रवि की बल्लेबाजी के पीछे कोच शाहरुख का हाथ:बोले- बॉलिंग तो अच्छी करता है, अब टेनिस-प्लास्टिक बॉल से डेथ ओवर्स में बल्लेबाजी की प्रैक्टिस

टीम इंडिया ने शनिवार को चेन्नई में खेले गए दूसरे टी-20 मैच में इंग्लैंड को 2 विकेट से हरा दिया। एक समय भारत ने 146 रन पर 8 विकेट गंवा दिए। यहां से तिलक वर्मा ने रवि बिश्नोई के साथ 19 रन की पार्टनरशिप की और टीम को जीत दिला दी। रवि बिश्नोई की बल्लेबाजी को लेकर उनके कोच शाहरुख ने कहा, रवि एक अच्छे फील्डर और बॉलर हैं, पर अपनी बल्लेबाजी से उन्होंने सबको प्रभावित किया। वे नेट पर खूब बल्लेबाजी करते हैं। जिसका फायदा उन्हें दूसरे टी-20 में मिला है। टी-20 WC में न चुने जाने पर जमकर मेहनत की
बिश्नोई ने कोच शाहरुख ने बताया, पिछले 2 टी-20 वर्ल्ड कप से नजरअंदाज किए जाने के बाद रवि बिश्नोई ने गेंदबाजी और फील्डिंग के साथ ही नेट पर बैटिंग प्रैक्टिस पर भी फोकस किया। पिछले डेढ़ सालों में उन्होंने लंबे शॉट और बाउंसरों के खिलाफ खेलने का अभ्यास किया है। तिलक वर्मा का बखूबी साथ निभाया
चेन्नई टी-20 में भारत ने एक समय 78 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद तिलक वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी की। वे एक छोर से टिके रहे लेकिन किसी बल्लेबाज ने उनका साथ नहीं दिया।इंडिया का आठवां विकेट 17वें ओवर में 146 रन गिरा। अब सबकी निगाहें नौवें क्रम पर बल्लेबाजी करने आए रवि बिश्नोई से थी। उन्होंने 5 गेंदों का सामना कर 180 की स्ट्राइक से नाबाद 9 रन बना कर टीम को जीत दिलाने में अहम रोल निभाया। रवि ने अपनी पारी में दो चौके भी जड़े। टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए बैटिंग पर फोकस कर रहे
शाहरुख पठान कहते हैं कि रवि को लगा कि अच्छी गेंदबाजी और फील्डिंग के बावजूद उन्हें टीम से अंदर-बाहर किया जाता है। इसकी वजह टीम इंडिया को निचले क्रम पर बल्लेबाजी करने वाले गेंदबाज की जरूरत है। रवि ने टीम की जरूरत को समझते हुए अपनी बल्लेबाजी पर फोकस किया। जिसका नजारा कल देखने को मिला। हमने उनकी बैटिंग करने की स्टाइल पर काम किया। पहले वह काफी झुक कर बल्लेबाजी करते थे, उनकी बॉडी स्थिर नहीं रहती थी। अब वह थोड़ा सीधा और सिर को स्थिर रखकर बल्लेबाजी कर रहे हैं। पहले वह बैटिंग के दौरान बैट को तिरक्षा लेकर आते थे, अब वह सीधा लेकर आते हैं। लॉन्ग हिंटिंग के लिए टेनिस बॉल पर कर रहे हैं अभ्यास
शाहरुख उनकी हिटिंग के बारे में कहते हैं, लोअर ऑर्डर में जब कोई बैटर आता हैं तो गेंदबाज उसे बाउंसर ज्यादा खिलाते हैं। रवि की बैटिंग भी अक्सर 15 ओवर के बाद आती है, ऐसे में हम उनके बाउसंर को खेलने पर काम कर रहे हैं। अगर कोई फास्ट बॉलर आता है और 140 से ऊपर गेंदबाजी करता है और बाउंसर फेंकता है तो उसे कैसे खेलना है। इसके अलावा लॉन्ग हिंटिंग पर भी काम कर रहे हैं। हम रवि को लॉन टेनिस की गेंद से रेंज हिंटिंग करवा रहे हैं। कोशिश होती है कि वह जितना सामने गेंद को मारे वह बेहतर रहेगा। बाउंसर के लिए प्लास्टिक हार्ड बॉल आती है, उससे उसकी प्रैक्टिस करवाते हैं। रवि जब भी एकेडमी आते हैं मैं और दूसरे कोच प्रदयुत सिंह राठौर गेंदबाजी और फील्डिंग के बाद करीब 1 घंटे बैटिंग की प्रैक्टिस करवाते हैं। कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने भी की तारीफ
कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने भी कमेंट्री के दौरान रवि बिश्नोई की बैटिंग की तारीफ की और कहा कि उन्होंने टीम की जरूरत के हिसाब से खेला है। उनकी बल्लेबाजी में काफी सुधार हुआ है।

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