पंप ऑपरेटर का बेटा कैसे बना महादेव सट्टा किंग:गिरफ्तारी से बचने दूसरे देश की नागरिकता ली; सौरभ चंद्राकर की कहानी 10 किस्सों में

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किया गया है। उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय एजेंसियों की ओर से जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। अब भारत सरकार उसे वापस लाने के लिए ओमान से प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद महादेव बेटिंग ऐप का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। छत्तीसगढ़ के भिलाई में जूस की दुकान चलाने वाला एक युवक आखिर कैसे कुछ ही सालों में हजारों करोड़ रुपए के कथित ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का सबसे बड़ा चेहरा बन गया? कैसे उसने दुबई में अपना साम्राज्य खड़ा किया और देश की सबसे प्रमुख जांच एजेंसियों के रडार पर आया। पढ़िए सौरभ चंद्राकर से जुड़ी 10 कहानियां… 1. भिलाई से शुरू हुआ सफर सौरभ चंद्राकर का जन्म छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक सामान्य परिवार में हुआ। उसके पिता भिलाई नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे। परिवार का जीवन साधारण था। न कोई बड़ा कारोबार था और न ही कोई राजनीतिक रसूख। सौरभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई भिलाई में ही की। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने नौकरी करने के बजाय खुद का छोटा कारोबार शुरू करने का फैसला किया। इसी दौरान उसने भिलाई में ही एक जूस सेंटर खोला। यहीं से कुछ साल बाद सौरभ की जिंदगी ने नया मोड़ लिया और आगे चलकर उसने ऐसा रास्ता चुना, जिसने उसे भिलाई से दुबई और फिर अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों की नजर तक पहुंचा दिया। 2. दुबई गया और वहीं से खड़ा किया महादेव बेटिंग नेटवर्क 2019 में सौरभ चंद्राकर भारत छोड़कर दुबई चला गया। कुछ समय बाद उसने अपने करीबी दोस्त रवि उप्पल को भी वहां बुला लिया। दोनों ने मिलकर महादेव ऑनलाइन बुक नाम से ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क तैयार किया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, दुबई से बैठकर उन्होंने भारत समेत कई देशों में ऑनलाइन सट्टेबाजी का कारोबार चलाया और देखते ही देखते हजारों एजेंटों का नेटवर्क खड़ा कर दिया। महादेव सट्टा ऐप के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन, पोकर, कार्ड गेम और यहां तक कि चुनावों पर भी अवैध सट्टा लगाया जाता था। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क की सबसे मजबूत जड़ें छत्तीसगढ़ में थीं। यहां बड़ी संख्या में बैंक खाते खुलवाए गए और इन्हीं खातों के जरिए पैसों का लेन-देन किया गया। बाद में यह नेटवर्क देश के कई राज्यों और विदेशों तक फैल गया। 3. दुबई में 200 करोड़ की शादी फरवरी 2023 में सौरभ चंद्राकर ने दुबई में शादी की। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस शादी में करीब 200 करोड़ रुपए खर्च किए गए। परिवार और मेहमानों को लाने-ले जाने के लिए प्राइवेट जेट लगाए गए। शादी में लग्जरी होटल बुक किए गए और ग्रैंड सेलिब्रेशन किया गया। शादी में बॉलीवुड एक्टर, सिंगर, एक्ट्रेस ने परफॉर्मेंस दिए। सनी लियोनी, नेहा कक्कड़, एली एवराम, आतिफ असलम, राहत फतेह अली खान, अली असगर, विशाल दादलानी, टाइगर श्रॉफ, भाग्यश्री, पुलकित सम्राट, कृति खरबंदा, नुसरत भरूचा, कृष्णा अभिषेक जैसे दर्जन भर बॉलीवुड सितारों ने परफॉर्म किया। सौरभ की शादी फरवरी में हुई थी लेकिन उनकी शादी के वीडियो और फोटो करीब 5 महीने बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। मुंबई-नागपुर से वेडिंग प्लानर, डेकोरेटर, डांसर और इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां बुलाई गईं। शादी के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। 4. शादी के बाद ED के निशाने पर आया दुबई की इस आलीशान शादी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच तेज कर दी। मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला और अवैध सट्टेबाजी के आरोपों के बीच महादेव ऐप पूरे देश में जांच एजेंसियों की कार्रवाई का बड़ा मामला बन गया। इसके बाद कई शहरों में छापे पड़े और कई गिरफ्तारियां हुईं। 5. प्रोटेक्शन मनी और राजनीतिक विवाद जांच के दौरान ED ने दावा किया कि महादेव ऐप के संचालक पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए अधिकारी और राजनेताओं तक प्रोटेक्शन मनी पहुंचाई जाती है। इसी दौरान ऐप से जुड़े प्रमोटर शुभम सोनी का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कथित तौर पर संरक्षण राशि दिए जाने का आरोप लगाया। इसके बाद असीम दास से बरामद नकदी और उसके बयान का हवाला देते हुए ED ने अपनी चार्जशीट में 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान 508 करोड़ रुपए कथित तौर पर पहुंचाए जाने का दावा किया। ED के अनुसार, शुभम सोनी ने असीम दास को यह नकदी पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इन्हीं बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ED ने शुभम सोनी को महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क का कथित तीसरा प्रमोटर (संचालक) मानते हुए अपनी अभियोजन शिकायत में आरोपी बनाया है। वहीं, भूपेश बघेल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें राजनीतिक साजिश बताया है। इस मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। 6. गिरफ्तारी से बचने के लिए वानूआतू की नागरिकता महादेव बेटिंग ऐप मामले में ED की कार्रवाई तेज होने के बाद सौरभ चंद्राकर और उसके करीबी सहयोगी रवि उप्पल ने भारत की नागरिकता छोड़कर प्रशांत महासागर के छोटे द्वीपीय देश रिपब्लिक ऑफ वानूआतू की नागरिकता ले ली। इसकी जानकारी करीब 2 साल पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सामने आई थी। महादेव ऐप मामले में जारी गैर-जमानती वारंट को चुनौती देते हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने हाईकोर्ट में दोनों के वानूआतू के पासपोर्ट पेश किए और कहा कि वे अब भारतीय नहीं, बल्कि वानूआतू के नागरिक हैं। दस्तावेजों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर को 6 मई 2022 और रवि उप्पल को 28 जून 2022 को वानूआतू का पासपोर्ट जारी हुआ था, जिसकी वैधता साल 2032 तक है। वहीं, जांच एजेंसियों का आरोप है कि दोनों ने भारत में दर्ज मामलों और कानूनी कार्रवाई से बचने तथा प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को जटिल बनाने के उद्देश्य से विदेशी नागरिकता हासिल की। हालांकि, इस पूरे मामले पर कानूनी प्रक्रिया अभी भी जारी है। 7. UAE में गिरफ्तारी, लेकिन भारत नहीं लाया जा सका सौरभ चंद्राकर को अक्टूबर 2024 में इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की पुलिस ने हिरासत में लिया था। उस समय उसे कुछ समय तक हाउस अरेस्ट में भी रखा गया। भारत सरकार ने सौरभ के प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) के लिए UAE को औपचारिक अनुरोध भेजा था, ताकि उसे भारत लाकर पूछताछ की जा सके। हालांकि, कानूनी और प्रक्रियागत कारणों से यह प्रत्यर्पण नहीं हो सका और बाद में सौरभ को रिहा कर दिया गया। 8. दुबई में कराई पं. प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा दिसंबर 2024 में दुबई के ली मेरिडियन होटल एंड कॉन्फ्रेंस सेंटर, गरहौद में 9 से 11 दिसंबर तक पं. प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया था। पहली बार पंडित प्रदीप मिश्रा पहली बार भारत के बाहर किसी दूसरे देश में कथा वाचन करने गए थे। इसी दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ, जिसमें महादेव सट्टा ऐप का संचालक सौरभ नजर आया। इस कार्यक्रम का प्रसारण धार्मिक चैनल पर भी किया गया था। इसका आयोजन सौरभ चंद्राकर और उसके परिवार ने कराया था। कार्यक्रम के वायरल वीडियो में सौरभ अपनी पत्नी और परिवार के साथ कथा सुनते देखा गया। सौरभ के पार्टनर रवि उप्पल भी पंडित प्रदीप मिश्रा से आशीर्वाद लेते नजर आए। इस दौरान राजनीतिक गलियारों में भी पक्ष-विपक्ष की ओर से जमकर बयानबाजी हुई। हालांकि, पंडित प्रदीप मिश्रा को इस मामले में किसी जांच एजेंसी ने पूछताछ नहीं की थी। 9. दुबई में आलीशान प्रॉपर्टी, ED ने 1700 करोड़ की संपत्तियां जब्त कीं महादेव बेटिंग ऐप से हुई कमाई से सौरभ चंद्राकर ने दुबई में करोड़ों रुपए की लग्जरी संपत्तियां खरीदीं। ED ने मार्च 2026 में कार्रवाई करते हुए सौरभ और सट्टा ऐप से जुड़ी 1700 करोड़ रुपए की 20 अचल संपत्तियां अटैच कीं। इनमें 18 प्रॉपर्टी दुबई में और 2 नई दिल्ली में हैं। दुबई की जिन संपत्तियों पर कार्रवाई हुई, उनमें बुर्ज खलीफा का एक अपार्टमेंट, दुबई हिल्स एस्टेट के लग्जरी विला और अपार्टमेंट, बिजनेस बे और एसएलएस होटल एंड रेजिडेंसेज की हाई-एंड प्रॉपर्टी शामिल हैं। ED का आरोप है कि इन संपत्तियों को महादेव बेटिंग नेटवर्क से हुई कथित अवैध कमाई से खरीदा गया और इन्हें सौरभ चंद्राकर व उसके सहयोगियों के जरिए नियंत्रित किया जा रहा था। एजेंसी के मुताबिक, महादेव ऐप मामले में अब तक कुल 4336 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं। 10. ED, CBI, इंटरपोल… कई एजेंसियों के रडार पर सौरभ महादेव बेटिंग ऐप मामला सामने आने के बाद सौरभ चंद्राकर देश और विदेश की कई जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गया। भारत में प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध संपत्ति और हवाला नेटवर्क की जांच कर रहा है, जबकि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) महादेव ऐप से जुड़े आपराधिक मामलों और उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया देख रही है। सौरभ के खिलाफ इंटरपोल ने रेड नोटिस जारी किया, जिसके आधार पर पहले UAE और अब रॉयल ओमान पुलिस ने कार्रवाई की। इसके अलावा दुबई पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने भी उसकी गतिविधियों पर रिपोर्ट तैयार कर भारतीय एजेंसियों और इंटरपोल के साथ साझा की। अब भारत सरकार विदेश मंत्रालय के जरिए ओमान से उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। ED के मुताबिक, इस मामले में अब तक 175 से ज्यादा ठिकानों पर छापे, 13 गिरफ्तारियां, 74 आरोपी, 5 अभियोजन शिकायतें और 4,336 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं। इससे साफ है कि महादेव बेटिंग ऐप मामला देश के सबसे बड़े वित्तीय अपराध मामलों में शामिल हो चुका है। ईडी का आधिकारिक बयान शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को आधिकारिक बयान में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से कहा गया कि सौरभ चंद्राकर और उसके गुर्गों तक पहुंचने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। दुबई में भी ED अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है, ताकि चंद्राकर को पकड़ा जा सके। सौरभ की शादी से जुड़ी ये तस्वीरें भी देखिए… ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… महादेव सट्‌टा ऐप के प्रमोटर के साथ पं. प्रदीप मिश्रा: दुबई बुलाकर कराई कथा, भूपेश बोले- डबन इंजन का हाथ, महादेव ऐप के साथ भास्कर एक्सप्लेनर- 200 करोड़ की आलीशान शादी से खुली पोल: महादेव बेटिंग ऐप की कहानी, जिसकी वजह से फंसे रणबीर से कपिल शर्मा तक

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