जनरल उपेंद्र द्विवेदी मंगलवार को आर्मी चीफ के पद से रिटायर हो गए। रिटायरमेंट से पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। द्विवेदी ने कहा- दो सालों में भारतीय सेना ने हर मोर्चे पर अपनी तैयारी, संतुलन और सतर्कता मजबूत बनाए रखी। ऑपरेशन सिंदूर इसका प्रमुख उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज मैं यह जिम्मेदारी जनरल धीरज सेठ को सौंप रहा हूं। वह एक अनुभवी सैनिक और सक्षम नेता हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं को कायम रखते हुए नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। द्विवेदी की जगह जनरल धीरज सेठ लेंगे। वे आज ही कार्यभार संभालेंगे। सेठ भारत के 31वें आर्मी चीफ होंगे। उन्हें भारतीय सेना में लगभग चार दशक का अनुभव है। उन्होंने दिसंबर 1986 सेना ज्वॉइन की थी। जनरल द्विवेदी ने कहा- भारतीय सेना ने हर मोर्चे पर तैयारी रखी जनरल सेठ उप सेना प्रमुख के पद पर रह चुके सेना बैकग्राउंड वाले परिवार से आते हैं सेठ आर्मी चीफ सेठ सेना के बैकग्राउंड वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल कृष्ण मोहन सेठ भारतीय सेना में एडजुटेंट जनरल के पद से 1997 में रिटायर हुए थे। जनरल कृष्ण मोहन सेठ ने सेना की दो बड़ी और अहम टुकड़ियों XXI स्ट्राइक कोर और III कोर की कमान भी संभाली थी। धीरज सेठ खेलों में भी गहरी रुचि रखते हैं। उन्हें टेनिस और गोल्फ खेलना पसंद है। उनकी पत्नी का नाम कोमल सेठ है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों के नाम पहली बार सार्वजनिक:5 सेना, 1 एयरफोर्स का जवान, 2 को वीरता सम्मान मिला; वॉर मेमोरियल में नाम दर्ज ऑपरेशन सिंदूर में भारत के 6 जवान शहीद हुए थे। केंद्र सरकार ने 13 महीनों बाद पहली बार आधिकारिक तौर पर इनके नाम सार्वजनिक किए। इन नामों को नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में शामिल किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
