छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में जैसे ही दूल्हा द्वार पूजा के लिए पहुंचा, दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया। ग्राम कोसमंदा में 23 जून को पहुंची बारात खाली हाथ वापस लौट गई। दरअसल, दूल्हा शराब के नशे में था। वह लड़खड़ा रहा था, जिसके बाद वर-वधु पक्ष के बीच झगड़ा हो गया। दूल्हा इतने नशे में था कि वह अपने पैरों पर खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। यह देखकर दुल्हन ने उसे 3 थप्पड़ भी जड़ दिए। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को बुलाना पड़ गया। पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया। इस फैसले के बाद SP ने दुल्हन का सम्मान भी किया है, यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। मामला चांपा थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि दूल्हा सगाई में शराब पीकर आया था। पहले देखिए तस्वीरें… द्वार पूजा में लड़खड़ा रहा था दूल्हा ग्राम खोखरा निवासी संत कुमार प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। उसकी शादी कोसमंदा की मुस्कान प्रधान से तय थी। दोनों परिवारों में शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और सभी रस्में चल रही थीं। 23 जून को संत कुमार बाजे-गाजे और बारातियों के साथ बारात लेकर लड़की के गांव पहुंचा। वहां वधु पक्ष ने बारात का स्वागत किया और द्वार पूजा की तैयारी शुरू हुई। शाम को द्वार पूजा के समय संत कुमार नशे में इतना धुत था कि वह अपने पैरों पर खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। ये बात दूल्हन को पता चली तो उसने द्वार पूजा से पहले ही शादी से इनकार कर दिया। शादी से मना करने पर बनी विवाद की स्थिति दुल्हन के फैसले के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। हालांकि मुस्कान के परिवार वालों ने उसका पूरा समर्थन किया और शादी नहीं कराने का फैसला लिया। लेकिन वर पक्ष के लोगों ने आपत्ति जताई। दूल्हे को इस हालत में देखकर मुस्कान प्रधान ने उसे दो-तीन थप्पड़ भी मारे। इस घटना से दोनों परिवारों में खुशी का माहौल गम में बदल गया। हालात को देखते हुए पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया सूचना मिलने पर चांपा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सीएसपी योगिताबाली खापर्डे और थाना प्रभारी अशोक कुमार ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। इसके बाद बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई। SP ने किया सम्मानित मामले की जानकारी मिलने के बाद जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने मुस्कान प्रधान और उसके परिवार को सम्मानित किया। उन्होंने प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर युवती के साहस की सराहना की। SP ने कहा कि यह केवल एक शादी टूटने का मामला नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ समाज को जागरूक करने वाला संदेश है। उन्होंने कहा कि अन्य युवतियों को भी गलत बातों के खिलाफ आवाज उठाने का साहस दिखाना चाहिए। ‘नशा विरोधी अभियान’ की यूथ आइकन बनी मुस्कान पुलिस अधीक्षक ने मुस्कान प्रधान को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का “यूथ आइकन” बताया। साथ ही महिला परिवार परामर्श केंद्र जांजगीर में 5 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय पर जिम्मेदारी देने की घोषणा भी की। इसके अलावा समाजसेवियों से मुस्कान की आगे की पढ़ाई जारी रखने में सहयोग करने की अपील की गई। मुस्कान ने अभी तक 10वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है। मुस्कान बोली- जिंदगी किसी नशेड़ी के हवाले नहीं कर सकती मुस्कान प्रधान ने अन्य युवतियों से भी अपील की कि शादी से पहले लड़के और उसके परिवार के बारे में पूरी जानकारी जरूर लें और अपनी जिंदगी किसी नशेड़ी के हवाले न करें।जीवन का फैसला बहुत महत्वपूर्ण होता है और किसी भी लड़की को दबाव में आकर समझौता नहीं करना चाहिए। मां बोली- बेटी के फैसले पर गर्व है मुस्कान की मां ने बताया कि उनके पति का निधन हो चुका है। परिवार ने मजदूरी कर बच्चों का पालन-पोषण किया है। तीन बेटियों और एक बेटे की जिम्मेदारी उन्होंने कठिन परिस्थितियों में निभाई है। उन्होंने कहा कि बेटी ने जो फैसला लिया, उस पर उन्हें गर्व है। समाज में बेटियों को सही और गलत के बीच निर्णय लेने की ताकत मिलनी चाहिए। सोशल मीडिया पर भी मिल रही सराहना घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी मुस्कान के फैसले की जमकर सराहना हो रही है। लोग इसे नशे के खिलाफ मजबूत संदेश और महिलाओं के आत्मसम्मान से जुड़ा साहसिक कदम बता रहे हैं। …………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… शराबी दूल्हे को देखकर दुल्हन ने तोड़ी शादी: बारात में हुआ बवाल, दूल्हा समेत रिश्तेदारों को बंधक बनाने का आरोप, विवाद में पुलिस की एंट्री शादी का मंडप सजा था, बारात दरवाजे पर थी और रिश्तेदार खुशी-खुशी बारात का स्वागत कर रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में माहौल पूरी तरह बदल गया। दूल्हा जैसे ही द्वार-चार की रस्म के लिए उतरा, वह शराब के नशे में लड़खड़ाने लगा। पढ़ें पूरी खबर…
