छत्तीसगढ़ की शराब दुकानों में ओवररेट शराब बेचने के मामले में आबकारी कमिश्नर पी.एस. एल्मा ने 4 अधिकारियों को सस्पेंड और 8 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अब यह कार्रवाई विभाग के अंदर ही विवाद का कारण बन गया है। इस एक्शन के बाद आबकारी अधिकारी-कर्मचारी संघ के व्हाट्सऐप ग्रुप की चैट वायरल हुई है, जिसमें लिखा है कि, यही समय संगठन की ताकत दिखाने का है। चैट में कार्रवाई का विरोध करते हुए आयुक्त को ज्ञापन देने, 7 दिनों के अंदर सस्पेंड अधिकारियों की बहाली और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की बात कही गई है। देखिए वायरल चैट का स्क्रीनशॉट… 60 रुपए तक महंगी बेच रहे थे शराब रायपुर से लेकर धमतरी तक सेल्समैन ग्राहकों से मनमानी कीमत वसूल रहे थे। राज्य स्तरीय उड़नदस्ते ने नकली ग्राहक बनकर अलग-अलग जिलों की दुकानों पर दबिश दी, जहां शासन की तरफ से निर्धारित दर से 10 रुपए से लेकर सीधे 60 रुपए तक ज्यादा वसूली का खुलासा हुआ, जिसके बाद कार्रवाई की गई। कहीं चिल्हर का बहाना, कहीं स्कैनर खराब छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों पर ओवर रेटिंग सिर्फ एक शिकायत नहीं थी। अक्सर ‘चिल्हर नहीं है’ या ‘बोतल ठंडी है’ जैसे बहानों से प्रति 10 से 50 रुपए ज्यादा वसूले जाते हैं। ऑनलाइन पैसे न लेने पड़ें इसके लिए बोर्ड तक लगा देते हैं कि यूपीआई मशीन बंद है। धमतरी में 1440 की बोतल सीधे 1500 रुपए में बेची जा रही थी। यह अवैध वसूली सीधे सेल्समैन से लेकर ऊपरी स्तर तक ‘हिस्सेदारी’ के शक के घेरे में है। चैट में लिखा- आयुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा वायरल चैट में एक सदस्य ने लिखा कि, यही सही समय है, अपने संगठन की ताकत दिखाने का। वहीं दूसरे मैसेज में कहा गया है कि यदि अधिकारियों को केवल निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है तो फिर दुकानों में हो रही हर गड़बड़ी के लिए उन्हें जिम्मेदार क्यों ठहराया जा रहा है। चैट में संघ ने रायपुर स्थित जीएसटी भवन पहुंचकर आयुक्त को ज्ञापन सौंपने की बात लिखी गई है। इसके लिए सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों से बड़ी संख्या में उपस्थित रहने को कहा गया है। जीएसटी भवन में जुटने की अपील वायरल चैट के अनुसार, संघ के पदाधिकारियों ने आज दोपहर 12 से 1 बजे के बीच रायपुर स्थित जीएसटी भवन में आयुक्त को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। मैसेज में मुख्यालय के आसपास पदस्थ अधिकारियों से बड़ी संख्या में पहुंचने और जिला कार्यालयों को इसकी जानकारी देने की अपील की गई है। …………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… मंत्री सांसदों की डांट-फटकार से कर्मचारी नाराज: प्रदेश में आंदोलन की चेतावनी; पटवारी को जूता मारूंगा से लेकर अधिकारी के अभिनंदन तक 6 मामले छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार में मंत्री-सांसदों की डांट फटकार का कर्मचारियों ने विरोध किया है। पिछले 10 दिनों में अधिकारियों कर्मचारियों को फटकार लगाने, उन्हें सस्पेंड की धमकी देने समेत कई ऐसे केस सामने आए, जिसके बाद छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने इस व्यवहार पर आपत्ति जताई है। पढ़ें पूरी खबर…
