बिलासपुर सेंट्रल जेल में बुधवार को डबल मर्डर के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी ने सुसाइड कर लिया। बंदी ने जेल परिसर में गैसीफायर प्लांट की जलती भट्टी में छलांग लगा दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान राहुल ऊर्फ विकेश कंवर (46) के रूप में हुई है, जो बम्हनीडीह चांपा का रहने वाला था। राहुल पिछले 10 साल से जेल में बंद था। बता दें कि बिलासपुर सेंट्रल जेल में पिछले एक महीने में 5 बंदियों की मौत हो चुकी है। 23 जून को पॉक्सो के आरोपी नीलू जगत की हत्या जेल के भीतर हुई थी। इसके बाद रायगढ़ निवासी आजीवन कारावास की सजा काट रहे रामभरोसे माझी की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हुई। जून में ही गतौरा निवासी राजू गोंड और उससे पहले धर्मेंद्र सिंह की भी जेल में मौत हुई थी। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल और SSP रजनेश सिंह सहित पुलिस अफसरों की टीम सेंट्रल जेल पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण कर जेल अधिकारियों से जानकारी ली। FSL और पुलिस की टीम भी जांच में जुट गई है। पहले देखिए ये तस्वीरें- लकड़ियों से गैस बनती है, उसी गैसीफायर की भट्ठी में कूदा जेल परिसर में स्थापित गैसीफायर प्लांट में लकड़ियां डालकर गैस तैयार की जाती है। इसी गैस का उपयोग जेल की रसोई में कैदियों का भोजन पकाने के लिए किया जाता है। बताया जा रहा है कि प्लांट की भट्ठी उस समय चालू थी। इसी दौरान कैदी अचानक वहां पहुंचा और देखते ही देखते जलती भट्ठी में कूद गया। जब तक जेलकर्मी उसे बचाने का प्रयास करते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पहले भी सुर्खियों में रही है सेंट्रल जेल बिलासपुर सेंट्रल जेल पहले भी कई गंभीर घटनाओं को लेकर चर्चा में रही है। जेल के भीतर बंदियों के बीच मारपीट, संदिग्ध मौत, मोबाइल बरामदगी, नशे का सामान मिलने और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही जैसे मामलों पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ताजा घटना ने एक बार फिर जेल प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कलेक्टर बोले- मामले की जांच जारी मौके पर पहुंचे कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि बंदी किचन में गैसीफायर में कूद गया। वह दो मर्डर के केस में आजीवान कारावास की सजा काट रहा था। 10 साल से जेल में बंद था। मामले की जांच की जा रही है। ……………… छत्तीसगढ़ की ये खबर भी पढ़ें… पैरोल से फरार हत्या का दोषी 6 साल बाद गिरफ्तार: कोरबा के औद्योगिक संयंत्र में कर रहा था नौकरी, दूसरे भाई की तलाश जारी कोरबा जिले में पैरोल पर रिहा होने के बाद फरार हुए हत्या के एक दोषी को पुलिस ने करीब छह साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। हैरानी की बात यह है कि फरारी के दौरान वह एक औद्योगिक संयंत्र की ठेका कंपनी में काम कर रहा था। पढ़िए पूरी खबर
