दिल्ली में पाबंदियां लागू रहेंगी:सुप्रीम कोर्ट बोला- ढील तभी जब प्रदूषण कम; राज्य सचिव बताएं कितने मजदूरों को पैसा दिया

दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में GRAP-IV को 5 दिसंबर तक बढ़ा दिया। जस्टिस अभय ओक और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा, 5 दिसंबर तक AQI लेवल में गिरावट देखने के बाद ही GRAP-IV उपायों में ढील दी जाएगी। इसके साथ ही कोर्ट ने NCR राज्यों दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और यूपी के मुख्य सचिवों को 5 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा, सचिवों को बताना पड़ेगा कि GRAP-IV उपाय लागू होने के बाद कितने कंस्ट्रक्शन मजदूरों को भुगतान दिया गया। दरअसल GRAP-IV के तहत कंस्ट्रक्शन और डेवलेपमेंट गतिविधियों पर रोक रहती है। ऐसे में कोर्ट ने आदेश दिया था कि काम बंद होने पर मजदूरों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ेगा। इसलिए उन्हें आर्थिक मदद दी जानी चाहिए। दिल्ली सरकार ने बताया कि उन्होंने 90,000 कंस्ट्रक्शन मजदूरों को तत्काल 5,000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। कुल 13 लाख मजदूर हैं, फिलहाल समस्या वैरिफिकेशन की है। कोर्ट रूम LIVE: याचिकाकर्ता के वकील: अधिकारियों पर मुकदमा न चलाए जाने के कारण GRAP सही से लागू नहीं हो पा रहा है। वैसे भी यह एक आपातकालीन उपाय है। समस्या को रोकने के लिए कोई नीति नहीं है। वकील: कुछ इलाके नो मैन्स लैंड हैं। लगभग 7-8 ट्रक लकड़ी, सीमेंट ब्लॉक जैसी भारी सामग्री ले जा रहे थे और हमने हरियाणा और दिल्ली के बैरिकेड्स के बीच उन्हें रोका। यह पूछने पर कि वे किस राज्य के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, दोनों राज्य के अधिकारियों ने इनकार कर दिया कि यह क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। वकील: स्थानीय पुलिस को पहले से सूचित करना भी बेकार है। उनके पास व्हाट्सएप ग्रुप हैं जो कोर्ट कमिश्नरों के ठिकाने के बारे में लाइव अपडेट देते हैं। जस्टिस ओका: प्रत्येक एंट्री पॉइंट पर दिल्ली सरकार के कितने अधिकारी हैं? वकील: मेरे पास डेटा नहीं है, लेकिन हमने प्रत्येक स्थानीय आयुक्त के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। जस्टिस ओका: AQI अभी भी स्टेबल नहीं है। यह बढ़ गया है। हम आपके सुझावों पर गौर करेंगे लेकिन आज हम इसमें ढील नहीं देंगे। वकील: यदि GRAP-4 लागू होता है तो मैं उन लोगों के लिए चिंतित हूं जो कंस्ट्रक्शन साइट में काम करते हैं। सरकारी वकील: संबंधित मंत्री ने 90,000 कंस्ट्रक्शन मजदूरों को तत्काल 5,000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। कुल 13 लाख मजदूर हैं, फिलहाल समस्या वैरिफिकेशन की है। जस्टिस ओका: हमें इस बात का सबूत चाहिए कि भुगतान हो चुका है या नहीं। सरकारी वकील: निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आदेश: यह सामने आया है कि NCR राज्यों दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और यूपी में से किसी ने भी कंस्ट्रक्शन मजदूरों को भुगतान के संबंध में आदेश का पालन करने की सूचना नहीं दी है। किसी भी राज्य ने हमें यह नहीं बताया कि अभी तक किसी को भुगतान किया गया है। हम इन राज्यों के मुख्य सचिवों को 5 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने का निर्देश देते हैं। पिछली सुनवाई और कोर्ट के बयान… AQI 400 के पार पहुंचने पर GRAP लगाया जाता है
हवा के प्रदूषण स्तर की जांच करने के लिए इसे 4 कैटेगरी में बांटा गया है। हर स्तर के लिए पैमाने और उपाय तय हैं। इसे ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) कहते हैं। इसकी 4 कैटेगरी के तहत सरकार पाबंदियां लगाती है और प्रदूषण कम करने के उपाय जारी करती है। ग्रेप के स्टेज प्रदूषण से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट की ये खबर भी पढ़ें… पूर्व CJI ने वायु प्रदूषण के चलते मॉर्निंग वॉक बंद की; कहा था- खराब हवा में सांस लेने डॉक्टर ने मना किया पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा था कि दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते उन्होंने मॉर्निंग वॉक पर जाना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके डॉक्टर ने उन्हें सुबह की सैर पर जाने को मना किया है, क्योंकि खराब हवा के चलते सांस संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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