खरीफ सीजन की दस्तक के साथ ही किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। डीजल, खाद और बीज की कमी से परेशान किसानों का गुस्सा बुधवार को सड़क पर दिखाई दिया। नारायणपाल, आड़ावाल और आसपास के गांवों के किसान ट्रैक्टरों के साथ एसडीएम कार्यालय बस्तर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने एक ऐसा दृश्य भी दिखाया जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। खेत में डीजल खत्म होने से बंद पड़े ट्रैक्टर को ग्रामीणों ने रस्सी से बांधकर करीब पांच किलोमीटर तक खींचते हुए एसडीएम कार्यालय तक पहुंचाया। किसानों का कहना था कि खेती के सबसे महत्वपूर्ण समय में उन्हें डीजल तक नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर जरकिन और डिब्बों में डीजल देने से इनकार किया जा रहा है। ऐसे में खेतों में काम कर रहे ट्रैक्टरों और कृषि यंत्रों तक डीजल पहुंचाना मुश्किल हो गया है। किसानों के अनुसार बारिश से पहले खेत तैयार करने, जुताई और अन्य कृषि कार्यों के लिए डीजल अनिवार्य है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था के कारण खेती प्रभावित होने लगी है।
