राष्ट्रीय स्तर की GATE परीक्षा में रायपुर में सामने आए नकल कांड ने एक संगठित सिंडिकेट का खुलासा किया है। पुलिस जांच में पता चला है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन हरियाणा में बैठा एक मास्टरमाइंड कर रहा था। जांच में सामने आया है कि नकल में इस्तेमाल होने वाले हाईटेक उपकरण दिल्ली से खरीदे गए थे। इस गिरोह ने ‘फिट इंडिया’ के ब्रांड एंबेसडर और इंजीनियर को ही सॉल्वर बनाकर रायपुर भेजा, ताकि परीक्षा में फर्जी तरीके से पास कराया जा सके। बता दें कि सरोना स्थित निजी कॉलेज में 14 फरवरी को परीक्षा आयोजित थी। जहां तीनों युवक जूते में ब्लूटूथ डिवाइस छुपाकर पहुंचे थे। फिलहाल, डीडी नगर थाना पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए आगे की कार्रवाई में जुटी हैं। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा घटनाक्रम कैंडिडेट्स की मांग पर मास्टरमाइंड ने हरियाणा के रहने वाले सुमित सहवाग, नरेंद्र कुमार और बंटी कुमार को रायपुर भेजा था। ये आरोपी हरियाणा के दर्शन सहवाग, लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्की और अमर को नकल करवाने पहुंचे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से ब्लूटूथ डिवाइस, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। फिट इंडिया ब्रांड एंबेसडर भी गिरोह में शामिल जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर परीक्षा के सवालों के जवाब खोजते थे। हिसार जिले के गांव मिंगनी खेड़ा निवासी नरेंद्र कुमार ने हाल ही में माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पर तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड बनाया था। बताया जा रहा है कि वह ‘फिट इंडिया’ अभियान का ब्रांड एंबेसडर भी है। अच्छे वेतन के बावजूद अपनाया शॉर्टकट आरोपी अमर जम्मू-कश्मीर के चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। वहीं लक्ष्मीनारायण हरियाणा की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। दोनों को हर महीने 1 से 1.5 लाख रुपये तक वेतन मिलता है, फिर भी एमटेक में प्रवेश के लिए इन्होंने नकल का रास्ता चुना। ठेले पर बैठकर कराई जा रही थी नकल पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि परीक्षा केंद्र से करीब 50 मीटर दूर चाय-नाश्ते के ठेले पर बैठकर नकल कराई जा रही थी। दर्शन सहवाग सामान्य ग्राहक बनकर ठेले पर बैठा रहता था और मोबाइल और खास इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए परीक्षा हॉल में बैठे परीक्षार्थियों से लगातार संपर्क में था। मजबूत ब्लूटूथ कनेक्शन से चल रहा था पूरा खेल कम दूरी होने के कारण ब्लूटूथ कनेक्टिविटी काफी मजबूत थी। जैसे ही परीक्षा हॉल से सवाल बाहर भेजे जाते, टीम गूगल समेत अन्य माध्यमों से जवाब निकालकर तुरंत अंदर भेज देती थी। नकल कर रहे थे इंजीनियर, मास्टरमाइंड 10वीं पास पुलिस के मुताबिक, हैरानी की बात यह है कि अंदर नकल करने वाले अधिकतर अभ्यर्थी बीटेक डिग्रीधारी इंजीनियर थे, जबकि पूरे ऑपरेशन की कमान संभालने वाला दर्शन सहवाग केवल 10वीं पास है। दिल्ली के गफ्फार मार्केट से खरीदे गए उपकरण पुलिस जांच में सामने आया है कि नकल में इस्तेमाल किए गए सूक्ष्म ईयरपीस और ब्लूटूथ डिवाइस दिल्ली के करोल बाग स्थित गफ्फार मार्केट से खरीदे गए थे। ये उपकरण इतने छोटे होते हैं कि इन्हें कपड़ों और जूतों में आसानी से छिपाया जा सकता है। हरियाणा में बैठा था मुख्य सरगना मोबाइल कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट की जांच के बाद पुलिस को हरियाणा में बैठे मुख्य सरगना के बारे में अहम सुराग मिले हैं। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद देशभर में फैले इस नकल नेटवर्क की कई और परतें खुल सकती हैं। PWD की सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में हुआ था नकल बता दें कि छत्तीसगढ़ में इससे पहले PWD की सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल हुआ था। 7 महीने पहले बिलासपुर के रामदुलारे शासकीय स्वामी आत्मानंद स्कूल में एग्जाम सेंटर के अंदर एक अभ्यर्थी एग्जाम दे रही थी। वह अपने अंडरगार्मेंट्स में स्पाई कैमरा छिपाकर ले गई थी। प्रश्न पत्र को स्कैन कर अपनी बहन को भेज रही थी। वहीं बाहर बैठी बहन वॉकी-टॉकी की मदद से उत्तर बता रही थी। मामले का भंडाफोड़ होने के बाद नकल का प्रकरण बनाकर युवतियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी। पढ़ें पूरी खबर… ………………………………. GATE एग्जाम नकल से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें.. रायपुर GATE परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल: शूज में छिपाकर एग्जाम-सेंटर पहुंचे, बाहर सॉल्वर कर रहे थे मदद; 2 लाख में डील हुई थी
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में GATE परीक्षा में नकल का मामला सामने आया है। हरियाणा के 3 बीटेक स्टूडेंट्स को एग्जाम सेंटर रायपुर मिला था। सरोना स्थित निजी कॉलेज में 14 फरवरी को परीक्षा आयोजित थी। जहां तीनों युवक जूते में ब्लूटूथ डिवाइस छुपाकर पहुंचे थे। पढ़ें पूरी खबर…
