अडाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज ने 29 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। इस तिमाही में कंपनी को ₹1,160 करोड़ का कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹885 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ था। कंपनी के इस घाटे की मुख्य वजह अमेरिकी ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) को किया गया सेटलमेंट पेमेंट है। हालांकि, इस दौरान कंपनी की कमाई और ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में मजबूती दर्ज की गई है। कंपनी के जून तिमाही के नतीजों की मुख्य बातें कंपनी को घाटा होने की क्या वजह है? कंपनी को जून तिमाही में हुए नेट लॉस का सबसे बड़ा कारण एक वन-टाइम यानी एकमुश्त खर्च है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने अमेरिकी एजेंसी ‘ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल’ (OFAC) को ₹2,644 करोड़ का सेटलमेंट अमाउंट चुकाया है। इसी ₹2,644 करोड़ के वन-टाइम लॉस के एडजस्टमेंट के कारण कंपनी का बॉटम-लाइन (शुद्ध मुनाफा) प्रभावित हुआ और यह मुनाफे से घटकर घाटे में बदल गया। वन-टाइम सेटलमेंट लॉस के बावजूद कंपनी के कोर बिजनेस ऑपरेशंस में ग्रोथ देखने को मिली है। क्या है OFAC और EBITDA? अमेरिकी ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC): यह अमेरिका के ट्रेजरी विभाग (वित्त मंत्रालय) की एक वित्तीय खुफिया और प्रवर्तन एजेंसी है। यह अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लक्ष्यों के आधार पर आर्थिक व व्यापारिक प्रतिबंधों को लागू और प्रबंधित करती है। EBITDA: इसका फुल फॉर्म अर्निंग बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेस, डेप्रिसिएशन एंड अमोर्टाइजेशन होता है। यह कंपनी की मुख्य कारोबारी कमाई और ऑपरेटिंग क्षमता को दर्शाता है, जिसमें से ब्याज, टैक्स और संपत्ति के मूल्य में गिरावट (डेप्रिसिएशन) को नहीं घटाया जाता। कॉन्सोलिडेटेड मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। 1988 में अडाणी एंटरप्राइजेज की स्थापना हुई थी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड अडाणी ग्रुप की कंपनियों का एक हिस्सा है। 1988 में गौतम अडाणी ने एंटरप्राइजेज की स्थापना की थी। कंपनी के चेयरमैन गौतम अडाणी, मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश अडाणी और CEO विनय प्रकाश हैं। कंपनी एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। अडाणी एंटरप्राइजेज देश का सबसे बड़ बिजनेस इनक्यूबेटर है। यह कंपनी एनर्जी एंड यूटिलिटी, ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्टिक्स, कंज्यूमर गुड्स और प्राइमरी इंडस्ट्री के क्षेत्र में काम करती है। ये खबर भी पढ़ें… अडाणी पोर्ट्स का मुनाफा 10% बढ़कर ₹3,650 करोड़ हुआ: पहली तिमाही में रेवेन्यू 19% बढ़ा; कंपनी को घरेलू पोर्ट्स कारोबार से फायदा मिला अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। मजबूत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारोबार के दम पर कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10% बढ़कर 3,650 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 3,311 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। कंपनी की ऑपरेशंस से होने वाली कमाई में भी 19% की बढ़त दर्ज की गई है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 10,821 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 9,126 करोड़ रुपए था। पूरी खबर पढ़ें…
