्रॉ पर रोक दिया। इन नतीजों के बाद दोनों ग्रुपों में नॉकआउट दौर में पहुंचने की जंग और रोमांचक हो गई है। केप वर्डे ने पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को बराबरी पर रोका
केप वर्डे ने पूर्व वर्ल्ड चैंपियन उरुग्वे को 2-2 की बराबरी पर रोककर बड़ा उलटफेर किया। मियामी में खेले गए मुकाबले में केप वर्डे ने पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए एक अंक हासिल किया। इससे पहले वह स्पेन को भी 0-0 से ड्रॉ पर रोक चुका है। इस ड्रॉ के साथ ही ग्रुप H में नॉकआउट की रेस बेहद दिलचस्प हो गई है। स्पेन 4 अंकों के साथ ग्रुप में टॉप पर है, जबकि उरुग्वे और केप वर्डे दोनों के 2-2 अंक हैं। केविन पिना ने 34 यार्ड की शानदार फ्री-किक पर गोल कर केप वर्डे को बढ़त दिलाई, लेकिन हाफ-टाइम से पहले मैक्सी अराउजो और अगस्टिन कैनोबियो के गोल से उरुग्वे 2-1 से आगे हो गया। दूसरे हाफ में उरुग्वे की डिफेंस की गलती का फायदा उठाकर वरेला ने बराबरी का गोल दाग दिया। इसके बाद उरुग्वे ने जीत के लिए जोर लगाया, लेकिन पिको लोप्स और सिडनी लोप्स कैबरल की अगुआई में केप वर्डे के डिफेंस ने मजबूती से मुकाबला बचाते हुए मैच 2-2 से ड्रॉ करा दिया।
बेल्जियम और ईरान की टीम एक भी मैच नहीं जीत पाए हैं लॉस एंजिल्स में खेले गए मुकाबले में बेल्जियम और ईरान ने 0-0 से ड्रॉ खेला। दोनों टीमें टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत की तलाश में थीं, लेकिन मजबूत डिफेंस और गोलकीपिंग के कारण कोई भी गोल नहीं हो सका। इस ड्रॉ के बाद दोनों टीमों के दो मैचों में दो-दो अंक हो गए हैं। बेल्जियम के लिए स्टार स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू की करीब एक साल बाद शुरुआती एकादश में वापसी हुई। वहीं, ईरान का एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द कर दिया गया। बेल्जियम को 66वें मिनट में बड़ा झटका लगा, जब सेंटर-बैक नाथन नगोय को रेड कार्ड मिला और टीम को आखिरी 24 मिनट 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इसके बावजूद ईरान अतिरिक्त खिलाड़ी का फायदा नहीं उठा सका और मुकाबला गोलरहित ड्रॉ पर समाप्त हुआ। गार्सिया बोले- मौके बहुत मिले, लेकिन गोल नहीं कर सके मैच के बाद बेल्जियम के कोच रूडी गार्सिया ने कहा कि उनकी टीम ने रणनीति के हिसाब से अच्छा खेल दिखाया, लेकिन फिनिशिंग में कमी रही। गार्सिया ने कहा, ‘हम ईरान के खिलाफ तीन गोल से जीत सकते थे, लेकिन हम उतने प्रभावी नहीं रहे। हमने कई मौके बनाए। फुटबॉल में जब आप गोल नहीं करते, तो मैच नहीं जीत सकते। खेल और रणनीति के लिहाज से हमने वैसा ही प्रदर्शन किया जैसा चाहते थे, लेकिन गोल करने में नाकाम रहे।’ 92 साल बाद वर्ल्ड कप में मिस्र की पहली जीत: न्यूजीलैंड को 3-1 से हराया मिस्र ने फुटबॉल वर्ल्ड कप इतिहास में अपनी पहली जीत दर्ज कर ली है। 1934 में टूर्नामेंट में डेब्यू करने के 92 साल बाद टीम को यह उपलब्धि मिली। ग्रुप G के मुकाबले में मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर इतिहास रचा और जीत के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया। सालाह और जीको की जोड़ी ने दिलाई जीत मिस्र की जीत के हीरो कप्तान मोहम्मद सालाह रहे। उन्होंने एक गोल किया और एक गोल में असिस्ट दिया। वहीं, मुस्तफा जीको ने भी एक गोल और एक असिस्ट के साथ टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। दोनों खिलाड़ियों की शानदार साझेदारी के सामने न्यूजीलैंड का डिफेंस बेअसर नजर आया। न्यूजीलैंड की उम्मीदें बरकरार हार के बावजूद न्यूजीलैंड ने मुकाबले में अच्छी चुनौती पेश की। टीम की नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीदें अभी भी कायम हैं और आखिरी ग्रुप मैच उसके लिए निर्णायक होगा। ग्रुप G में मिस्र टॉप पर इस जीत के बाद मिस्र 4 अंकों के साथ ग्रुप G में शीर्ष पर पहुंच गया है। वहीं, बेल्जियम और ईरान के बीच मुकाबला ड्रॉ रहने से दोनों टीमों के 2-2 अंक हैं। ऐसे में मिस्र की राउंड ऑफ 16 में पहुंचने की संभावना सबसे मजबूत मानी जा रही है।
