अंधविश्वास में 5 साल में 83 हत्याएं:जादू-टोना के मामलों में छत्तीसगढ़ दूसरे नंबर पर, रातों-रात अमीर बनने के लालच में गईं जानें

‘तंत्र-मंत्र से पैसों की बारिश होगी। बस लगातार अनुष्ठान करूंगा। बलि देनी होगी, तो गड़ा हुआ करोड़ों का खजाना मिल जाएगा। अदृश्य शक्तियां प्रसन्न होते ही किस्मत बदल जाएगी।’ ऐसे दावे सुनने में भले ही फिल्मों की कहानी लगें, लेकिन आज भी कई लोग इनके झांसे में आ रहे हैं। रातों-रात अमीर बनने, गड़ा धन पाने और अलौकिक शक्तियां हासिल करने की चाह लोगों को अंधविश्वास की उस अंधेरी दुनिया में ले जा रही है, जहां ठगी, हत्या और नरबलि जैसे क्रूर अपराध हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ महीनों के दौरान सामने आए तीन बड़े मामलों ने दिखाया है कि तंत्र-मंत्र के नाम पर फैलाया जा रहा भ्रम सिर्फ लोगों की जेब ही नहीं, बल्कि उनकी जान भी ले रहा है। अंधविश्वास, टोना-टोटका और विचक्राफ्ट (जादू-टोना) के चलते पिछले पांच वर्षों में करीब 83 लोगों की मौत हुई है। 2024 में 10 और 2025 में 12 मामले दर्ज हुए। इन मामलों की संख्या के आधार पर छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में तंत्र-मंत्र की आड़ में किस तरह हत्याएं की जा रही हैं? कितने आरोपी पकड़े गए? ऐसे मामलों में क्या कार्रवाई होती है? पढ़िए यह रिपोर्ट… पहले पढ़िए यह 3 केस केस 1: गड़े धन की चाहत और मामूली बातों का बदला लेने 8 मर्डर छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खरवे गांव में 6 फरवरी से 14 मई 2026 के बीच 8 ग्रामीणों की संदिग्ध मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। शुरुआत 6 फरवरी को बद्री पटेल की मौत से हुई। इसके बाद 20 फरवरी को बुढालू साहू, 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छत्तूराम साहू, 31 मार्च को विनोद साहू, 28 अप्रैल को गजानंद मांझी, 29 अप्रैल को चैतूराम साहू और 14 मई को महेतरू साहू की मौत हो गई। एक ही गांव में लगातार आठ मौतों के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में थाने पहुंचे। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि कथित तांत्रिक रामसहाय जायसवाल गड़े धन की चाहत और मामूली बातों पर बदला लेने के लिए लोगों को निशाना बना रहा था। पुलिस ने उसे हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। मामला कसडोल थाना क्षेत्र का है। केस 2: तंत्र-मंत्र की साधना में खुद का गला काट लिया अप्रैल 2026 में बिलासपुर जिले के जोंधरा गांव में चंदन नट (45) की मौत ने अंधविश्वास का एक और भयावह चेहरा सामने रखा। घटना वाले दिन वह सामान्य तरीके से घर लौटा, बड़े भाई के साथ बैठकर बातचीत की और बीड़ी पी। इसके बाद वह पूजा कमरे में चला गया। करीब एक घंटे बाद बहू जब पूजा कक्ष पहुंची तो चंदन खून से लथपथ पड़ा मिला। जांच में सामने आया कि उसने कथित तांत्रिक साधना के दौरान चाकू से खुद का गला काट लिया था। पुलिस की जांच में मामला अंधविश्वास से जुड़ा पाया गया। केस 3: ढाई करोड़ बनाने का झांसा, स्क्रैप कारोबारी समेत 3 की मौत जनवरी 2026 में कोरबा जिले के बरबसपुर स्थित एक स्क्रैप यार्ड से स्क्रैप कारोबारी अशरफ मेमन, तुलसी नगर निवासी सुरेश साहू और दुर्ग निवासी नीतीश कुमार के शव एक कमरे में मिले थे। जांच में सामने आया कि बिलासपुर का एक कथित तांत्रिक राजेंद्र कुमार पांच लाख रुपए को तंत्र-मंत्र से ढाई करोड़ रुपए में बदलने का दावा कर रहा था। इसी लालच में तीनों वहां पहुंचे थे। पुलिस ने मामले में कथित तांत्रिक समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि धन को बराबर बांटने की योजना बनाई गई थी। अंधविश्वास से जुड़ी हत्याओं में छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर NCRB 2024 के अनुसार, देशभर में जादू-टोने से जुड़ी 54 हत्याएं दर्ज हुईं। इनमें छत्तीसगढ़ में 10 मामले दर्ज किए गए। इस आंकड़े के साथ छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर रहा। साल 2021 से 2025 के बीच प्रदेश में ऐसे मामलों में 83 लोगों की मौत दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश मामलों में लालच, अंधविश्वास और कथित तांत्रिकों का प्रभाव प्रमुख कारण बनता है। शास्त्रों में नहीं मिलता तंत्र-मंत्र से अमीर बनने का प्रमाण दैनिक भास्कर से बातचीत में श्री ज्योतिष गुरु उदय महाराज ने बताया कि प्राचीन समय में युद्ध या आक्रमण के दौरान लोग अपना धन जमीन में गाड़ देते थे, जिससे हालात सामान्य होने पर उसे वापस निकाल सकें। समय बीतने के साथ यह मान्यता बन गई कि ऐसे गड़े धन की रक्षा अदृश्य शक्तियां, नाग या आत्माएं करती हैं और विशेष तांत्रिक अनुष्ठान से ही उसे प्राप्त किया जा सकता है। लेकिन किसी भी प्रामाणिक शास्त्र में तंत्र-मंत्र के जरिए गड़ा धन निकालने, नोटों की बारिश कराने या रातों-रात अमीर बनने का कोई प्रमाण नहीं मिलता। कुछ लोग इसी भ्रम का फायदा उठाकर भोले-भाले लोगों को ठगते हैं। टोनही के संदेह में प्रताड़ना, मारपीट के 1350 से ज्यादा मामले दर्ज अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्रा ने बताया कि, अंधविश्वास और सामाजिक कुरुतियों-टोनही के संदेह में महिला प्रताड़ना की घटनाएं। मारपीट करने की घटनाएं। हत्या करने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। छत्तीसगढ़ में 2017 से लेकर 2025 तक करीब 1350 मामले क्राइम रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इसके बाद के मामलों को मिलाकर 3 हजार से ज्यादा केस हो रहे हैं। तंत्र-मंत्र ठगी के मामले भी लगातार सामने आए हैं। वकील बोले- पुलिस की सख्ती और जागरूकता ही रोक सकती है अंधविश्वास एडवोकेट विपिन अग्रवाल का कहना है कि, छत्तीसगढ़ में तंत्र-मंत्र और नरबलि जैसे मामलों में बढ़ोतरी चिंता का विषय है। कथित तांत्रिक और बैगा लोगों को तंत्र-मंत्र से धन वर्षा, गड़ा धन मिलने और गंभीर बीमारियां ठीक करने का झांसा देकर गुमराह कर रहे हैं। अब पढ़िए, इस तरह की वारदात पर क्या सजा है छत्तीसगढ़ में जादू‑टोना, तंत्र‑मंत्र और पैसों की बारिश जैसी गतिविधियों के खिलाफ राज्य ने टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 लागू किया है। इसके तहत किसी को टोनही या डायन बताकर डराना, झाड़‑फूंक करना या ठगी करना अपराध माना जाता है। इसके अलावा, मानव बलि, हत्या, अपहरण और धोखाधड़ी जैसी वारदातों के लिए सीधे BNS की गंभीर धाराएं लागू होती हैं, जिनमें उम्रकैद या फांसी तक की सजा का प्रावधान है। डिजिटल ठगी या ऑनलाइन झांसे के मामलों में IT Act भी लागू होता है। आज भी अंधविश्वास और काले जादू के नाम पर हत्याएं दुनिया के कई हिस्सों में मानव बलि ऐतिहासिक रूप से धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ी रही है, जैसे प्राचीन एज्टेक, माया और इंका सभ्यताएं। आधुनिक समय में यह अफ्रीका के कुछ देशों (युगांडा, तंजानिया, नाइजीरिया), लैटिन अमेरिका और एशिया के हिस्सों में अंधविश्वास और काले जादू के नाम पर अब भी दर्ज होती है। …………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़- मामूली बातों पर 8 मर्डर, साइको किलर गिरफ्तार: गाली देने, पुरानी रंजिश, पत्नी पर बुरी नजर का शक, जहरीली शराब पिलाकर की हत्याएं पैसों की बारिश कराते तांत्रिक का VIDEO: अनुष्ठान का नाटक किया, बोला-2.50 लाख को 2.50 करोड़ बना दूंगा; कैश लेकर भागने लगा,पीड़ितों ने पकड़कर पीटा

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