छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ठेकेदार दीपेश गांधी के आवास पर दबिश दी है। ईडी की यह कार्रवाई पिछले चार घंटे से अधिक समय से जारी है। यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना घोटाला या उससे जुड़े अन्य मामलों से संबंधित हो सकती है। हालांकि ईडी की ओर से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है। ईडी की टीम सुरक्षा बलों के साथ दो वाहनों में धमतरी पहुंची और कोतवाली थाना क्षेत्र के आमापारा वार्ड स्थित दीपेश गांधी के निवास पर जांच शुरू की। मकान के भीतर 6 से अधिक अधिकारी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान टीम ने घर में मौजूद परिजनों के मोबाइल अपने कब्जे में ले लिए हैं। साथ ही अलग-अलग दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है। बता दें कि दीपेश गांधी पेशे से ठेकेदार है। वह अलग-अलग सरकारी और निजी परियोजनाओं में बड़े ठेकेदारों के साथ काम करता है। पूर्व मंत्री के भाई के घर ED रेड पड़ी थी बता दें कि इससे पहले भारतमाला घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कुरूद में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर छापेमारी की थी। साथ ही कुरूद में ही राइस मिलर रौशन चंद्राकर के यहां रेड मारी गई थी। जानिए कैसे हुआ घोटाला ? भारतमाला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया। इस केस में दैनिक भास्कर डिजिटल में खबर छपने के बाद कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को सस्पेंड किया गया था। इसके पहले जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था। शशिकांत और निर्भय पर जांच रिपोर्ट तैयार होने के 6 महीने बाद कार्रवाई हुई थी। निर्भय कुमार साहू सहित 5 अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपए से ज्यादा राशि की गड़बड़ी का आरोप है। जमीन को टुकड़ों में बांटा, 80 नए नाम चढ़ाए राजस्व विभाग के मुताबिक, मुआवजा करीब 29.5 करोड़ का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफिया ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरे में बांट दिया। मुआवजा के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में चढ़ा दिए गए। इससे 559 मीटर जमीन की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 70 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई। अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ मुआवजा राशि निर्धारित की गई। जिसमें से 246 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं 78 करोड़ रुपए का भुगतान अभी रोक दिया गया। क्या है भारत माला परियोजना ? भारत माला परियोजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना है, जिसके तहत करीब 26 हजार किलोमीटर आर्थिक कॉरिडोर विकसित किए जाने हैं। यह कॉरिडोर गोल्डन क्वाड्रिलेटरल, नॉर्थ-साउथ और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जुड़ेंगे। देश के अधिकांश फ्रेट ट्रैफिक को इन्हीं मार्गों से ले जाने की योजना है। रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर इसी परियोजना का अहम हिस्सा है। ..………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… धमतरी में पूर्व मंत्री के भाई के घर ED रेड: 12 से ज्यादा अधिकारी खंगाल रहे दस्तावेज; अभनपुर में भी एक्शन, भारतमाला से जुड़ा मामला
छत्तीसगढ़ के चर्चित भारतमाला घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। सोमवार तड़के ईडी की टीम ने धमतरी के कुरूद में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर छापेमारी की। साथ ही कुरूद में ही राइस मिलर रौशन चंद्राकर के यहां रेड मारी गई। पढ़ें पूरी खबर…
