टिम कुक के बाद जॉन टर्नस संभालेंगे एपल की कमान:15 साल बाद बदल रहा कंपनी का CEO; कुक अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनेंगे

टिम कुक की जगह अब जॉन टर्नस एपल के नए CEO होंगे। वे 1 सितंबर 2026 से कंपनी की कमान संभालेंगे। कुक अब कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। बोर्ड ने सर्वसम्मति से इस योजना को मंजूरी दे दी है। टिम कुक: एपल को 4 ट्रिलियन डॉलर की कंपनी बनाया टिम कुक 1998 में एपल से जुड़े थे और 2011 में CEO बने थे। उनके नेतृत्व में एपल की मार्केट वैल्यू 350 बिलियन डॉलर (करीब ₹32 लाख करोड़) से बढ़कर 4 ट्रिलियन डॉलर (लगभग ₹350 लाख करोड़) हो गई है। कंपनी का सालाना रेवेन्यू भी 108 बिलियन डॉलर (करीब ₹10 लाख करोड़) से बढ़कर 2025 में 416 बिलियन डॉलर (₹39 लाख करोड़) के पार पहुंच गया है। 5 बड़े प्रोडक्ट्स और सर्विसेज जिन्हें कुक के दौर में लॉन्च किया गया जॉन टर्नस: 25 साल का अनुभव और स्टीव जॉब्स के साथ काम जॉन टर्नस ने साल 2001 में इस टेक कंपनी को जॉइन किया था। वे तब प्रोडक्ट डिजाइन टीम का हिस्सा थे। वे कंपनी के फाउंडर स्टीव जॉब्स के साथ भी काम कर चुके हैं। एपल से पहले उन्होंने ‘वर्चुअल रिसर्च सिस्टम्स’ में एक मैकेनिकल इंजीनियर के तौर पर काम किया था। टर्नस 2013 में हार्डवेयर इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट बने और फिर 2021 में उन्हें सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बना दिया गया। इन सालों के दौरान टर्नस ने आईपैड, एयरपॉड्स, आईफोन, एपल वॉच और हाल ही में लॉन्च हुए मैकबुक नियो जैसे बड़े डिवाइसेज पर काम किया। 51 साल के टर्नस लगभग उसी उम्र के हैं, जिस उम्र में टिम कुक ने एप्पल के सीईओ की कमान संभाली थी। टर्नस के पास यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है। टर्नस ने कहा, एपल के मिशन को आगे ले जाने का यह मौका मिलने पर मैं बहुत आभारी हूं। मैंने अपना लगभग पूरा करियर एप्पल में ही बिताया है, और मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे स्टीव जॉब्स के मार्गदर्शन में काम करने और टिम कुक को अपना मेंटर बनाने का मौका मिला।” टिम कुक ने कहा, “जॉन टर्नस के पास एक इंजीनियर का दिमाग, एक आविष्कारक की आत्मा और ईमानदारी के साथ नेतृत्व करने वाला दिल है। वे एक विजनरी लीडर हैं जिनका पिछले 25 सालों में एपल के लिए योगदान इतना बड़ा है कि उसे गिना नहीं जा सकता।” जॉन टर्नस के सामने ये बड़ी चुनौतियां होंगी: अगले 4 महीने तक साथ काम करेंगे कुक और टर्नस टिम कुक इस साल अगस्त के आखिर तक CEO के रूप में काम जारी रखेंगे ताकि टर्नस के साथ स्मूथ ट्रांजिशन सुनिश्चित हो सके। एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनने के बाद कुक ग्लोबल पॉलिसी मेकर्स के साथ जुड़ने और कंपनी के खास पहलुओं पर ध्यान देंगे। कुक ने कहा कि एपल के CEO के रूप में काम करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है। बोर्ड में अन्य बदलाव: आर्थर लेविंसन बनेंगे लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर पिछले 15 वर्षों से एपल के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन रहे आर्थर लेविंसन 1 सितंबर 2026 से लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की भूमिका में होंगे। इसी दिन जॉन टर्नस भी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल हो जाएंगे। लेविंसन ने कहा कि टर्नस का गहरा तकनीकी ज्ञान और बेहतरीन प्रोडक्ट्स बनाने का फोकस एपल को शानदार भविष्य की ओर ले जाएगा। एनवायरनमेंट और प्राइवेसी पर फोकस कुक के नेतृत्व में एपल ने अपना कार्बन फुटप्रिंट 60% तक कम किया है। टर्नस ने भी सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान देते हुए रीसायकल एल्युमीनियम और 3D प्रिंटेड टाइटेनियम (एपल वॉच अल्ट्रा 3) का इस्तेमाल शुरू कराया। साथ ही, उन्होंने प्रोडक्ट्स की मजबूती (ड्यूरेबिलिटी) और रिपेयरेबिलिटी बढ़ाने वाली तकनीकों को बढ़ावा दिया है। एपल के 50 साल के सफर में अब तक 7 सीईओ रह चुके एपल से जुड़े 3 जरूरी आंकड़े नॉलेज पार्ट: क्या होता है एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर?

More From Author

तमिलनाडु में ₹1,200 करोड़+ के कैश-गोल्ड और फ्रीबीज जब्त:PM मोदी पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, चुनाव आयोग को 700 नागरिकों ने लेटर लिखा

महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र बुलाएगी छत्तीसगढ़ सरकार:विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास होगा; 27 अप्रैल तक होंगे प्रदर्शन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *