कॉकरोज जनता पार्टी (डिजिटल ग्रुप) के अचानक लोकप्रिय होने से उसके फाउंडर अभिजीत दीपके के माता-पिता बहुत ज्यादा परेशान हो गए हैं। उन्हें डर है कि उनका बेटा किसी मुसीबत में पड़ सकता है। उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता है। अभिजीत के पेरेंट्स भगवान और अनीता दीपके महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहते हैं। दोनों ने गुरुवार को एक मराठी न्यूज चैनल को बताया कि वे अपने बेटे को राजनीति में नहीं भेजना चाहते थे। अभिजीत के इस कदम के बारे में सुनकर हमारी रातों की नींद उड़ गई है। दरअसल, CJI सूर्यकांत ने 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान देश के बेरोजगार युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहा। 16 मई को उन्होंने सफाई दी और कहा- मैंने युवाओं की आलोचना नहीं की थी। मेरे बयान को गलत ढंग से देखा गया। लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर 16 मई को सुबह 11.33 बजे अभिजीत दीपके नाम के शख्स ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का प्लेटफॉर्म बना दिया। इसके फॉलोअर्स बहुत तेजी से बढ़े। शुक्रवार दोपहर 1 बजे तक यह आंकड़ा 2 करोड़ पहुंच गया है। जो देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों भारतीय जनता पार्टी (90 लाख) और कांग्रेस (1.34 करोड़ फॉलोअर्स) से भी ज्यादा है। पेरेंट्स नहीं चाहते बेटा राजनीति में जाए, पढ़िए उनका बयान X अकाउंट बंद हुआ तो नया बनाया, इंस्टाग्राम अकाउंट भी हैक होने का आरोप 21 मई को CJP का X अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया था। जब पुराना अकाउंट बंद हुआ, तब 1.93 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। संगठन ने कुछ देर बाद नया अकाउंट बनाया। इसका नाम ‘कॉकरोच इज बैक’ रखा गया और बायो में लिखा- कॉकरोच डोंट डाय, यानी कॉकरोच मरते नहीं। नए अकाउंट से पहली पोस्ट कल दोपहर 2:29 बजे की गई थी। शुक्रवार दोपहर 1 बजे तक इसके X पर 1.50 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए हैं। अभिजीत ने पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट हैक करने की कोशिश का आरोप भी लगाया है। X अकाउंट ब्लॉक होने पर अभिजीत ने कहा- जैसा सोचा, वैसा ही हुआ CJP ने खुद को राजनीति पार्टी बताया मैनिफेस्टो में 5 बड़े वादे CJI ने कहा था- कुछ युवा कॉकरोच की तरह भटक रहे 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान युवाओं पर टिप्पणी की थी। लाइव लॉ के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘कॉकरोच की तरह ऐसे युवा हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। इनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया और कुछ RTI और दूसरे तरह के एक्टिविस्ट बन रहे हैं। ये हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।’ इसके अगले दिन कॉकरोच जनता पार्टी नाम से डिजिटल पहल शुरू हुआ। वहीं CJI ने अपने बयान पर विवाद बढ़ने पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया। कॉकरोच जनता पार्टी नाम पर ट्रेडमार्क के लिए 3 आवेदन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम के अधिकार पाने के लिए तीन अलग-अलग ट्रेडमार्क आवेदन दाखिल किए गए हैं। ट्रेडमार्क रजिस्ट्री पोर्टल पर दाखिल आवेदनों में राजनीतिक और सामाजिक सेवाएं देने वाली श्रेणी के तहत ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन मांगा गया है। ये आवेदन अजीम आदमभाई जम, अखंड स्वरूप और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम की एक प्रोपराइटरशिप फर्म की ओर से दाखिल किए गए हैं। इन व्यक्तियों के बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। अभिजीत अमेरिका में पढ़ रहे, AAP में काम कर चुके 30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल वो अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिजीत 2020 से 2022 तक केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत AAP के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए AAP छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया, तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए। अभिजीत किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर X अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं। कॉकरोच ड्रेस में सफाई अभियान दिल्ली में कुछ लोग कॉकरोच की पोशाक पहनकर यमुना किनारे सफाई करते नजर आए। समर्थकों का कहना है कि यह आंदोलन फिलहाल चुनाव लड़ने से ज्यादा युवाओं के बीच राजनीतिक जागरूकता फैलाने पर केंद्रित है। क्यों युवाओं को पसंद आ रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी 1. सोशल मीडिया पर यूथ कनेक्शन 2. सही समय पर एंट्री 3. बेरोजगारी से बढ़ता गुस्सा —————– ये खबर भी पढ़ें CJI बोले- बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे:ये मीडिया, सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान 15 मई को देश के बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच कहा। उन्होंने कहा- कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। पूरी खबर पढ़ें
