सरगुजा के प्रतापपुर से भाजपा विधायक शकुंतला पोर्ते ने अपने विवादित बयान पर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जिससे उसका मतलब बदल गया। विधायक ने कहा कि उनका इरादा किसी भी वर्ग का अपमान करना नहीं था। दरअसल, प्रतापपुर ब्लॉक के ग्राम गोंदा निवासी भाजपा नेता हरिनंदन राजवाड़े की जमीन विवाद में हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने उनका अपहरण कर बेरहमी से मारपीट की और गंभीर हालत में सड़क किनारे छोड़ दिया था। इलाज के दौरान अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उनकी मौत हो गई। इसी मामले में 31 जुलाई को विधायक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची थीं। परिजनों से बातचीत के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि पुलिस और वकील अपराधियों को बचाते हैं, इसलिए उनके बच्चे अपाहिज, दिव्यांग और बीमार होते हैं। उस समय मौके पर पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। देखिए पहले ये तस्वीरें- वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद जानकारी के मुताबिक, विधायक शकुंतला पोर्ते का बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिसकर्मियों और अधिवक्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। बयान को लेकर अलग-अलग स्तरों पर विरोध भी जताया गया। विवाद बढ़ने के बाद शकुंतला पोर्ते ने मीडिया के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी व्यक्ति, पुलिसकर्मी या अधिवक्ता की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह इसके लिए क्षमा मांगती हैं। उन्होंने कहा कि उनके मन में पुलिस और अधिवक्ता वर्ग के प्रति पूरा सम्मान है। खुद वकील रहीं, पति हैं पुलिस विभाग में शकुंतला पोर्ते ने बताया कि वह खुद पेशे से वकील रही हैं और उनके पति पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। ऐसे में इन दोनों वर्गों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का उनका कोई उद्देश्य नहीं हो सकता। विधायक बोलीं- पीड़ित परिवार का दर्द साझा करना था शकुंतला पोर्ते ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पीड़ित परिवार के दुख और आक्रोश को व्यक्त करना था। किसी भी पेशे या समुदाय को निशाना बनाना उनकी मंशा नहीं थी। पढ़िए हत्या की पूरी कहानी… प्रतापपुर ब्लॉक के ग्राम गोंदा निवासी हरिनंदन राजवाड़े (36) 23 जुलाई की शाम अपने दो दोस्तों तुषार और राहुल के साथ अंबिकापुर से गांव पहुंचे थे। तीनों गांव के राजेंद्र के घर शराब पी रहे थे। इसी दौरान गांव का ललित अपने 10-12 साथियों के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि ललित और उसके साथियों ने हरिनंदन के साथ गाली-गलौज की और जबरन उसे अपनी चारपहिया वाहन में बैठाकर ले गए। राजेंद्र ने इसकी जानकारी हरिनंदन के बड़े भाई बम भोला राजवाड़े को दी। इसके बाद परिजन और गांव के अन्य लोग उसकी तलाश में निकल पड़े। कुछ देर बाद भैंसामुड़ा के पास केवरा चौक में हरिनंदन बेहोशी की हालत में मिला। उसके शरीर से खून बह रहा था और कई गंभीर चोटों के निशान थे। परिजन उसे तत्काल अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… हरिनंदन राजवाड़े हत्याकांड पर विधायक गोंदा पहुंचीं: पीड़ित परिवार से मिली शकुंतला पोर्ते, दोषियों पर कार्रवाई का दिया भरोसा
सूरजपुर में प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने ग्राम गोंदा पहुंचकर हरिनंदन राजवाड़े हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और हर संभव मदद व न्याय दिलाने का भरोसा दिया। पढ़ें पूरी खबर
