IDFC फर्स्ट बैंक के शेयर आज यानी 23 फरवरी को 20% गिरकर 67 रुपए पर आ गए। बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में 590 करोड़ रुपए का फ्रॉड सामने आने के बाद शेयर गिरे हैं। यह फ्रॉड हरियाणा सरकार से जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों में अनधिकृत ट्रांजैक्शन के जरिए किया गया है। मामला तब खुला जब इन संस्थाओं ने अपने रिकॉर्ड और बैंक बैलेंस के बीच बड़ा अंतर पाया। जांच में पता चला कि बैंक कर्मचारियों ने मिलीभगत कर खातों से पैसा इधर-उधर किया था। जितने का ये फ्रॉड है, वह बैंक के तीसरी तिमाही के शुद्ध मुनाफे 503 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। RBI गवर्नर बोले- मामले पर नजर रख रहे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, “हम इस घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं, सिस्टम में कोई दिक्कत नहीं है।” बैंक ने 4 कर्मचारियों को सस्पेंड किया मामला सामने आते ही IDFC फर्स्ट बैंक ने चंडीगढ़ ब्रांच के 4 अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए इंडिपेंडेंट फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेटर के रूप में ‘KPMG’ को नियुक्त किया गया है। CEO बोले- ये आपसी मिलीभगत का मामला बैंक के एमडी और सीईओ वी. वैद्यनाथन ने कहा, “यह कोई स्ट्रक्चरल कमजोरी या सिस्टम लेवल का इशू नहीं है, बल्कि आंतरिक मिलीभगत का मामला है। हमारे पास मेकर, चेकर और ऑथराइजर जैसे कड़े कंट्रोल मौजूद हैं। बैंक पिछले 10 साल से काम कर रहा है और 1,000 से ज्यादा ब्रांच हैं, लेकिन पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। यह सिर्फ एक ब्रांच और एक क्लाइंट ग्रुप तक सीमित मामला है।” हरियाणा सरकार ने बैंक खाते बंद करने का निर्देश दिया इस घटना का बैंक की साख पर बुरा असर पड़ा है। हरियाणा सरकार ने IDFC फर्स्ट बैंक को अपने पैनल से हटा दिया है। सरकार ने अपने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे इस बैंक के साथ-साथ एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में मौजूद अपने खाते भी तुरंत बंद कर दें। रिकवरी के लिए दूसरे बैंकों को नोटिस जारी बैंक ने उन खातों को फ्रीज करने के लिए दूसरे बैंकों को ‘रिकॉल नोटिस’ जारी किए हैं, जिनमें फ्रॉड का पैसा ट्रांसफर होने का शक है। बैंक को उम्मीद है कि इससे कुछ हद तक रिकवरी की जा सकती है। एक्सपर्ट्स बोले- मुनाफे पर 20% तक असर पड़ेगा ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म UBS के मुताबिक, यह फ्रॉड बैंक के वित्त वर्ष 2026 के अनुमानित मुनाफे का लगभग 22% है। वहीं मॉर्गन स्टेनली ने इसे प्री-टैक्स प्रॉफिट का 20% बताया है। इन्वेस्टेक ने बैंक के शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग तो बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस ₹105 से घटाकर ₹92 कर दिया है। जानकारों का कहना है कि फॉरेंसिक ऑडिट तक शेयर पर दबाव बना रह सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है फॉरेंसिक ऑडिट? जब किसी कंपनी या बैंक में वित्तीय हेरफेर का शक होता है, तो फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाता है। इसमें सामान्य ऑडिट के मुकाबले ज्यादा गहराई से जांच होती है ताकि कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किया जा सके। इसमें ईमेल, डिलीट किए गए डेटा और ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ा जाता है। चेकलिस्ट: अगर आपका पैसा बैंक में है तो क्या करें? यह फ्रॉड बैंक के इंटरनल सिस्टम और सरकारी खातों से जुड़ा है, रिटेल ग्राहकों के पैसे पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है।
