हरियाणा के सीनियर IPS अफसर पूरन कुमार के सुसाइड केस में नए खुलासे हो रहे हैं। SC बिरादरी के कई IAS अफसरों ने दावा किया है कि पूरन कुमार को रोहतक रेंज के IG जैसी मेन पोस्टिंग मिलने से कई बड़े अफसर नाराज थे और उन्हें किसी भी कीमत पर डाउन करना चाहते थे। यही अफसर पूरन कुमार को लंबे अरसे से प्रताड़ित कर रहे थे और सिनियोरिटी को नजरअंदाज कर उन्हें खुड्डेलाइन पोस्टिंग दी जा रही थीं। इस बीच हरियाणा ब्यूरोक्रेसी में शामिल SC वर्ग के IAS-IPS और HCS अफसर खुलकर पूरन कुमार के परिवार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। एक वरिष्ठ IAS अफसर ने दैनिक भास्कर एप से बातचीत में नाम न छापने की शर्त पर कहा- SC कम्युनिटी से आने वाले वरिष्ठ IPS अफसर पूरन कुमार को लंबे अरसे से प्रताड़ित किया जा रहा था। उनकी सीनियोरिटी को नजरअंदाज करके नॉन कैडर वाली पोस्टिंग दी जा रही थीं। उन्हें मार्च-2023 में आईजी होमगार्ड लगा दिया गया। पूरन कुमार ने अक्टूबर 2023 में चीफ सेक्रेटरी से शिकायत भी की थी कि उन्हें नॉन कैडर-नॉन एग्जिस्टिंग पोस्ट पर लगाया जा रहा है। इसके 9 महीने बाद, नवंबर 2023 में हुए प्रशासनिक फेरबदल में पूरन कुमार को IG (टेलीकम्युनिकेशन) लगा दिया गया। हालांकि ये कैडर पोस्ट थी, लेकिन पुलिस महकमे में इसे मेन स्ट्रीम का पद नहीं माना जाता। वरिष्ठ IAS अफसर के मुताबिक, अप्रैल–2025 में जब पूरन कुमार किसी तरह अपने बूते रोहतक रेंज के IG की मेन स्ट्रीम वाली पोस्टिंग पाने में कामयाब हो गए तो राज्य के कई बड़े अफसरों की भौंहे तन गईं। ये अफसर किसी भी कीमत पर पूरन कुमार को डाउन करना चाहते थे। 5 महीने बाद 29 सितंबर 2025 में पूरन कुमार को रोहतक रेंज के IG पद से हटाकर सुनारिया में बने पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज भेज दिया गया। वहां ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद पूरन कुमार दो अक्टूबर को पांच दिन की छुट्टी पर चले गए। 8 अक्टूबर को उन्हें ड्यूटी ज्वाइन करनी थी लेकिन उससे एक दिन पहले, 7 अक्टूबर को उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपनी कोठी में खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। जानिए वाई पूरन कुमार के साथ कैसे हुआ भेदभाव… जूनियर अफसर से केस कराया, FIR में नौ दफा जिक्र
एससी बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले वरिष्ठ IAS अफसर के मुताबिक, रोहतक रेंज के IG बन जाने वाले पूरन कुमार को नीचा दिखाने के मकसद से ही एक शराब कारोबारी की शिकायत पर रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में उस जूनियर अफसर से FIR दर्ज कराई गई जो कुछ दिन पहले तक वहां पूरन कुमार को सैल्यूट मारा करता था।
बेशक इस FIR में पूरन कुमार के गनमैन सुशील को नामजद किया गया लेकिन असल मंशा पूरन कुमार को फंसाने की थी। इसी वजह से FIR में नौ बार उनका, IG रोहतक और IG ऑफिस का जिक्र किया गया। इस पूरी कवायद का मकसद पूरन कुमार को अपमानित महसूस कराना था।
यही नहीं, नियम ये है कि यदि ADGP लेवल के किसी अफसर की करप्शन की शिकायत हो तो उसकी जांच DG लेवल का अधिकारी ही कर सकता है, लेकिन रोहतक में दर्ज FIR के मामले में ऐसा नहीं हुआ। दो चरणों में लड़ाई लड़ेगा परिवार और समाज
एससी वर्ग से जुड़े तमाम अफसरों और समाज के लोगों ने दिवंगत पूरन कुमार के परिवार को पूरा समर्थन दिया है। साथ ही कहा कि इस केस को दो चरणों में देखना चाहिए। पहला– मौजूदा डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया पर तुरंत FIR कर उनकी अरेस्ट व सस्पेंशन हो। दूसरा– सुसाइड नोट में जिन अफसरों पर जातीय आधार पर उत्पीड़न के आरोप हैं, उनकी निष्पक्ष जांच करवाई जाए। CBI जांच की मांग भी हो सकती है। आईएएस अफसर पत्नी ने 2 रिप्रेजेंटेशन दी
पूरन कुमार की पत्नी और हरियाणा की सीनियर IAS अफसर अमनीत पी कुमार ने बुधवार को चंडीगढ़ पुलिस के सेक्टर-11 थाने में शिकायत दी। इसमें डीजीपी और रोहतक एसपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। हालांकि वीरवार को जब CM नायब सैनी उनके आवास पर शोक जताने पहुंचे तो अमनीत पी कुमार ने दूसरी रिप्रेजेंटेशन दी। इसमें मांग की गई कि उनके पति के सुसाइड नोट में जितने अफसरों के नाम हैं, उन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके सबकी अरेस्ट हो। सुसाइड नोट में 15 मौजूदा या रिटायर्ड IAS-IPS अफसरों के नाम हैं। अब यहां जानिए वाई पूरन कुमार केस में क्या-क्या चल रहा…. ———————————— हरियाणा IPS सुसाइड केस- तीसरे दिन FIR:IAS पत्नी बोलीं- ये मर्डर; DGP-SP को हटाएगी सरकार, इनके नाम सुसाइड नोट में हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई पूरन कुमार के सुसाइड के तीसरे दिन, गुरुवार देर शाम को चंडीगढ़ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली। सेक्टर-11 थाने में 156 नंबर ये FIR भारत न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, 3(5) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत दर्ज की गई है। सुसाइड नोट को आधार मानते हुए ही आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है। (पूरी खबर पढ़ें)
