पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा का मोस्ट वांटेड आतंकी मारा गया:जम्मू-कश्मीर में तीर्थयात्रियों की बस पर हमला करवाया था; आतंकी हाफिज सईद का करीबी

लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का मोस्ट वांटेड आतंकी अबू कताल शनिवार रात पाकिस्तान में मारा गया। पंजाब जिले में अनजान हमलावरों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। अबू कताल 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का करीबी था। कताल LeT का अहम सदस्य था और जम्मू-कश्मीर में कई हमलों की साजिश रचने के लिए जाना जाता था। पिछले साल 9 जून को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में शिवखोड़ी मंदिर से लौट रहे तीर्थयात्रियों की बस पर हमले में भी कताल का हाथ था। इसमें 10 लोगों की जान गई थी। हाफिज सईद के मरने की भी खबरें आईं, खंडन हुआ सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें भी चल रही हैं कि इस हमले में आतंकी हाफिज सईद भी मारा गया है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा कि जब अबू कताल अपनी कार से झेलम इलाके से गुजर रहा था, तो बाइकसवारों ने कार पर ओपन फायर कर दिया। इस हमले में अबू कताल मारा गया, जबकि कार में मौजूद हाफिज सईद घायल हुआ था। बाद में उसकी भी जान चली गई। हालांकि इन दावों का खंडन कर दिया गया है। पिछले साल आतंकियों ने रियासी में बस पर ओपन फायर किया था 9 जून 2024 को आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में शिव खोड़ी से कटरा जा रही बस पर ओपन फायर किया था। हमले में ड्राइवर घायल हुआ था और उसका बस से कंट्रोल खो गया था। इसके चलते बस खाई में गिर गई। 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 33 लोग घायल हो गए थे। इस हमले की साजिश में कताल का नाम आया था। NIA ने राजौरी हमले में कताल का नाम दिया था नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 2023 के राजौरी हमले में अबू कताल का नाम अपनी चार्जशीट में शामिल किया था। 1 जनवरी 2023 को राजौरी जिले के धंगरी गांव में एक आतंकी हमले में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया था। अगले दिन, एक IED विस्फोट भी हुआ। इन हमलों में सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। NIA ने इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा के तीन और आतंकी भी शामिल थे। NIA की चार्जशीट में जिन तीन आतंकियों के नाम हैं, वे हैं- अबू कताल, सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट (जो अली, हबीबुल्लाह और नोमान समेत कई और नामों से भी जाना जाता था) और मोहम्मद कासिम के रूप में की गई थी। अबू कताल और साजिद जट्ट पाकिस्तानी नागरिक थे, जबकि मोहम्मद कासिम भारतीय था और 2002 के आसपास पाकिस्तान चला गया था। वहां जाकर वह लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया था। NIA की जांच में खुलासा हुआ कि इन तीनों को जिम्मेदारी दी गई थी कि वे लश्कर-ए-तैयबा में पाकिस्तानी आतंकियों की भर्ती कराएंगे और उन्हें जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए तैनात करेंगे।

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