मंगलवार देर रात तेलीबांधा में हार्डवेयर दुकान से ऑक्टोपस बार आगजनी की घटना हुई। आग हार्डवेयर दुकान में लगी, जो बगल के ऑक्टोपस बार में पहुंची। समय रहते फायर सेफ्टी अलार्म और स्प्रिंकलर शुरू हो गए, जिससे यहां ठहरे 4 गेस्ट और स्टाफ बाहर निकल आए। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। हार्डवेयर दुकान में रखे थिनर, पेंट और बार में लगे फेब्रिकेशन के कारण आगजनी पर काबू पाना चुनौती हो गया। रात 1.30 बजे से शुरू हुआ अभियान दोपहर 12.30 बजे खत्म हुआ। आग बुझाने में 13 दमकल लगाए गए थे। हालांकि देर शाम 4.30 बजे तक घटनास्थल से धुआं देखने को मिला। आग न भड़के, इसके लिए फायर ब्रिगेड टीम को कंट्रोल रूम से शाम को भी एक बार सूचना मिली। इसपर टीम मौके पर तैनात नही। ऑक्टोपस बार में लगा फायर अलार्म और स्प्रिंकलर आग लगते ही सक्रिय हो गया। होटल में ठहरे चारों गेस्ट और स्टाफ तत्काल बाहर निकल आए। दिसंबर में ही बार के फायर सेफ्टी सिस्टम का ऑडिट हुआ था। गोवा अग्निकांड के बाद लगे सिस्टम से अलर्ट मिला दिसंबर में गोवा के एक नाइटक्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद रायपुर समेत प्रदेशभर में फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया गया। फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने के बाद ही एनओसी देने की सख्ती की गई। रायपुर के करीब 150 होटल, रेस्टोरेंट और बार में सुरक्षा उपकरण लगाए गए। ऑक्टोपस बार में सक्रिय अलार्म और स्प्रिंकलर के कारण गेस्ट और स्टाफ को समय रहते बाहर निकलने का मौका मिला। पेंट, थिनर और फैब्रिकेशन से आग बुझाने में कठिनाई आई बार में अलार्म व स्प्रिंकलर समेत सभी फायर सेफ्टी उपकरण काम कर रहे थे। पेंट, थिनर और फैब्रिकेशन से आग बुझाने में कठिनाई आई।
-पुष्पराज सिंह, जिला सेनानी
सूचना मिलते ही भोजनालय पहुंचा। वहां सो रहे 4 कर्मियों को जगाकर बाहर निकाला, सिलेंडर भी सुरक्षित हटा दिए।
-बॉबी तोलानी, संचालक, ज्योति भोजनालय
अलार्म व स्प्रिंकलर समय पर सक्रिय हो गए। स्टाफ बाहर निकल आए। सिलेंडर हटाए गए। जनहानि नहीं।
-बॉबी गरचा, संचालक, ऑक्टोपस बार एंड रेस्टोरेंट बार के चार कमरे, लिफ्ट और रिसेप्शन खाक: आग से ऑक्टोपस बार की पहली मंजिल के चार कमरे, लिफ्ट, एसी और रिसेप्शन पूरी तरह जल गए। ग्राउंड फ्लोर का करीब 20 फीट हिस्सा भी खाक हो गया। बार के बाहरी हिस्से में लगे फैब्रिकेशन के कारण दमकलकर्मियों को आग तक पहुंचने में परेशानी हुई। सबसे ज्यादा नुकसान सुंदरानी हार्डवेयर में बताया जा रहा है। इधर, अंबेडकर अस्पताल में बड़ी लापरवाही… स्प्रिंकलर सिस्टम फेल अंबेडकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में हुई आगजनी की घटना में प्रबंधन की भारी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम और स्प्रिंकलर लगे होने का दावा तो करती है, लेकिन आग लगने के दौरान स्प्रिंकलर नहीं चले। अस्पताल के स्प्रिंकलर सिस्टम पूरी तरह से फेल रहे। यही नहीं धुआं निकालने के लिए हाई कैपेसिटी स्मोक ब्लोअर भी उपलब्ध नहीं था। ऐसे में धुंआ बाहर निकालने के लिए कूलर का सहारा लिया गया। यही नहीं अस्पताल के कुछ हिस्सों में ऐसे फायर एक्सटिंगिवीशर मिले, जिनकी वैधता (रीफिल/एक्सपायरी अवधि) समाप्त हो चुकी थी। इधर, घटना के बाद एसडीआरएफ की टीम ने अस्पताल प्रबंधन को कई सुझाव दिए हैं। फायर अफसर पुष्पराज सिंह ने अस्पताल प्रबंधन को फायर सेफ्टी मजबूत करने कहा है। इधर प्रबंधन ने आगजनी की घटना की समीक्षा की।
